Lucknow Double Murder: क्यों SBI अफसर ने 30 मिनट में खत्म किया पूरा परिवार! |Pragya Mishra |UP News
Lucknow Double Murder: लखनऊ में दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ SBI में फील्ड ऑफिसर मानस वाजपेयी ने 30 मिनट के भीतर पूरा परिवार खत्म कर दिया। मानस ने पहले अपनी बैंक मैनेजर पत्नी दिव्या मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की, फिर घर जाकर अपनी मानसिक रूप से बीमार बहन शीबा की जान ली और अंत में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। दिव्या मिश्रा मशहूर यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में तलाक की सुनवाई के दौरान डेढ़ करोड़ रुपए के गुजारा-भत्ते (एलिमनी) और ननद को साथ रखने को लेकर उपजे विवाद के बाद मानस ने 3 असलहे खरीदकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वहीं प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर मानस पर घरेलू हिंसा, क्रूरता और साइको होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए लखनऊ हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन और इनसाइड स्टोरी! Lucknow Double Murder: A shocking and sensational case has come to light in Lucknow, where SBI field officer Manas Vajpayee killed his entire family within 30 minutes. Manas first shot his bank manager wife, Divya Mishra, in broad daylight, then went home and killed his mentally ill sister, Sheeba, and finally committed suicide by shooting himself. Divya Mishra was the sister of famous YouTuber Pragya Mishra. Police investigations have revealed that Manas purchased three weapons and carried out this horrific crime after a dispute arose during a divorce hearing in the family court on August 18th over alimony of ₹1.5 crore and the accommodation of his sister-in-law. Meanwhile, Pragya Mishra has written an emotional post on social media, accusing Manas of domestic violence, cruelty, and being a psychopath. Learn the full timeline and inside story of the Lucknow murder case! #LucknowCrime #DivyaMishraMurder #PragyaMishra #ManasBajpai #LucknowMurderCase #UPCrimeNews #ICICIBankManagerMurder #BreakingNews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
FDI नियमों में ढील के बाद चीन की आंशिक हिस्सेदारी वाले 4,895 करोड़ रुपये के 29 प्रस्ताव आए
चीन की 10 प्रतिशत तक हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को मई में स्वचालित मार्ग से भारत में निवेश की अनुमति दिए जाने के बाद से अब तक करीब 4,895.65 करोड़ रुपये के 29 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्ताव सामने आए हैं। शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि 20 अगस्त, 2026 तक संशोधित व्यवस्था के तहत 29 एफडीआई निवेश की सूचना मिली है, जिनमें प्रस्तावित निवेश 4,895.65 करोड़ रुपये का है।
मई से पहले ऐसी कंपनियों में भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले किसी देश के व्यक्ति या कंपनी की मामूली हिस्सेदारी होने पर भी भारत में निवेश के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी थी। संबंधित पक्षों की मांग के बाद सरकार ने मई में एफडीआई संबंधी नियमों में बदलाव किया था। संशोधित व्यवस्था के तहत 10 प्रतिशत तक चीन या हांगकांग की हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियां उन क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग से निवेश कर सकती हैं, जहां क्षेत्रवार शर्तों के अधीन इस मार्ग से एफडीआई की अनुमति है।
हालांकि, यह छूट चीन, हांगकांग या भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले अन्य देशों में पंजीकृत कंपनियों पर लागू नहीं है। भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले देशों में चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमा और अफगानिस्तान शामिल हैं। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत नियमों में बदलाव की अधिसूचना एक मई, 2026 को जारी की थी।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये 29 निवेश प्रस्ताव सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा, सूचना एवं संचार, विनिर्माण, दवा, डेटा सेंटर और परिवहन सेवाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। निवेशकों या संबंधित इकाइयों का आधार मॉरीशस, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर, लक्जमबर्ग और केमैन आइलैंड्स समेत विभिन्न क्षेत्रों में है। मंत्रालय ने कहा कि संशोधित व्यवस्था से ऐसे मामलों में पहले से सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत खत्म होने से भारत में विदेशी निवेश का प्रवाह सुगम और तेज हुआ है।
इससे निवेशकों को अधिक निश्चितता मिली है, लेनदेन में लगने वाला समय कम हुआ है और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिला है। मंत्रालय ने कहा कि 2026 के प्रेस नोट 2 और इसके बाद विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 में एक मई को अधिसूचित संशोधन के तहत लाभकारी स्वामित्व की जांच अब निवेशक इकाई के स्तर पर की जाती है। संबंधित जानकारी सरकार को देने के बाद निवेशक इकाई किसी अन्य मंजूरी के बिना स्वचालित मार्ग से निवेश कर सकती है।
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