Lotus Planting Tips: बरसात के पानी से घर पर उगाएं कमल का पौधा, इस ट्रिक से 90 दिनों में फूलों से भर जाएगा आंगन
Lotus Plant Ghar Par Kaise Ugaye: कमल का फूल जितना खूबसूरत होता है, उतना ही इसे घर पर उगाने का शौक भी लोगों के बीच बढ़ रहा है. अगर आपके पास बड़ा तालाब या बगीचा नहीं है, तब भी आप सही तरीके से घर में कमल का पौधा तैयार कर सकते हैं. बरसात का पानी और एक उपयुक्त कंटेनर इसके लिए काम आ सकता है. खास बात यह है कि थोड़ी सी देखभाल और सही ट्रिक अपनाकर कमल के पौधे को घर पर आसानी से उगाया जा सकता है. कमल के बीज कैसे तैयार करें, किस तरह के पानी और मिट्टी का इस्तेमाल करें, पौधे को कितनी धूप चाहिए, पानी कब बदलना है और फूल जल्दी लाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, आइये जानते हैं घर पर कमल का पौधा उगाने का आसान तरीका...
जबलपुर में नाबालिग चोर गैंग का मास्टरमाइंड चढ़ा पुलिस के हत्थे, ऑनलाइन वीडियो देख देता था चोरी की ट्रेनिंग
जबलपुर में एक नाबालिक चोर गैंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यहां रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले इन बच्चों का मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरपीएफ पुलिस ने 40 वर्षीय नितेश कुमार को हिरासत में लिया है जो नाबालिक बच्चों की गैंग चलाता है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक उसने अपनी गैंग में 12 से 16 साल के 50 से 70 बच्चों को जोड़ रखा था। वह गरीब बस्तियों से इन बच्चों को चुनता था और उन्हें पैसे कमाने का लालच देता था। वो लगभग 2 महीने तक इन्हें चोरी करने और पकड़े जाने पर बचने की ट्रेनिंग देता और फिर प्लेटफार्म, ट्रेन और वेटिंग रूम में वारदात करने के लिए भेजता। जैसे ही बच्चा 18 साल के होते, यह उन्हें अपनी गैंग से निकाल देता था।
खुद भी है शातिर चोर
नाबालिक गैंग का यह मास्टरमाइंड खुद भी एक शातिर चोर है और लंबे समय से ट्रेन में चोरी की वारदात करता आ रहा है। 2 साल पहले पैर खराब होने के बाद उसने बच्चों को अपराध का जरिया बनाया। आरपीएफ ने जब उसे गिरफ्तार किया तब पूरा मामला सामने आया।
यूट्यूब से लेता चोरी का आइडिया
नाबालिक बच्चों की गैंग बनाने और उन्हें चोरी के तरीके सीखने का आइडिया नितेश को यूट्यूब से मिला। वो ऑनलाइन वीडियो देख चोरी करने के अलग-अलग तरीके की जानकारी जुटाता और फिर बच्चों को ट्रेनिंग देता। उसके बाद अलग-अलग जगह चोरी की वारदात की जाती थी।
गैंग में 50-70 बच्चे
आरपीएफ पुलिस ने 17 अगस्त को नितेश कुमार को हिरासत में लिया था। वह छोटी उम्र से चोरी और लूट की वारदातों में शामिल रहा है। जबलपुर में उसके खिलाफ 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह ट्रेनों में लूट करने के अलावा आउटर पर ट्रेन रुकते ही मोबाइल और अन्य सामान लेकर भाग जाया करता था। वह कई बार आरपीएफ के हाथ आया। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से चोरी शुरू कर देता था। 2 साल पहले पैर खराब होने के कुछ समय बाद तक उसे स्टेशन पर भीख मांगता रहा। इसके बाद उसने नाबालिक बच्चों को चोरी के काम में लगना शुरू कर दिया। उसने बच्चों की गैंग तैयार करना शुरू की जिसमें धीरे-धीरे 50 से 70 बच्चे जुड़ गए।
गरीब बच्चों को चुनता था
नितेश जबलपुर की गरीब बस्तियां जैसे हनुमान ताल, मदार टेकरी, सिद्ध बाबा की पहाड़ी और रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को जोड़ने का काम करता था। वह इन बच्चों को रुपए कमाने का लालच देता और ट्रेनिंग के लिए अपने साथ ले जाता। स्टेशन पर 10 साल तक वेंडर का काम करने की वजह से उसे ट्रेन, प्लेटफार्म और यात्रियों की गतिविधियों की जानकारी थी।
इसी अनुभव का इस्तेमाल उसने बच्चों को ट्रेनिंग देने में किया। वह बच्चों को यात्रियों के नींद में यह व्यस्त होने का फायदा कैसे उठाना है। भीड़ में मिलकर किस तरह निकालना है। आउटर पर ट्रेन रुकने के दौरान कैसे भागना है। पकड़े जाने पर क्या बोलना है यह सब सिखाता था। उसके गैंग में सिर्फ नाबालिग बच्चे रहते थे। जैसे ही बच्चा 18 साल का होता उसे गैंग से बाहर कर दिया जाता।
अलग अलग एक्ट में मामले दर्ज
आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब की जानकारी के मुताबिक नितेश पर तीन लूट, आठ चोरी और आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस और आरपीएफ ने उसे कई बार पकड़ा है। अब उसे गिरफ्तार करने के बाद उसकी गैंग से जुड़े नाबालिगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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