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सहजन की फली को खराब होने से बचाना है तो फ्रिज में रखने का ये तरीका अपनाएं, 10 दिनों तक रहेगी ताजा

Moringa Storage Tips: मोरिंगा की फली को खुले में सीधे फ्रिज में रखने से वह जल्दी सूख सकती है. सिरों को काटकर, नमी से बचाकर और टिश्यू पेपर वाले एयरटाइट कंटेनर में रखने से इसकी ताजगी लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

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धार को मिली औद्योगिक उड़ान, सीएम मोहन यादव ने पीथमपुर के दो अत्याधुनिक प्लांट्स का किया उद्घाटन, 30 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर

धार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार, 20 अगस्त को धार जिले के पीथमपुर में एडवांस ऑप्टिकल फाइबर (कोर्सिस) और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग (वोल्टर्स) प्लांट्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इन उद्योगों की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन औद्योगिक परियोजनाओं से राज्य का विकास तो होगा ही, देश की भी समृद्धि होगी।

बता दें कि दोनों अत्याधुनिक प्लांट्स में रोबोटिक मशीनों और आधुनिक तकनीक की मदद से उत्पादन किया जाएगा। करीब 850 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इन औद्योगिक इकाइयों से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में हाईटेक उद्योगों के विस्तार से रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इन दोनों इकाइयों को भारत की बदलती औद्योगिक तस्वीर और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए प्लांट: सीएम मोहन यादव

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज प्रदेश में रोजगारपरक दो नई औद्योगिक इकाइयों का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों के माध्यम से भविष्य में करीब 30 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सीएम ने आगे बताया कि यहां आधुनिक तकनीक पर आधारित उद्योग स्थापित किए गए हैं। इनमें डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह देश की तीसरी सबसे बड़ी इकाई है। जर्मन तकनीक पर आधारित इन उद्योगों की स्थापना से मध्यप्रदेश की समृद्धि के साथ देश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

धार और पीथमपुर को मिली औद्योगिक उड़ान

सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं बीते एक माह में मैं लगातार दूसरी बार यहां आया हूं। पिछली बार भी हमने कई उद्योगों का लोकार्पण किया था। पिछले समय जो हमने एमओयू किए, वो धरातल पर उतर रहे हैं। औद्योगिक दृष्टि से हमारा धार सबसे ज्यादा आर्थिक समृद्ध जिला है। यह जिला कभी अपने पिछड़े पन के लिए जाना जाता था। आज यही जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले क्षेत्र हैं।

वहीं कार्यक्रम में शामिल हुए प्रताप ग्रुप के प्रतिनिधि मोहन सिंह शेखावत ने कहा कि इन अत्याधुनिक इकाइयों की स्थापना में परिवार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्लांट्स के स्थापित किए जाने से पीथमपुर में तकनीकी रोजगार और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल तकनीक के बढ़ते विस्तार के साथ पीथमपुर को भविष्य के हाईटेक इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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  Sports

BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल

BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।

बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।

Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights

  • इवेंट: BWF World Championships 2026
  • इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
  • राउंड: Quarterfinal
  • भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
  • विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
  • स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
  • नतीजा: भारत की जीत
  • उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
  • खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल

15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।

पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।

भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।

ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।

नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।

चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।

हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।

रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।

अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।

Fri, 21 Aug 2026 17:07:24 +0530

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