Explainer: महाकाली में अक्षय खन्ना बनेंगे शुक्राचार्य, जानिए कितने शक्तिशाली थे ये असुरों के गुरु
Akshaye Khanna Shukracharya Role: अक्षय खन्ना एक बार फिर अपने बिल्कुल अलग अवतार से दर्शकों को हैरान करने वाले हैं. 'छावा' में औरंगजेब और 'धुरंधर' में रहमान डकैत जैसा रोल प्ले करने के बाद अब एक्टर पौराणिक दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं. अक्षय खन्ना जल्द ही फिल्म 'महाकाली' में असुरों के गुरु शुक्राचार्य का किरदार निभाते नजर आएंगे. फिल्म से उनका फर्स्ट लुक सामने भी आ गया है, जो सोशल मीडिया पर छा गया है.
अक्षय खन्ना का लुक वायरल
'महाकाली' से अक्षय खन्ना का जो लुक सामने आया है उसमें उनके लंबे सफेद बाल, दाढ़ी और जटाएं दिखाई दे रही हैं. उनका लुक काफी गंभीर और रहस्यमयी रखा गया है. साधु के कपड़ों में उनका अंदाज देखकर साफ लगता है कि फिल्म में उनका रोल काफी शक्तिशाली होने वाला है. मेकर्स ने अक्षय के इस लुक के जरिए शुक्राचार्य को सिर्फ एक ऋषि नहीं, बल्कि असुरों के बेहद शक्तिशाली गुरु के तौर पर दिखाया है. बता दें, 'महाकाली' से अक्षय खन्ना तेलुगु सिनेमा में एंट्री करने जा रहे हैं.
कौन थे शुक्राचार्य?
बता दें, हिंदू पौराणिक कथाओं में शुक्राचार्य को असुरों का गुरु और मार्गदर्शक माना जाता है. जिस तरह देवताओं के गुरु बृहस्पति माने जाते हैं, उसी तरह असुरों के गुरु शुक्राचार्य थे. पौराणिक कथाओं में उन्हें बेहद विद्वान, तपस्वी, रणनीतिकार और कई तरह की विद्याओं का ज्ञाता बताया गया है. उनके पास ऐसी शक्तियां थीं, जिनकी वजह से देवताओं के लिए असुरों को हराना भी कई बार मुश्किल हो जाता था. शुक्राचार्य को उशनास और काव्य नाम से भी जाना जाता है और उनका संबंध भृगु वंश से बताया जाता है. कुछ पौराणिक परंपराओं में देवी लक्ष्मी को भी उनके परिवार से जोड़ा जाता है.
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— RKD Studios (@RKDStudios) August 19, 2026
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कैसे बने असुरों के गुरु?
शुक्राचार्य की कहानी सिर्फ देवताओं और असुरों के बीच की लड़ाई तक सीमित नहीं है. उनके असुरों का गुरु बनने के पीछे भी कई पौराणिक प्रसंग बताए जाते हैं. एक मान्यता के अनुसार, शुक्राचार्य देवताओं के गुरु बृहस्पति की तरह ही महान विद्वान थे, लेकिन देवताओं और असुरों के बीच भेदभाव को लेकर उनके विचार अलग थे. बाद में उन्होंने असुरों का मार्गदर्शन स्वीकार किया और उन्हें युद्ध, राजनीति, कूटनीति तथा अलग-अलग विद्याओं की शिक्षा दी. ऐसे में जब भी असुरों को कोई बड़ी समस्या आती, तो वो शुक्राचार्य की शरण में जाते थे. वो केवल युद्ध में उनकी मदद नहीं करते थे, बल्कि उन्हें रणनीति भी बताते थे.
सबसे बड़ी शक्ति 'संजीवनी विद्या'
शुक्राचार्य को सबसे ज्यादा जिस शक्ति के लिए जाना जाता है, वो मृत-संजीवनी विद्या थी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, शुक्राचार्य ने भगवान शिव की कठोर तपस्या करके ऐसी विद्या प्राप्त की थी, जिसके जरिए मृत व्यक्ति को फिर से जिंता किया जा सकता था. इसी वजह से देवताओं और असुरों के बीच युद्ध में शुक्राचार्य का रोल बेहद जरूरी माना जाता है. कई बार युद्ध में शुक्राचार्य की मदद से सुरों की ताकत बार-बार वापस आ जाती थी और ये देवताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती थी.
क्यों माना जाता है इतना बुद्धिमान?
शुक्राचार्य सिर्फ मंत्र और तपस्या के लिए ही फेमस नहीं थे. पौराणिक कथाओं में उन्हें राजनीति, कूटनीति, ज्योतिष, दवाओं और युद्ध की रणनीति का भी अच्छा जानकार बताया गया है. उनके ज्ञान से जुड़ी 'शुक्र नीति' का भी जिक्र मिलता है, जिसमें राजा को शासन चलाने, समाज और जीवन से जुड़े कई जरूरी बातें बताई गई हैं. इसके अलावा शुक्राचार्य की ताकत सिर्फ उनकी दिव्य शक्तियों में नहीं थी, बल्कि उनकी बुद्धि भी बहुत तेज थी. वो जानते थे कि किसी दुश्मन से कब लड़ना है, कब पीछे हटना है और कब अपनी रणनीति बदलनी है.
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क्या शुक्राचार्य विलेन थे?
शुक्राचार्य को अक्सर फिल्मों और टीवी शोज में असुरों के गुरु होने की वजह से विलेन के तौर पर दिखाया जाता है. लेकिन पौराणिक कहानियों में उनका किरदार इतना सीधा नहीं है. वो अपने शिष्यों के लिए पूरी तरह वफादार थे और हमेशा उन्हें सही रास्ता दिखाने और मजबूत बनाने की कोशिश करते थे. ऐसे में उन्हें सिर्फ 'विलेन' कहना सही नहीं होगा. वो अपने पक्ष और अपने शिष्यों के लिए पूरी तरह समर्पित थे.इसी वजह से उनकी कहानी में ज्ञान, राजनीति, रणनीति और शक्ति सभी देखने को मिलती हैं.
फिल्म महाकाली के बारे में
वहीं, अब फिल्म 'महाकाली' की बात करे तो ये फिल्म प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स के बनैर तले बनाई जा रही है. इस यूनिवर्स की शुरुआत तेजा सज्जा की सुपरहीरो फिल्म 'हनु-मान' से हुई थी. इसके बाद 'जय हनुमान' और 'अधीरा' जैसे प्रोजेक्ट्स भी इस यूनिवर्स का हिस्सा हैं. 'महाकाली' की खास बात यह है कि इसमें भारतीय पौराणिक कथाओं को सुपरहीरो और फैंटेसी एलिमेंट्स के साथ पेश करने की कोशिश की जा रही है. फिल्म में भूमि शेट्टी लीड रोल में हैं और वो महाकाली के रोल में नजर आएंगी. वहीं, अक्षय खन्ना इसमें असुर गुरु शुक्राचार्य का रोल प्ले करेंगे. इसका निर्देशन पूजा अपर्णा कोल्लुरु कर रही हैं.
#PrashanthVarma's Upcoming Movie #mahakali Lead is our Kannada Hudgi Bhoomi Shetty ????????. pic.twitter.com/jLu1107DkG
— Sidಅರ್ಥ (@SidNeregal) October 30, 2025
अक्षय खन्ना के लिए खास है 'महाकाली'
अक्षय खन्ना ने अपने करियर में रोमांटिक, कॉमेडी, ड्रामा और नेगेटिव जैसे कई तरह के रोल प्ले किए हैं. लेकिन शुक्राचार्य का रोल उनके लिए काफी अलग होने वाला है. 'छावा' में औरंगजेब के किरदार के बाद एक बार फिर अक्षय का लुक पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. शुक्राचार्य एक तरफ शांत और तपस्वी हैं, तो दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर बेहद खतरनाक रणनीति बना सकते हैं. उनके पास ज्ञान के साथ संजीवनी विद्या जैसी शक्ति भी थी. ऐसे में अक्षय खन्ना की गंभीर एक्टिंग और उनका दमदार अंदाज इस किरदार को पर्दे पर और खास बना सकता है और फैंस उन्हें इस रोल में देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं.
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सिंगापुर दौरे के दौरान वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुखों से मिले पीयूष गोयल, भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेश अवसरों को किया रेखांकित
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिंगापुर दौरे के दौरान कई वैश्विक कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात कर भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, निवेश केंद्रित सुधारों और विभिन्न क्षेत्रों में उभर रहे अवसरों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत आज दीर्घकालिक निवेश और वैश्विक साझेदारी के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बनता जा रहा है।
पीयूष गोयल ने सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दिलहान सांद्रासेगारा से मुलाकात की। इस दौरान भारत और टेमासेक के बीच निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने तथा भारत की विकास यात्रा में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
गोयल ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद, निवेश को प्रोत्साहित करने वाले सुधार और विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते अवसर वैश्विक निवेशकों के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करते हैं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के अध्यक्ष मार्क ली के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत और सिंगापुर के बीच उद्योग जगत के सहयोग को और मजबूत करने तथा व्यापार एवं निवेश संबंधों को विस्तार देने के अवसरों पर चर्चा की।
गोयल ने कहा कि दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय मजबूत आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने, नए अवसर पैदा करने और निवेश बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सिंगापुर में पीयूष गोयल ने फोर्टिस हेल्थकेयर के अध्यक्ष लियो पुरी और आईएचएच हेल्थकेयर के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. प्रेम नायर से भी मुलाकात की।
बैठक में भारत और सिंगापुर के बीच स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सा प्रौद्योगिकी और निवेश सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
गोयल ने कहा कि भारत का तेजी से विकसित हो रहा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र वैश्विक निवेशकों और संस्थाओं के लिए बड़े अवसर प्रदान कर रहा है। देश में स्वास्थ्य अवसंरचना (हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार और बढ़ती मांग के कारण यह क्षेत्र निवेश के लिए बेहद आकर्षक बन गया है।
मंत्री ने टर्नर एंड टाउनसेंड एशिया-प्रशांत के प्रबंध निदेशक ब्रायन शप्ट्राइन से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचा क्षेत्र और वैश्विक निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
गोयल ने कहा कि भारत की निवेश-आधारित विकास रणनीति अवसंरचना तथा उससे जुड़े क्षेत्रों में लगातार नए अवसर पैदा कर रही है। परिवहन, शहरी विकास, औद्योगिक गलियारे और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं।
इससे पहले पीयूष गोयल ने भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम में भी भाग लिया था, जहां उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति, निवेश अवसरों और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने व्यापारिक वातावरण को अधिक निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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