भूटान में स्वर्ण पदक जीतने वाले 7 युवा चैंपियनों ने देश का नाम किया रोशन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दिया सम्मान
मुंबई की चॉल में पले-बढ़े सात युवा खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है. भूटान में आयोजित दक्षिण एशियाई बॉक्स लंगड़ी चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक अपने नाम किए और भारत को चैंपियनशिप ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई. महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और विधायक रविंद्र चव्हाण ने इन सातों खिलाड़ियों की उपलब्धि का संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी सराहना की और उनके संघर्ष एवं सफलता को सम्मान दिया.
चॉल की गलियों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
इन खिलाड़ियों की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि इन्होंने बेहद सीमित सुविधाओं के बीच अपनी प्रतिभा को निखारा. चॉल की संकरी जगहों और सार्वजनिक मैदानों में अभ्यास करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने तक का उनका सफर मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की मिसाल है. आर्थिक कठिनाइयों और पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव के बावजूद इन खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी. अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने भूटान में आयोजित दक्षिण एशियाई बॉक्स लंगड़ी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए गौरव हासिल किया.
रविंद्र चव्हाण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी बधाई
इन खिलाड़ियों की उपलब्धि अब तक व्यापक स्तर पर चर्चा में नहीं आई थी. ऐसे में रविंद्र चव्हाण द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी उपलब्धि को सामने लाने और सराहना करने के बाद यह मामला चर्चा में आया है. चैंपियनशिप में भारत के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में विराज भिलारे, गौरव सोनावणे, ऋग्वेद राहुल मोहिते, प्रथमेश चव्हाण, श्री धाधम, प्रथमेश पगारे और ऋषभ इंगळे शामिल हैं. इन सातों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत सफलता दिलाई, बल्कि भारत को चैंपियनशिप ट्रॉफी दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. रविंद्र चव्हाण की इस पहल को खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धि को पहचान देने वाली संवेदनशील पहल के तौर पर देखा जा रहा है. चॉल और सामान्य परिवारों से आने वाले इन युवाओं की सफलता उन तमाम खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं.
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