Madmaheshwar Temple: Rudraprayag में प्रशासन की देखरेख में शुरू हुई यात्रा
रुद्रप्रयाग जिले में खराब रास्ते और पैदल पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण रोकी गई श्री मदमहेश्वर मंदिर की यात्रा प्रशासन की निगरानी में बुधवार से फिर शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और अन्य बचाव दलों की तैनाती समेत आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार, यात्रा पुनः शुरू करने से पहले मार्ग, पुल-पुलिया, ट्रॉली स्थल, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का संबंधित विभागों ने परीक्षण किया तथा मार्ग को यात्रियों के आवागमन के लिए सुरक्षित पाए जाने के बाद यात्रा संचालन की अनुमति दी गई। प्रशासन ने ट्रॉली स्थल पर भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ-साथ महिला और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सहायता तथा किसी आकस्मिक स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित समयानुसार सुबह साढ़े छह से नौ बजे, सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर एक बजे और दोपहर ढाई बजे से शाम छह बजे तक ट्रॉली संचालित होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही आगे बढ़ें। रुद्रप्रयाग जिले में 11,473 फीट की ऊंचाई पर स्थित मदमहेश्वर मंदिर की यात्रा को जोखिमपूर्ण पैदल रास्ते, प्रतिकूल मौसम और मोरखण्डा नदी पर बने लकड़ी के पुल के बह जाने के बाद आवागमन के लिए प्रयुक्त की जा रही ट्रॉली की सीमित क्षमता को देखते हुए सात अगस्त को अस्थाई रूप से रोक दिया गया था।
NASA Swift telescope को उच्च कक्षा में भेजने का प्रयास बंद, इस साल पृथ्वी पर गिरेगी
अमेरिकी एजेंसी नासा की अंतरिक्ष में स्थापित स्विफ्ट दूरबीन को उच्च कक्षा में पहुंचाकर बचाने की कोशिशें बुधवार को बंद कर दी गई, जिससे इस साल के आखिर में इस दूरबीन के गिरने और वायुमंडल में घर्षण की वजह से राख होने का खतरा पैदा हो गया है। नासा और कैटलिस्ट स्पेस टेक्नॉलोजिस ने यह खबर स्टार्टअप ‘लिंक’ के रॉकेट को दूरबीन को बचाने के लिए प्रक्षेपित किये जाने के करीब एक महीने बाद दी है। कैटलिस्ट ने कहा कि ‘लिंक’ के अंतरिक्ष यान को नियंत्रित करने में आ रही मुश्किलों की वजह से वह ‘स्विफ्ट दूरबीन’ को उच्च कक्षा में पहुंचाने की कोशिश नहीं करेगा।
नासा ने कहा कि इसका अभिप्राय है कि ब्रह्मांड में गामा-रे बर्स्ट और तारों के विस्फोट जैसे कुछ सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं पर 20 साल से अधिक समय तक नजर रखने के बाद यह दूरबीन वापस पृथ्वी की ओर गिरेगी और वायुमंडल में घर्षण की वजह से जलकर खाक हो जाएगी। नासा ने इस दूरबीन को अधिक सुरक्षित और लंबे समय तक स्थिर रखने वाली कक्षा में पहुंचाने की कोशिश के लिए कैटलिस्ट को तीन करोड़ डॉलर का भुगतान किया। लेकिन सूरज की तेज गतिविधियों के कारण इसकी कक्षा की ऊंचाई उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से कम हो रही थी।
स्विफ्ट दूरबीन को 2004 में कक्षा में भेजा गया था और इसके वैज्ञानिक उपकरणों को इस साल की शुरुआत में बंद कर दिया गया था ताकि इसके नीचे आने की रफ्तार को धीमा किया जा सके। पिछले हफ्ते तक यह पृथ्वी से 347 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगा रही थी।
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