Upstox लाएगा 35-40 करोड़ डॉलर का IPO, निवेश बैंकों से शुरू की बातचीत
निवेश मंच अपस्टॉक्स ने संभावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए निवेश बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत शुरू कर दी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। कंपनी आईपीओ के जरिये 35-40 करोड़ डॉलर (करीब 3,351-3,829 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है।
सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित आईपीओ में नए शेयर के साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी शामिल हो सकती है। अपस्टॉक्स ने छह दौर के वित्त पोषण के जरिये करीब 22 करोड़ डॉलर जुटाए। कंपनी 2021 में 3.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन वाले निवेश दौर के बाद ‘यूनिकॉर्न’ (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बनी थी।
इस बीच, अपस्टॉक्स के केवाईसी पंजीकृत ग्राहकों की संख्या दो करोड़ को पार कर गई है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में अपने उपयोगकर्ता आधार को बढ़ाकर 10 करोड़ करने का है। अपस्टॉक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक रवि कुमार ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा, “बीकेसी के एक छोटे से कार्यालय में अपने पहले ग्राहक का स्वागत करने से लेकर आज दो करोड़ ग्राहकों तक पहुंचने तक हमने लंबा सफर तय किया है।” उन्होंने कहा कि कंपनी ग्राहकों को बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद करने और वित्तीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
India Core Sector growth July में बढ़कर 5.4% रही, कोयला और बिजली उत्पादन से मिला सहारा
कोयला, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में वृद्धि होने से देश के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई। बृहस्पतिवार को आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। हालांकि, यह वृद्धि जून के छह प्रतिशत के मुकाबले धीमी रही।
एक साल पहले जुलाई में इन प्रमुख क्षेत्रों का उत्पादन 3.2 प्रतिशत बढ़ा था। इस साल जून के महीने से इन आंकड़ों को नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ जारी किया जा रहा है जबकि पहले आधार वर्ष 2011-12 था। सरकार ने इस सूचकांक में लौह अयस्क को भी शामिल किया है, जिससे प्रमुख बुनियादी उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट आई। इस दौरान इस्पात उत्पादन की वृद्धि भी धीमी होकर 2.9 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई, 2025 में 15.7 प्रतिशत थी। अप्रैल-जुलाई, 2026 की अवधि में नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन 4.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत ने कहा कि प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में करीब 14 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में गिरावट जारी रही जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन की गिरावट में मासिक आधार पर कमी आई। दूसरी तरफ, सूचकांक में 53.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले लौह अयस्क, बिजली और इस्पात क्षेत्र की वृद्धि दर जून की तुलना में नरम रही। पंत ने कहा, ‘‘आधार प्रभाव की वजह से अगस्त के महीने में प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन वृद्धि और भी नरम पड़कर पांच प्रतिशत से नीचे रह सकती है।’’ रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन रुझान को देखते हुए जुलाई माह में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि जून के 7.3 प्रतिशत से घटकर करीब 6-6.5 प्रतिशत रह सकती है।
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