भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है कोई
चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।
जेलेंस्की के गृह शहर में रूस का भयानक हमला: लक्ष्मी मित्तल के अर्सेलर मित्तल स्टील प्लांट पर स्ट्राइक; 2 की मौत
Lakshmi Mittal steel plant Attack: रूस की तरफ से यूक्रेन के क्रिवी रीह शहर पर एक भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला किया गया है। यह शहर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का गृह नगर भी है। इस बड़े हमले की चपेट में भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाला 'अर्सेलर मित्तल' स्टील प्लांट आ गया है, जिससे वहां भारी तबाही मची है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस घातक हमले में दो लोगों की मौत हो गई है और 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
स्टील प्लांट के उत्पादन पर असर और नुकसान
अर्सेलर मित्तल क्रिवी रीह कंपनी की ओर से यह पुष्टि की गई है कि इस रूसी स्ट्राइक में उनकी बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस इकाइयों से जुड़े बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस वजह से कंपनी को अपने उत्पादन कार्यों को आंशिक रूप से रोकना पड़ा है। आपको बता दें कि यह प्लांट यूक्रेन के सबसे बड़े इस्पात उत्पादकों में से एक है और दिग्गज कारोबारी लक्ष्मी मित्तल द्वारा स्थापित वैश्विक समूह 'अर्सेलर मित्तल' का हिस्सा है, जिसकी इस यूक्रेनी कारोबार में 95.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य क्षेत्र प्रभावित
क्रिवी रीह पर हुआ यह हमला रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे व्यापक हवाई हमलों का हिस्सा है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि इस खूनी संघर्ष में न केवल क्रिवी रीह बल्कि राजधानी कीव, जापोरिज्झिया, सूमी और अन्य इलाके भी निशाना बने हैं। कीव में पोचाइना स्थित एक लोकप्रिय ओपन-एयर बुक मार्केट पर भी हमला हुआ, जहां आग लगने से कई स्टॉल पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
इसके अलावा, युद्ध के इस बढ़ते दायरे के बीच रोमानियाई हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन के घुसने पर नाटो मिशन के तहत तैनात स्पेनिश एफ-18 फाइटर जेट द्वारा उसे मार गिराए जाने की भी खबर है।
युद्ध के साये में प्लांट का इतिहास
क्रिवी रीह का यह औद्योगिक संयंत्र दशकों से यूक्रेन के स्टील उद्योग का एक अहम स्तंभ रहा है। साल 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से ही इस प्लांट के संचालन को सुरक्षा कारणों और बार-बार होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान के चलते कई बार निलंबित और बहाल करना पड़ा है। वर्तमान में अर्सेलर मित्तल के अधिकारियों के सामने पहली प्राथमिकता नुकसान का आकलन करना और प्रभावित उत्पादन सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करना है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई हैं।
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