Bhavnagar में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा 8 पहुंचा, 39 लोग भर्ती और 13 तस्कर गिरफ्तार
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है जबकि 39 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 13 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें 31 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
उप मंडल मजिस्ट्रेट अक्षर व्यास ने कहा, जहरीली शराब मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि 39 लोगों का शहर के सरकारी सर टी अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गुजरात एक शराब-मुक्त राज्य है जहां शराब के उत्पादन, बिक्री और उसके सेवन पर पाबंदी है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों ने इंडियन मेड फॉरेन लीकर (आईएमएफएल) नामक मशहूर ब्रांड की ‘नकली’ बोतलों में भरी गई जहरीली शराब का सेवन किया था।
राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) के पुलिस अधीक्षक मयूरसिंह चावड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि जहरीली शराब मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे रईस को मध्य प्रदेश के उज्जैन से हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले की जांच एसएमसी को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों में से एक, मध्य प्रदेश के रहने वाले नरेंद्र यादव की मौत उसी नकली शराब को पीने से हो गई, जिसे बनाने में वह शामिल था।
चावड़ा ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब वरतेज थाना क्षेत्र के खरकड़ी गांव में एक व्यक्ति की जहरीले रसायनयुक्त शराब पीने से मौत हो गई। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के रक्त नमूनों की जांच में मेथनॉल की मौजूदगी पाई गई है।
यह वही रसायन है, जिसे एथनॉल और अन्य रसायनों के साथ मिलाकर जहरीली शराब बनाई जाती थी। यह शराब गिरफ्तार आरोपी गौतम सोलंकी के घर पर तैयार की गई थी। चावड़ा ने कहा, जहरीली शराब भावनगर में सोलंकी के घर पर बनाई गई थी।
इसके लिए कच्चा माल अन्य स्थानों से भावनगर लाया गया था। एक अन्य आरोपी नरेंद्र यादव एक-दो दिन के लिए मध्य प्रदेश से आया था और शराब बनाने की प्रक्रिया में शामिल था। उसने सबसे पहले इस जहरीली शराब का सेवन किया था और पीने के बाद उसकी मौत हो गई।
उनके अनुसार, एसएमसी की टीमें मध्य प्रदेश और दिल्ली भी भेजी गई हैं, जहां से गुजरात को कच्चे माल की आपूर्ति किए जाने की संभावना थी।
Zoramthanga को Gauhati University से 60 साल बाद मिला BA डिग्री प्रमाणपत्र
मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री और मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष जोरामथांगा ने बृहस्पतिवार को गुवाहाटी विश्वविद्यालय से अपनी कला स्नातक (बीए) की डिग्री का प्रमाणपत्र प्राप्त किया। उन्होंने लगभग छह दशक पहले अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बीए डिग्री का प्रमाणपत्र प्राप्त किया। एमएनएफ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार जोरामथांगा ने 1966 में इंफाल के धनमंजुरी (डीएम) कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी, जो उस समय गुवाहाटी विश्वविद्यालय से संबद्ध था।
बयान के अनुसार उन्हें विश्वविद्यालय के फणीधर दत्ता सेमिनार हॉल में आयोजित एक विशेष व्याख्यान-सह-संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। जोरामथांगा (82) ने डीएम कॉलेज में मुख्य विषय के रूप में अंग्रेजी की पढ़ाई की थी और अंतिम वर्ष की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने कभी अपनी डिग्री का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया था।
वह 1965 में कॉलेज के अंतिम वर्ष में औपचारिक रूप से एमएनएफ में शामिल हो गए थे। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए जोरामथांगा ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे मैं अपनी जिंदगी के सबसे मूल्यवान और यादगार पलों में से एक के रूप में हमेशा याद रखूंगा और संजोकर रखूंगा।
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