NEET UG Counselling 2026: एमसीसी ने बदली नीट यूजी काउंसलिंग के पहले राउंड की तारीखें, 15 अगस्त तक करें रजिस्ट्रेशन
NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने शैक्षणिक वर्ष 2026 के लिए नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड के शेड्यूल में संशोधन किया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत, यह ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों के साथ-साथ डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एएफएमसी (AFMC), एम्स (AIIMS) संस्थानों और जिपमेर (पुडुचेरी व कराईकल) की 100 प्रतिशत सीटों के लिए एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) कोर्सेस पर लागू होगी।
संशोधित समय सारणी के अनुसार, उम्मीदवार अब 15 अगस्त 2026 तक नीट यूजी 2026 के पहले राउंड के लिए अपना पंजीकरण और भुगतान कर सकते हैं। छात्र दोपहर 2 बजे तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं, जबकि शुल्क भुगतान की सुविधा सर्वर टाइम के मुताबिक उसी दिन शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा, चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी। सीटों के आवंटन की प्रक्रिया 18 अगस्त को पूरी की जाएगी और पहले दौर का सीट आवंटन परिणाम 19 अगस्त 2026 को घोषित किया जाएगा।
नीट यूजी काउंसलिंग 2026: महत्वपूर्ण तिथियां
आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस के मुताबिक, पहले राउंड की काउंसलिंग से जुड़ी सभी अहम तारीखें इस प्रकार हैं:
- पंजीकरण और शुल्क भुगतान: 5 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक
- रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2026 (दोपहर 2 बजे तक)
- फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2026 (शाम 5 बजे तक)
- चॉइस फिलिंग की अवधि: 6 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक
- चॉइस फिलिंग की अंतिम तिथि: 17 अगस्त 2026 (शाम 6 बजे तक)
- चॉइस लॉकिंग: 17 अगस्त 2026 (सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक)
- सीट आवंटन की प्रक्रिया: 18 अगस्त 2026
- राउंड 1 सीट आवंटन परिणाम: 19 अगस्त 2026
- रिपोर्टिंग और ज्वॉइनिंग: 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक
- संस्थानों द्वारा ज्वॉइन किए गए उम्मीदवारों के डेटा का सत्यापन: 26 अगस्त 2026
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया (How to Apply)
जो योग्य उम्मीदवार अभी तक एमसीसी नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए पंजीकृत नहीं हुए हैं, वे नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले एमसीसी की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर दिए गए 'UG Medical Counselling 2026' के लिंक पर क्लिक करें।
- अपने जरूरी नीट यूजी 2026 आवेदन विवरण का उपयोग करके पोर्टल पर रजिस्टर करें।
- मांगी गई सभी आवश्यक व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियां दर्ज करें।
- ऑनलाइन माध्यम से काउंसलिंग शुल्क का भुगतान करें।
- अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करके चॉइस-फिलिंग की प्रक्रिया पूरी करें।
- निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पसंद (Choices) को लॉक कर दें।
- फॉर्म को सबमिट करें और भविष्य के उपयोग के लिए उसका प्रिंटआउट या कंफर्मेशन पेज सुरक्षित रख लें।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे एमसीसी नीट यूजी 2026 के संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल को अच्छी तरह जांच लें और प्रत्येक चरण को तय समय सीमा के भीतर ही पूरा करें।
Meta Controversy: PM मोदी का पोस्ट हटाने पर मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफी, 'Safe Harbour' पर सख्त संदेश
नई दिल्ली: Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने बैठक के दौरान अपने प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM), Deepfake कंटेंट और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी कमियों पर भी खेद जताया।
बुधवार को Meta की ग्लोबल टीम ने कंपनी के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान के नेतृत्व में केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव और IT सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। यह बैठक पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के बाद सरकार की ओर से जारी समन के बाद हुई।
'Safe Harbour' पर सरकार ने जताई सख्त आपत्ति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने Meta को स्पष्ट किया कि कंपनी केवल एक 'इंटरमीडियरी' (Intermediary) की तरह काम नहीं करती, क्योंकि उसके एल्गोरिदम यह तय करते हैं कि कौन-सा कंटेंट किस यूजर तक पहुंचे और किसे अधिक प्रमोट किया जाए।
सूत्रों का कहना है कि इसी आधार पर सरकार ने Meta को बताया कि IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली 'Safe Harbour' सुरक्षा पर गंभीर कानूनी सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस सुरक्षा को समाप्त करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
PM मोदी का पोस्ट हटाने पर क्या हुआ था?
23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर एक वीडियो फेसबुक पर साझा किया था। Meta ने बाद में स्वीकार किया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह वीडियो करीब पांच घंटे तक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रहा। कंपनी ने 28 जुलाई को बयान जारी कर कहा था कि कंटेंट गलती से हटाया गया था और बाद में बहाल कर दिया गया।
बैठक से पहले संसदीय समिति ने उठाए थे सवाल
Meta और केंद्र सरकार के बीच हुई बैठक से पहले सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि कोई प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम के जरिए यह तय करता है कि कौन-सा कंटेंट किसे दिखाया जाएगा, तो उसे सिर्फ 'इंटरमीडियरी' नहीं माना जा सकता।
दुबे ने मार्क जुकरबर्ग से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की थी। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो IT Act की धारा 79 के तहत Meta को मिलने वाली 'Safe Harbour' सुरक्षा की समीक्षा की जानी चाहिए। यह संस्करण क्रोनोलॉजी के हिसाब से भी सही है और न्यूज़ फ्लो भी अधिक स्वाभाविक बनाता है।
CSAM और Deepfake पर भी उठे सवाल
बैठक में सरकार ने Meta के प्लेटफॉर्म पर CSAM, महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री और Deepfake कंटेंट को प्रभावी ढंग से रोकने में कथित कमियों पर भी चिंता जताई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कंपनी को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत में काम करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा और यूजर्स, विशेषकर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।
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