कंपनी में प्रमोटरों की कितनी हिस्सेदारी? निवेश से पहले ऐसे समझें Promoter Holding
अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं तो किसी कंपनी का Fundamental Analysis करते समय आपको Promoter Holding और Public Holding के बारे में पता होना जरूरी है. ये मेट्रिक्स निवेशकों को प्रमोटरों और आम जनता के बीच शेयरों के बंटवारे का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं जिससे कंपनी के मालिकाना हक के ढांचे (ओनरशिप स्ट्रक्चर) के बारे में जानकारी मिलती है. ऐसे में अगर आप शेयर मार्केट में नए हैं और इसके बारे में जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी कम का साबित हो सकता है. यहां आपको इससे जुड़ी काफी सारी जरूरी जानकारी दी गई है.
Promoter Holding क्या होती है?
इससे पता चलता है कि कंपनी के प्रमोटरों के पास कितनी हिस्सेदारी है. आइए अब बात करते हैं कि असल में प्रमोटर कौन होते हैं. प्रमोटर वे व्यक्ति या संस्थाएं होती हैं जिन्होंने कंपनी की शुरुआत की हो या जो कंपनी के कामकाज और मैनेजमेंट पर काफी हद तक कंट्रोल रखती हों. अगर यह बात साफ नहीं है, तो एक उदाहरण देखते हैं अगर किसी कंपनी के कुल 100 शेयर हैं और प्रमोटरों के पास उनमें से 55 शेयर हैं, तो कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 55% होगी.
Public Holding क्या होती है?
पब्लिक होल्डिंग का मतलब है कंपनी के वे शेयर जो प्रमोटरों के अलावा दूसरे निवेशकों के पास होते हैं. इस कैटेगरी में आम रिटेल निवेशक, म्यूचुअल फंड, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और दूसरे नॉन-प्रमोटर निवेशक शामिल हो सकते हैं. इसे एक उदाहरण से समझते हैं अगर किसी कंपनी के कुल 100 शेयर हैं, जिनमें से 55 शेयर प्रमोटरों के पास हैं और बाकी 45 शेयर पब्लिक निवेशकों के पास हैं, तो पब्लिक होल्डिंग 45% होगी.
Promoter Holding ज्यादा होने का क्या मतलब है?
ज्यादा प्रमोटर होल्डिंग का मतलब है कि कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी काफी बड़ी है और उनका मालिकाना हक भी काफी ज्यादा है. हालांकि, केवल ज्यादा प्रमोटर होल्डिंग होने से ही कोई कंपनी निवेश के लिए अच्छी नहीं बन जाती. प्रमोटरों की हिस्सेदारी के साथ-साथ, कंपनी के फाइनेंशियल परफ़ॉर्मेंस, कर्ज के स्तर और बिजनेस की ग्रोथ पर भी ध्यान देना चाहिए. कई लोग मानते हैं कि ज्यादा प्रमोटर होल्डिंग वाली कंपनियां बेहतर होती हैं, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता हालांकि ज्यादा प्रमोटर होल्डिंग मजबूत मालिकाना हक दिखाती है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं देती कि कंपनी निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है.
Promoter Holding कम होने का क्या मतलब है?
अगर प्रमोटर होल्डिंग लगातार कम हो रही है, तो निवेशकों को इसके पीछे की वजहें समझनी चाहिए. कभी-कभी प्रमोटर फंड का इस्तेमाल निजी कामों के लिए कर सकते हैं या एसेट्स को दूसरे इन्वेस्टमेंट माध्यमों में ट्रांसफर कर सकते हैं. इसलिए, होल्डिंग के आंकड़े को सिर्फ पॉजिटिव या नेगेटिव मानना सही नहीं है.
Public Holding क्यों जरूरी है?
पब्लिक होल्डिंग का मतलब है मार्केट में आम निवेशकों के पास मौजूद कंपनी के शेयरों की संख्या. पब्लिक होल्डिंग ज्यादा होने से ट्रेडिंग के लिए ज्यादा शेयर उपलब्ध हो सकते हैं. इसके अलावा, आपको समय-समय पर शेयरहोल्डिंग पैटर्न की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि कंपनियां यह जानकारी रेगुलर अंतराल पर जारी करती हैं. इसे देखकर आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि प्रमोटरों, पब्लिक निवेशकों और दूसरे शेयरधारकों के पास कितनी हिस्सेदारी है. आपको प्रमोटर होल्डिंग के साथ-साथ प्रमोटर प्लेज पर भी नजर रखनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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