Vrindavan में Omaxe Mall की निर्माणाधीन इमारत में शटरिंग गिरी, 3 मजदूरों की मौत
वृंदावन में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शटरिंग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ओमैक्स के महाप्रबंधक आर. के. जैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे वृंदावन कोतवाली थाना क्षेत्र के रुक्मिणी विहार इलाके में स्थित ओमैक्स मॉल निर्माण स्थल पर हुई।
उस समय मजदूर चौथी मंजिल पर बाहर निकले हुए स्लैब के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। शटरिंग गिर जाने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया।
पुलिस व दमकल विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायलों को मलबे में से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नेपाल निवासी मजदूर शिवराम (42) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के रफीकुल और आलम (दोनों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच) के रूप में की गई है। दिलदार सिंह (40) की स्थिति बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। अन्य कई मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छानबीन कर ली है और अब कोई अन्य मजदूर वहां दबा हुआ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शटरिंग गिरने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर मौजूद ओमैक्स के महाप्रबंधक जैन ने भी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा उपचार और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मॉल का निर्माण करने वाली निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि चन्द्रशेखर शुक्ला ने एक बयान में घोषणा की कि कंपनी तीन मृत श्रमिकों में से प्रत्येक के परिजनों को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सभी घायलों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनके आश्रितों को दो लाख रुपये प्रदान करेगी।
मृतकों के परिजन प्रत्येक परिवार के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की जा रही थी, लेकिन इसकी गहन जांच की आवश्यकता है कि यह घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस जांच की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा रही है।
सिंह ने कहा कि जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ-साथ निर्माण के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि क्या शटरिंग तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार स्थापित की गई थी और क्या श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी।
Ranchi में भर्ती परीक्षा विवाद पर प्रदर्शन, छात्रों की पुलिस से झड़प
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की तथा उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार पर अभ्यर्थियों को धोखा देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 11वीं से 13वीं जेएसएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल के जरिए की गयी नियुक्तियों को रद्द करने वाली कुछ अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने के लिए अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए। जब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो झड़प हो गई... झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद थे।’’ लालपुर थाने के प्रभारी रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा तयशुदा रास्ता बदलने और यातायात बाधित करने के बाद झड़प हुई। सिंह ने कहा, ‘‘छात्रों ने मार्च और पुतला दहन के लिए तय किए गए मार्ग को बदल दिया... वे जेपीएससी कार्यालय गए और वहां यातायात ठप कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित रास्ते का पालन करने के हमारे अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया।’’ छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांतिपूर्ण मार्च निकालने से रोकने की कोशिश की। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, वे हमें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकते। एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने दावा किया कि मंच की कोर कमेटी के सदस्यों में से एक कुणाल को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन वह बेहोश हो गए और बाद में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की। हजारीबाग और गिरिडीह से भी इसी तरह की झड़पों की सूचना मिली है, जहां झामुमो कार्यकर्ताओं और सोरेन का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे छात्रों के बीच झड़पें हुईं। इस बीच, जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह 24 अगस्त से ‘‘भर्ती प्रणाली सुधार यात्रा’’ शुरू करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने से जुड़े मामलों का उच्च न्यायालय में मजबूती से बचाव नहीं कर रही है। उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में नाकाम रहती है, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाएंगे।
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