स्कूल में बच्चों की कर देते हैं 3 बजे छुट्टी:सर और मैडम बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं, अंदर किसी को आने नहीं देते
जुन्नारदेव विकासखंड के बिचबेहरी गांव के सरकारी स्कूल की छात्राओं का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे ये कहते हुए नजर आ रही हैं कि सर और मैडम स्कूल आते तो हैं लेकिन हमें पढ़ाते नहीं है। वे हमारी जल्दी छुट्टी कर बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। हमारे स्कूल का टाइम 4 बजे तक है। लेकिन हमारी 3 बजे ही छुट्टी कर दी जाती है। छात्राओं ने ये बात स्कूल के टीचर इंचार्ज और गेस्ट फीमेल टीचर के बारे में की। 15 अगस्त 2026 को स्टूडेंट्स ने दोनों के आपत्तिजनक व्यवहार से संबंधित वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। माता - पिता ने की टीचर को हटाने की मांग पहले यह मामला ग्राम सभा में पहुंचा और उसके बाद कलेक्टर की जनसुनवाई में। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के माता - पिता का कहना है - बच्चे अभी छोटे हैं। अगर स्कूल में टीचर ऐसे गलत काम करेंगे तो बच्चों पर इसका क्या असर होगा। इसलिए दोनों टीचर को स्कूल से हटाकर किसी दूसरे टीचर की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई ठीक से हो सके। मोबाइल में व्यस्त रहते हैं दोनों टीचर छात्राओं ने टीचर की शिकायत करते हुए कहा - हमारे स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह बंद हैं। दोनों टीचर पढ़ाने के बजाय दिनभर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। स्कूल की छुट्टी का समय शाम 4:30 बजे तक है, लेकिन बच्चों की 3 बजे ही छुट्टी कर दी जाती है। बच्चों ने खुलकर आरोप लगाया कि छात्रों को घर भेजने के बाद दोनो बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। इस दौरान किसी भी छात्र को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के इन टीचर्स की शिकायत वे पहले भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जनजाति कार्य विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के रवैये से तंग आकर ग्रामीणों ने 16 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में दोनों टीचर्स को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी। सहायक आयुक्त ने दिए तुरंत जांच के आदेश 100 किलोमीटर दूर से आए मासूम बच्चों की दास्तान सुनकर जनसुनवाई में हड़कंप मच गया. आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम ने बताया कि दोनों शिक्षकों को स्कूल से हटा दिया गया है और FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। टीचर्स बोले- बेवजह बदनाम किया इस मामले में आरोपी टीचर का कहना है कि हमें बेवजह बदनाम किया जा रहा है। बच्चे किसी बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं क्योंकि यहां पर किसी और ने भी गेस्ट टीचर बनने के लिए आवेदन दिया है, उनका नाम वेटिंग लिस्ट में है। मुझे हटाकर दूसरे का नाम आ जाए, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें JSSC CGL सफल उम्मीदवारों का प्रदर्शन:कई रोने लगे, प्रदर्शनकारी बोले- परीक्षा रद्द होने से 2500 से ज्यादा कैंडिडेट्स फिर बेरोजगार होंगे 17 अगस्त 2026 को JSSC-CGL कैंसिल होने के बाद एक ओर जहां आंदोलनकारी खुशी से झूमते हुए नजर आए। वहीं एग्जाम में पास होने वाले उम्मीदवारों ने नया आंदोलन शुरू कर दिया। इस बार आंदोलन करने वाले छात्र वे हैं जिन्होंने JSSC-CGL पास करके नौकरी हासिल की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें
Dada Bhuse का इस्तीफा मांगा: Abhijit Dipke ने लातूर में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सवाल उठाए
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सरकारी विद्यालयों की हालत दयनीय है और छात्रों की तुलना में ‘‘मंत्रियों के कुत्तों को भी बेहतर सुविधाएं’’ मिलती हैं। कॉजपा ने पिछले सप्ताह ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया था। दीपके ने लातूर की औसा तहसील के उजनी गांव स्थित एक जिला परिषद स्कूल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि विद्यालयों की स्थिति के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों और मंत्रियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में अब भी अच्छी कक्षाओं, बेंच, शौचालय और उन तक पहुंचने के सुरक्षित मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में छात्रों के लिए ‘‘जानवरों से भी बदतर’’ हालात हैं। दीपके ने कहा, ‘‘यह छात्रों की जिंदगी का सवाल है।
जब नेता छात्रों के लिए कुछ नहीं कर रहे तो लोग उन्हें वोट क्यों दें? क्या लोग उन्हें केवल हेलीकॉप्टर में घूमने के लिए वोट देते हैं? लोगों को देखना चाहिए कि उनके बच्चे किन हालात में पढ़ रहे हैं।
इन मंत्रियों के कुत्तों को भी इससे बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।’’ उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि वे राजनीतिक दलों के नेताओं पर पहले शिक्षा के लिए काम करने और उसके बाद वोट मांगने का दबाव बनाएं। दीपके ने कहा, ‘‘लोगों को अपने गांव आने वाले हर राजनीतिक दल के नेताओं से कहना चाहिए कि वे शिक्षा के लिए काम करें। उनसे कहें कि जब तक वे शिक्षा के लिए काम नहीं करते, तब तक वे वोट मांगने हमारे दरवाजे पर न आएं।
राजनीति के लिए हम जाति और समुदाय के झंडे लेकर घरों से निकलते हैं। इसी तरह हमें अपने बच्चों के विद्यालयों के लिए भी बाहर निकलना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग कहते रहते हैं कि धर्म खतरे में है। इतने वर्षों में धर्म खत्म नहीं हुआ और क्या यह आपके कार्यकाल में ही खत्म हो जाएगा?
धर्म कहीं नहीं जाने वाला लेकिन बच्चों का भविष्य जरूर प्रभावित हो सकता है।’’ दीपके ने कहा कि मंत्रियों और विधायकों को अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में भेजना चाहिए ताकि वे वहां छात्रों को होने वाली परेशानियों को समझ सकें। यह पूछे जाने पर कि क्या दादा भुसे को स्कूली शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहना चाहिए, दीपके ने कहा, ‘‘विद्यालयों की हालत देखकर मुझे लगता है कि शिक्षा मंत्री को पद पर नहीं बने रहना चाहिए। अगर सरकार सरकारी विद्यालयों में सुधार की जरूरत की गंभीरता समझना चाहती है तो मंत्रियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने बच्चों को इन्हीं विद्यालयों में पढ़ने के लिए भेजना चाहिए।’’ दीपके ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद सत्तारूढ़ पक्ष सरकारी विद्यालयों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला पाया।
उन्होंने कहा, ‘‘छात्र अब भी ऐसे विद्यालयों में पढ़ रहे हैं जिनमें टीन की छतों से पानी टपकता है और पर्याप्त बेंच नहीं हैं। अगर 10 साल में ये बुनियादी समस्याएं दूर नहीं की जा सकीं तो सरकार को बताना चाहिए कि उसने आखिर हासिल क्या किया है।’’ उन्होंने कहा कि कॉजपा एवं स्थानीय लोग विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को लेकर मिलकर आवाज उठाएंगे और कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का सरकार पर दबाव बनाएंगे। विद्यालयों में कथित रूप से सांप के काटने से बच्चों की मौत की खबरों का उल्लेख करते हुए दीपके ने कहा कि ऐसी घटनाएं बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा उपलब्ध कराने में अधिकारियों की विफलता को उजागर करती हैं।
उन्होंने उस स्कूल में गंदगी को लेकर भी चिंता जताई जिसका कॉजपा की टीम ने पहले निरीक्षण किया था। दीपके ने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर के पीछे जमा कबाड़ और कचरे के कारण वहां सांपों के रहने के अनुकूल स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि कॉजपा के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने विद्यालयों में कुछ काम शुरू भी कर दिए हैं।
दीपके ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने फिर से अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है। लोकतंत्र में और संगठन एवं आंदोलन सामने आने चाहिए।
जितने अधिक लोग आगे आकर बोलेंगे, हमारा लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।’’ ‘जेन जी’ से जुड़े मुद्दों पर दीपके ने कहा कि 2029 के चुनाव तक युवा एक बड़ी चुनावी ताकत बन जाएंगे और राजनीतिक दलों को उनके मुद्दों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने आगाह किया कि यदि युवाओं की चिंताओं की अनदेखी की गई तो युवा मतदाता सरकारों से जवाब मांगेंगे। दीपके ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर सरकार सरकारी विद्यालयों की हालत सुधारने में नाकाम रही तो गांवों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
इस बीच, दीपके ने लातूर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच को लेकर आरोप लगाया कि जांच निचले स्तर के आरोपियों पर केंद्रित दिखाई दे रही है, जबकि उच्च स्तर पर आसीन लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
prabhasakshi







