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PCOD Management Tips: PCOD से परेशान हैं? रोज की इन 6 आदतों से बेहतर बनाएं अपना रूटीन

PCOD Management Tips: PCOD यानी Polycystic Ovary Disease एक हार्मोन से जुड़ी समस्या है। इसमें पीरियड्स का समय पर न आना, वजन बढ़ना, मुंहासे और चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में रोज की लाइफस्टाइल पर ध्यान देना भी जरूरी है।

PCOD को मैनेज करने के लिए खान-पान, एक्सरसाइज, नींद और तनाव जैसी चीजों पर ध्यान दिया जा सकता है। अपनी रोज की आदतों में छोटे बदलाव करके हेल्दी रूटीन बनाया जा सकता है। जानिए ऐसी 6 आसान आदतों के बारे में।

1. खाने की प्लेट पर दें ध्यान
PCOD में अपनी डाइट को संतुलित रखना जरूरी है। खाने में हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, फल, दूध-दही और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें। बहुत ज्यादा मीठा, तला हुआ और पैकेज्ड खाना खाने से बचने की कोशिश करें। लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय समय पर संतुलित खाना खाएं।

2. रोज करें एक्सरसाइज और योग
PCOD में रोजाना एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए जिम जाना जरूरी नहीं है। आप तेज वॉक, साइकिलिंग, हल्की रनिंग या स्ट्रेचिंग जैसी आसान एक्सरसाइज कर सकती हैं। अगर आप पहली बार एक्सरसाइज शुरू कर रही हैं, तो धीरे-धीरे शुरुआत करें।

3. हर्बल चाय भी हो सकती है एक विकल्प
अपनी रोज की डाइट में कभी-कभी पुदीना या दालचीनी वाली हर्बल चाय शामिल कर सकती हैं। हर्बल चाय को PCOD का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर आप किसी बीमारी की दवा ले रही हैं, तो नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

PCOD में क्या करें

4. नींद को न करें नजरअंदाज
हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है। रोज पर्याप्त नींद ले और सोने-जागने का समय लगभग तय रखें। रात में सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। किताब पढ़ना या हल्का म्यूजिक सुनना सोने से पहले की अच्छी आदत हो सकती है।

5. तनाव कम करने के लिए निकालें समय
तनाव का असर आपकी नींद और रोज की दिनचर्या पर पड़ सकता है। इसलिए दिन में कुछ समय खुद के लिए निकालना जरूरी है। आप मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, हल्की वॉक या  योग को रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इससे रिलैक्स महसूस करने में मदद मिल सकती है।

6. आयुर्वेदिक चीजें लेने में न करें जल्दबाजी
हर व्यक्ति के शरीर पर किसी जड़ी-बूटी का असर अलग हो सकता है। इसलिए अगर आप पहले से कोई दवा ले रही हैं या गर्भधारण की योजना बना रही हैं, तो किसी भी हर्बल प्रोडक्ट को लेने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सिर्फ एक नुस्खे पर निर्भर रहना सही नहीं
PCOD को मैनेज करने के लिए किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर है। संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और योग, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने की कोशिश को रोज की आदतों में शामिल किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी के लिए है। PCOD/PCOS के इलाज, दवा, एक्सरसाइज या किसी हर्बल प्रोडक्ट को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Nag Panchami Special: पूजा के भोग में शामिल करें नारियल का हलवा, पूरी के साथ बनेगी परफेक्ट जोड़ी

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के दिन पूजा के भोग में कुछ मीठा बनाने की सोच रहे हैं, तो नारियल का हलवा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती और यह कम समय में तैयार हो जाता है। पूरी के साथ नारियल का हलवा भोग की थाली में स्वाद भी बढ़ा देगा। अगर इस बार भोग में कुछ अलग मीठा बनाना चाहते हैं, तो नारियल का हलवा ट्राई कर सकते हैं। इसका स्वाद हल्का मीठा होता है।

नारियल का हलवा बनाने के लिए सामग्री

  • 1 कप कद्दूकस किया हुआ नारियल
  • आधा कप दूध
  • 3 से 4 बड़े चम्मच चीनी
  • 1 से 2 चम्मच घी
  • 1 चुटकी इलायची पाउडर
  • कटे हुए काजू और बादाम
  • थोड़ी किशमिश

ऐसे बनाएं नारियल का हलवा

बनाएं नारियल का हलवा

स्टेप 1: नारियल भूनें
सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करें। अब इसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें। इसे धीमी आंच पर 2-3 मिनट तक चलाते हुए भूनें। ध्यान रखें कि नारियल का रंग ज्यादा न बदले।

स्टेप 2: दूध डालें
अब भुने हुए नारियल में दूध डाल दें। इसे अच्छी तरह मिलाएं और धीमी आंच पर पकने दें। बीच-बीच में हलवा चलाते रहें, ताकि यह कड़ाही में चिपके नहीं।

स्टेप 3: चीनी मिलाएं
जब नारियल दूध को अच्छी तरह सोखने लगे, तब इसमें चीनी डालें। चीनी डालने के बाद हलवा थोड़ा पतला हो सकता है। इसे लगातार चलाते हुए पकाते रहें।

नारियल का हलवा

स्टेप 4: हलवा गाढ़ा करें
जब हलवा धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगे और कड़ाही छोड़ने लगे, तो समझ लें कि यह लगभग तैयार है। इसमें इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें।

स्टेप 5: मेवे डालकर तैयार करें
अब इसमें कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश डालें। 1-2 मिनट तक और पकाएं और फिर गैस बंद कर दें।

पूरी के साथ परोसें
तैयार नारियल के हलवे को गर्मागर्म पूरी के साथ परोस सकते हैं। पूजा के भोग के लिए भी इसे रखा जा सकता है। इससे भोग की थाली में एक अलग तरह की मिठास जुड़ जाएगी।

छोटी सी बात का रखें ध्यान
अगर आप इसे व्रत के लिए बना रहे हैं, तो सामग्री अपनी व्रत की परंपरा के अनुसार ही इस्तेमाल करें। अलग-अलग घरों में व्रत के नियम अलग हो सकते हैं।

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  Sports

BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल

BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।

बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।

Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights

  • इवेंट: BWF World Championships 2026
  • इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
  • राउंड: Quarterfinal
  • भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
  • विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
  • स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
  • नतीजा: भारत की जीत
  • उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
  • खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल

15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।

पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।

भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।

ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।

नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।

चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।

हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।

रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।

अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।

Fri, 21 Aug 2026 17:07:24 +0530

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