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फिजिकल हेल्थ- बैठने, खड़े रहने पर भी फूलती है सांस:हो सकता है डिस्प्निया, डॉक्टर से जानें यह कब खतरनाक, बचाव के लिए 6 सावधानियां

आपने देखा होगा कि कुछ लोग थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का-सा काम करने पर ही हांफने लगते हैं। ऐसा कभी-कभार हो तो सामान्य है। लेकिन बिना किसी मेहनत या मूवमेंट के अगर बैठे–बैठे भी सांस फूल रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह लंग्स, हार्ट या ब्लड से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। मेडिसिन की भाषा में इसे 'डिस्प्निया' (Dyspnea) कहते हैं। मई, 2026 में 'BMC पल्मोनरी मेडिसिन' जर्नल में पब्लिश एक स्टडी रिव्यू के मुताबिक, दुनिया में लगभग हर 5 में से 1 वयस्क डिस्प्निया से जूझ रहा है। मई, 2024 में 'नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन' में पब्लिश एक सर्वे के मुताबिक, भारत में करीब 62.6 करोड़ लोग सांस फूलने की इस समस्या से प्रभावित हैं। इनमें से लगभग 5.2 करोड़ लोगों की समस्या इतनी गंभीर है कि इसका असर उनके रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। ऐसे में समय रहते डिस्प्निया की वजह का पता लगाना और सही इलाज शुरू करना जरूरी है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज डिस्प्निया की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. (कर्नल) एस. पी. राय, कंसल्टेंट, पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई सवाल- डिस्प्निया क्या है? यह कोई बीमारी है या सिर्फ लक्षण? जवाब- जब किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है या उसकी सांस फूलती है, तो डॉक्टर इस लक्षण को ‘डिस्प्निया’ कहते हैं। यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। इसके पीछे अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), निमोनिया, एनीमिया, एंग्जाइटी, हार्ट डिजीज या फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियां हो सकती हैं। सवाल- डिस्प्निया कितने प्रकार का होता है? जवाब- डिस्प्निया मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है- 1. एक्यूट डिस्प्निया 2. क्रॉनिक डिस्प्निया सवाल- क्या हर बार और हर तरह की सांस फूलने की समस्या डिस्प्निया होती है? जवाब- नहीं, तेज दौड़ने, सीढ़ियां चढ़ने, हैवी एक्सरसाइज करने या ऊंचाई वाले इलाके में जाने पर कुछ समय के लिए सांस फूलना सामान्य है। वहीं अगर आराम की स्थिति में, बिना ज्यादा मेहनत किए बार-बार सांस फूले तो ये डिस्प्निया का संकेत हो सकता है। सवाल- डिस्प्निया क्यों होता है? जवाब- जब शरीर को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिलती या लंग्स और हार्ट को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, तब डिस्प्निया होता है। इससे व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है। सवाल- डिस्प्निया यानी सांस फूलने के पीछे क्या संभावित हेल्थ कंडीशंस हो सकती हैं? जवाब- कई हेल्थ कंडीशंस में सांस फूलने की समस्या होती है। इसके संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या डिस्प्निया हमेशा लंग्स डिजीज का संकेत होता है? जवाब- यह सिर्फ लंग्स डिजीज का संकेत नहीं होता। कई बार इसके पीछे हार्ट, ब्लड और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा एंग्जाइटी, मोटापा या फिजिकल एक्टिविटी की कमी से भी सांस फूलने की समस्या हो सकती है। सवाल- किन स्थितियों में डिस्प्निया यानी सांस फूलना नॉर्मल है? जवाब- सांस फूलना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। कुछ स्थितियों में यह बॉडी की सामान्य प्रतिक्रिया होती है। ग्राफिक में ऐसी स्थितियां देखिए- सवाल- डिस्प्निया को कब बीमारी का संकेत मानना चाहिए? जवाब- अगर बार-बार, बिना मेहनत किए या आराम की स्थिति में भी सांस फूले तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या डिस्प्निया कोई मेडिकल इमरजेंसी है? जवाब- हर बार नहीं। लेकिन कुछ स्थितियों में यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। जैसेकि- ऐसी स्थिति में तुरंत हॉस्पिटल जाना चाहिए। सवाल- किन लोगों को डिस्प्निया की समस्या ज्यादा होती है? जवाब- कुछ लोगों में डिस्प्निया का रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में हाई-रिस्क ग्रुप देखिए- सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- अगर सांस फूलने के साथ होंठ नीले पड़ना और बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। ग्राफिक में ऐसे संकेत देखिए- सवाल- डिस्प्निया की वजह पता करने के लिए डॉक्टर कौन-से टेस्ट कराते हैं? जवाब- डॉक्टर लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर जरूरत के अनुसार कुछ टेस्ट कराते हैं। इनमें शामिल हैं- पल्स ऑक्सीमीटर– ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल चेक करने के लिए। ब्लड टेस्ट– एनीमिया, इन्फेक्शन या अन्य कारणों का पता लगाने के लिए। चेस्ट एक्स-रे– लंग्स और हार्ट की स्थिति देखने के लिए। ईसीजी (ECG)– हार्ट से जुड़ी समस्याओं की जांच के लिए। इकोकार्डियोग्राफी (2D Echo)– हार्ट की फंक्शनिंग चेक करने के लिए। पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT)– लंग्स की फंक्शनिंग चेक करने के लिए। कार्डियोपल्मोनरी एक्सरसाइज टेस्ट (CPET)– एक्सरसाइज के दौरान शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत और कार्बन डाइऑक्साइड के लेवल का आकलन करने के लिए। सवाल- डिस्प्निया का इलाज क्या है? जवाब- यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। इसलिए डॉक्टर पहले सांस फूलने की वजह का पता लगाते हैं और उसी के अनुसार इलाज करते हैं। जरूरत पड़ने पर दवाएं, ऑक्सीजन थेरेपी, इनहेलर, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन या अन्य ट्रीटमेंट्स दिए जा सकते हैं। सवाल- डिस्प्निया से बचने के लिए डेली लाइफ में क्या बदलाव करें? जवाब- डिस्प्निया के रिस्क को कम करने और लंग्स व हार्ट को हेल्दी रखने के लिए कुछ अच्छी आदतें अपनाना जरूरी है। जरूरी उपाय ग्राफिक में देखिए- सवाल- कौन-सी एक्सरसाइज फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है? जवाब- रेगुलर कुछ ब्रीदिंग और हल्की एरोबिक एक्सरसाइज करने से लंग्स की फंक्शनिंग बेहतर बनी रहती है। अगर पहले से लंग्स या हार्ट डिजीज है, तो कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। प्रमुख एक्सरसाइज हैं- ध्यान रखें- ये एक्सरसाइज लंग्स को हेल्दी रखने और सांस लेने में मदद कर सकती हैं, लेकिन डिस्प्निया का इलाज नहीं हैं। लगातार सांस फूलने की स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- हर साल 10 लाख लोगों को होता पाइल्स: 10 कारणों से बढ़ता रिस्क, इन 7 संकेतों को इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं ‘रिसर्च गेट’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 4.7 करोड़ लोग पाइल्स यानी बवासीर से पीड़ित हैं। वहीं हर साल लगभग 10 लाख नए मामलों की पुष्टि होती है। इससे साफ है कि बवासीर आज एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पूरी खबर पढ़िए…

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मां के जेवर बिके तब बने साहब! आज निभा रहे बड़ी जिम्मेदारी, बेतिया के लाल ने दिल्ली में लिखी सफल कहानी

Dr. Santosh Patel Success Story: बिहार के पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के एक छोटे से शहर से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद तक पहुंचना डॉ. संतोष पटेल के लिए आसान नहीं था. साल 1996 में जब स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) में चयन के बाद उनके पास दिल्ली आने का किराया तक नहीं था, तब मां चिंता देवी ने अपने सोने के गहने बेचकर 3000 रुपये का इंतजाम किया था. 1990 के मंडल आंदोलन में लाठियां खाने वाले और दो बार असफलता के बाद इग्नू से पीएचडी पूरी करने वाले डॉ. संतोष आज दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU) में परीक्षा और बिजनेस जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित डॉ. पटेल बीते 23 वर्षों से 'भोजपुरी जन जागरण अभियान' के जरिए अपनी मातृभाषा भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं. उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. 

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IND vs SL: शुभमन गिल के पास विराट कोहली जैसा मौका, कोलंबो में 11 साल बाद दोहराई जाएगी वही कहानी?

विराट कोहली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं, जिन्होंने विदेशों में भारत को एक मजबूत टीम बनाया था. इसकी शुरुआत जहां से हुई थी, वहीं पर गिल के पास भी इतिहास दोहराने का मौका है. Sun, 23 Aug 2026 00:11:53 +0530

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Spine Health Tips: लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना Spine के लिए खतरनाक! | Spine Health Tips | #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T20:00:27+00:00

BJP Youth Team | मिशन Gen-Z.. बीजेपी की 'स्पेशल टीम' ! #ytshorts #shorts #tazakhabar #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T19:25:04+00:00
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