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तुर्किए सेना के निकलते ही इजरायली जेट्स से हिला सीरिया, इस NATO देश संग जंग को क्यों उतावले हो रहे नेतन्याहू?

अबू अल-दुहुर एयरबेस लोकेशन तुर्की बॉर्डर से महज 80 किमी दूर। यह वो इलाका है जिसे तुर्की अपना बैकयार्ड यानी कि अपना प्रभाव क्षेत्र समझता था। लेकिन इजराइल ने यहां आठ भीषण हमले करके यह साबित कर दिखाया कि उसकी मिसाइलों के लिए कोई भी बॉर्डर पवित्र नहीं है। लेकिन इस खबर का सबसे खौफनाक पहलू क्या है? इजराइल के लड़ाकू विमानों ने तब बम गिराए जब वहां से तुर्की की हाई लेवल मिलिट्री डेलीगेशन निकले हुए मात्र 24 घंटे भी नहीं हुए थे। यानी इजराइल की आंखें तुर्की के एक-एक ऑफिसर पर जमी हुई थी। 17 अगस्त 2026 की शाम तुर्की की सेना का एक बड़ा दस्ता जिसमें सर्विलांस और टेक्निकल एक्सपर्ट शामिल थे। अबू अल-दुहुर एयरबेस पहुंचता है। मकसद था सीरिया की नई अल शरा सरकार की वायुसेना को फिर से खड़ा करना। सीरिया पिछले कुछ समय से गुपचुप तरीके से अपना एविएशन कैपेसिटी बढ़ा रहा है। अगस्त 2026 में इन्होंने मिग 21 के साथ एक्सरसाइज भी की। इजराइल के लिए यह एक बहुत बड़े खतरे की घंटी थी। 

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इजराइल नहीं चाहता है कि सीरिया के पास फिर से कोई ऐसी एयरफोर्स हो जो उसके आसमान को चुनौती दे सके। अब जैसे ही तुर्की की टीम वहां रनवे की मरम्मत और रडार सिस्टम लगाने का प्लान फाइनल करके निकलती है। इधर इजराइल का मोसाद और मिलिट्री इंटेलिजेंस एक्टिव हो जाता है। 18 अगस्त की सुबह 3:00 बजे आसमान से मौत परसती है। चार अलग-अलग लहरों में आए इजराइली जेट्स ने रनवे को अनयूजेबल बना दिया। यह हमला इतना सटीक था कि ठीक उन्हीं जगहों को निशाना बनाया गया जहां तुर्की ने नया निवेश करने का प्लान बनाया। यह इजराइल का सीधा संदेश था कि एर्दोगान साहब आप सीरिया को पालतू बना सकते हैं लेकिन उसे दांत और नाखून नहीं दे सकते हैं। इजराइल ने अपने सबसे बड़े दोस्त अमेरिका को भी खतरे में डाल दिया। वाशिंगटन इस वक्त गुस्से में है। अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने खुलेआम इजराइल को लताड़ा है और इसकी वजह बहुत गहरी है। 

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ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल शरा पर बहुत बड़ी पॉलिटिकल कैपिटल खर्च की है। ट्रंप को लगता है कि अल शरा वो शख्स हैं जो सीरिया को ईरान के चंगुल से निकालकर वेस्टर्न एयरलाइंस में ला सकते हैं। अब आपको याद होगा कि ट्रंप ने अल शरा को अपना परफ्यूम तक गिफ्ट कर दिया और उनसे उनकी पत्नियों के बारे में मजाक भी किया था। अब अमेरिका यह चाहता है कि सीरिया एक नॉर्मल देश बने ताकि वहां पुनर्निर्माण के कॉन्ट्रैक्ट अमेरिकी कंपनियों को मिल सके। लेकिन इजराइल का नजरिया अलग है। इजराइल को लगता है कि अल शरा सिर्फ एक मुखौटा है और उसके पीछे एर्दोगान की वही पुरानी कट्टरपंथी विचारधारा काम कर रही है। इतना ही नहीं इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री ने तो यहां तक कह दिया था कि तुर्की ही नया ईरान है। अमेरिका और इजराइल के बीच की यह दरार सीरिया के आसमान में साफ अब देखी जा रहीहै। मक्का पैक की जिसका शोर पिछले 17 दिनों से पूरी दुनिया में था। जिसकी हवा इजराइल ने निकाल दी। तुर्की ने इस पैक्ट को इसलिए जॉइन किया था ताकि उसे इजराइल और ग्रीस जैसे दुश्मनों के खिलाफ एक इस्लामिक ढाल मिल सके। 

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लेकिन इजराइल ने पैक्ट बनने के तीसरे हफ्ते में ही तुर्की के प्रभाव वाले क्षेत्र पर हमला कर दिया। यह मक्का पैट के लिए मेक या ब्रोक मूवमेंट है। चलिए बात करते हैं मक्का पैक के लिटमस टेस्ट की। देखिए अगर सऊदी अरब और पाकिस्तान सिर्फ कड़े शब्दों में निंदा करके चुप हो जाते हैं तो दुनिया समझ जाएगी कि ये पैक सिर्फ कागजी शेर है। दूसरा पॉइंट है अगर अंकारा इस मामले को एस्केलेट करता है और रियाद से सैन्य मदद मांगता है तो क्या सऊदी इजराइल से दुश्मनी मोल लेगा? यह बहुत बड़ा सवाल है और जानकारों का मानना है कि इजराइल ने जानबूझकर यह समय चुना है ताकि वो मक्का पैक्ट की एकजुटता की पोल खोल सके। इजराइल जानता है कि सऊदी अरब कभी भी इजराइल के साथ सीधा युद्ध नहीं जाएगा और यही एर्दोगान की सबसे बड़ी कमजोरी भी है। इजराइल की इस रणनीति को समझिए। इसे कहते हैं ऑफेंसिव डिफेंस यानी खतरा पैदा होने से पहले ही उसे जड़ से मिटा दो। इजराइल ने सिर्फ सीरिया पर बम नहीं गिराए हैं बल्कि उसने तुर्की के चारों तरफ एक जाल बुन लिया है। 

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India vs Sri Lanka Galle Test | गाले टेस्ट में मानव सुथार का जलवा... 10 विकेट चटकाकर भारत को याद दिलाई 'क्लासिकल' स्पिन की असली कला

भारतीय रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी को लेकर हाल के दिनों में बनी अनिश्चितता के बीच, 24 वर्षीय युवा स्पिनर मानव सुथार ने गाले टेस्ट में अपनी फिरकी का ऐसा जादू चलाया जिसने भारतीय फैंस को पुराने जमाने की क्लासिकल बाएं हाथ की स्पिन की याद दिला दी। श्रीलंका के खिलाफ भारत की 165 रन की शानदार जीत में सुथार ने मैच में कुल 10/131 का बेहतरीन आंकड़ा दर्ज किया। इसके साथ ही वे विदेशी सरजमीं पर खेले गए टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले भारत के सातवें स्पिनर (अनिल कुंबले, आर. अश्विन, बिशन सिंह बेदी आदि के क्लब में) बन गए हैं।

सिर्फ स्पिन नहीं, ड्रिफ्ट, बाउंस और गति का अद्भुत तालमेल

सुथार का स्पेल केवल पिच से मिलने वाली टर्न पर निर्भर नहीं था, बल्कि उन्होंने हवा के बहाव का इस्तेमाल कर ड्रिफ्ट पैदा की और बिना एक्शन बदले गेंद की रफ्तार में छोटे-छोटे बदलाव किए।

उनकी इस गेंदबाजी विविधता की झलक दूसरी पारी में साफ देखने को मिली, जब उन्होंने 5 अलग-अलग तरीकों से 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा:

पथुम सूरियाबंदारा – LBW आउट

सोनल दिनुशा – लेग स्लिप पर कैच आउट

प्रभात जयसूर्या – विकेट के पीछे कैच

लाहिरू कुमारा – ऋषभ पंत द्वारा कैच आउट

केशरा नुवान्था – क्लीन बोल्ड 

आंकड़े कहानी का एक हिस्सा बताते हैं, जबकि सुथार का तरीका दूसरा हिस्सा। उन्होंने कंट्रोल के साथ गेंदबाजी की, हवा का इस्तेमाल करके ड्रिफ्ट पैदा किया, अपने एक्शन में बदलाव किए बिना गति बदली और लगातार एक ही जगह पर गेंद डालते रहे। खेल को जबरदस्ती आगे बढ़ाने की कोई जल्दबाजी नहीं थी। सुथार ने दबाव बनाए रखा, बल्लेबाजों के गलती करने का इंतजार किया और विकेट लेने के अलग-अलग तरीके अपनाए। गाले में, पुराने जमाने का यह तरीका बहुत कारगर साबित हुआ।

एक क्लासिकल स्पिनर

भारत ने अक्षर पटेल के जरिए बाएं हाथ की स्पिन को आजमाया है, लेकिन वे टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। सुथार एक अलग तरह की संभावना पेश करते हैं। उनका राउंड-आर्म एक्शन और ओवरस्पिन पर जोर उन्हें गेंद को टर्न कराने की क्षमता के साथ-साथ डिप और बाउंस हासिल करने में मदद करता है। आर्म बॉल पर निर्भर रहने के बजाय, सुथार की मुख्य गेंद (स्टॉक डिलीवरी) ही अनिश्चितता पैदा करती है। यह पारंपरिक आधार पर बनी स्पिन है, जहां शॉर्टकट के बजाय बुनियादी बातों को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है।

यह बात गाले में पहली ही गेंद से साफ हो गई थी। सुथार की गेंद ड्रिफ्ट हुई, टर्न हुई और तेजी से उछली, जिस पर दिनेश चांदीमल ने बल्ला लगाया और गेंद विकेटकीपर के पास चली गई।

दूसरी पारी में उनके स्पेल ने उनकी गेंदबाजी की पूरी रेंज दिखा दी। पथुम सूरियाबंदारा LBW आउट हुए। सोनल दिनुशा लेग स्लिप पर कैच आउट हुए। प्रभात जयसूर्या विकेट के पीछे कैच आउट हुए। लाहिरू कुमारा का कैच ऋषभ पंत ने पकड़ा। केशरा नुवान्था बोल्ड हो गए।

पांच विकेट, पांच अलग-अलग तरह से आउट हुए बल्लेबाज

यह विविधता कोई इत्तेफाक नहीं है। यह सोच-समझकर दिखाई गई स्किल और कलाकारी है।

KL राहुल की सुथार पर राय

KL राहुल का मानना ​​है कि मानव सुथार की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अपने बॉलिंग एक्शन को बदले बिना अपनी गति (पेस) में बदलाव कर सकते हैं, जिससे बल्लेबाजों के लिए उन्हें समझना मुश्किल हो जाता है। राहुल ने कहा, "यह एक ही एक्शन और एक ही एंगल से किए जाने वाले छोटे-छोटे बदलाव हैं। वे अपने हाथ की गति (आर्म स्पीड) बदले बिना ही गेंद को धीमा या तेज़ फेंक सकते हैं।"

सुथार ने गाले की परिस्थितियों का भी समझदारी से इस्तेमाल किया। राहुल ने बताया कि वे हवा का फायदा उठाकर गेंद को ड्रिफ्ट कराते थे और फिर उसे सीधा या अंदर की ओर लाते थे। राहुल ने कहा, "जब एक तरफ से हवा चल रही थी, तो उन्होंने उस ड्रिफ्ट का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया और वहां से गेंद सीधी हो जाती थी या अंदर आती थी। ऐसा वे भारत में भी हमेशा करते रहे हैं।"

उनकी निरंतरता (कंसिस्टेंसी) ही उन्हें खास बनाती है। सुथार गति में छोटे-छोटे बदलाव करते हुए भी एक ही जगह पर गेंद डालते रहते हैं, जिससे बल्लेबाजों को यह अंदाजा नहीं लग पाता कि अगली गेंद कैसी होगी।

राहुल ने कहा, "वे एक ही जगह से लगातार गेंदबाजी करते हैं और बस छोटे-छोटे बदलावों का इस्तेमाल करके पूरे दिन ऐसा कर पाते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी गति और निरंतरता है, जिससे वे हमेशा बल्लेबाज को आउट करने के अलग-अलग तरीके आजमाते रहते हैं।"

सुथार का दूसरी पारी का स्पेल उनके स्वभाव और काबिलियत का सबसे बड़ा सबूत था। श्रीलंका का स्कोर 175/6 से 199/6 हो गया था और वे भारत के लिए परेशानी खड़ी कर रहे थे। सुथार की वापसी ने खेल बदल दिया। उन्होंने छह गेंदों के भीतर दिनुशा, जयसूर्या और कुमारा को आउट किया, और फिर नुवान्था को आउट करके अपने 10 विकेट पूरे किए।

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यह सिर्फ अचानक मिली टर्न नहीं थी। यह कंट्रोल, गति, उछाल और ड्रिफ्ट पर आधारित स्पेल था। उन्हें इस बात की समझ थी कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश करेंगे और उसे कैसे रोका जाए।

खोज पूरी हो गई है, यह कहने के लिए दो टेस्ट मैच काफी नहीं हैं। लेकिन सैंपल साइज़ से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है बुनियादी हुनर। सुथार ने दिखाया है कि वे लंबे स्पेल तक गेंदबाजी कर सकते हैं, दबाव बनाए रख सकते हैं और विकेट लेने के अलग-अलग तरीके ढूंढ सकते हैं।

खूबियों को बनाए रखें

चेतेश्वर पुजारा ने सुथार से उन खूबियों को बनाए रखने का आग्रह किया है जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में असरदार बनाती हैं, खासकर इसलिए क्योंकि IPL की मांगें बहुत अलग होती हैं। गाले में सुथार की ओवरस्पिन, पेस, ड्रिफ्ट और बाउंस सभी देखने को मिलीं, साथ ही बल्लेबाजों को बिना कोई साफ संकेत दिए छोटे-छोटे बदलाव करने की उनकी काबिलियत भी दिखी। ये वे हुनर ​​हैं जिन्हें उनके खेल का मुख्य हिस्सा बने रहना चाहिए।

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सिर्फ़ एक प्रदर्शन से भारत की लंबे समय की स्पिन योजनाओं के बारे में कोई पक्का फ़ैसला नहीं किया जा सकता। लेकिन सुथार के 10 विकेट लेने के कारनामे ने यह दिखा दिया कि एक युवा स्पिनर मौजूद है जो लंबे स्पेल तक गेंदबाजी कर सकता है, अपनी लाइन बनाए रख सकता है और हालात का अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर सकता है। फ़िलहाल, सुथार ने भारत को क्लासिकल स्पिन की अहमियत की याद दिलाई है। 

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