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Delhi High Court ने बेघरों के मताधिकार पर फैसला सुरक्षित रखा, SIR प्रक्रिया का था मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर गणना करने की प्रक्रिया के कारण बेघर लोगों के मताधिकार से वंचित रह जाने की आशंका जताई गई है। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने इंदु प्रकाश सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद कहा, ‘‘हम आदेश पारित करेंगे।’’ याचिका में अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बेघर या विस्थापित लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज करने या उन्हें सूची में बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। पीठ ने कहा कि यह अदालतों का काम नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग का दायित्व है कि वह ऐसा तंत्र विकसित करे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बेघर या तोड़फोड़ की कार्रवाई के कारण विस्थापित हुए लोग एसआईआर की प्रक्रिया से बाहर न रह जाएं।

अदालत ने कहा कि हर मामले का समाधान अदालतों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि जनहित याचिका में किसी ऐसे नागरिक का कोई विशिष्ट उदाहरण नहीं दिया गया है, जिसका नाम इस प्रक्रिया के कारण छूट गया हो। पीठ ने कहा, ‘‘आपको ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों की ओर इशारा करना होगा, जिन्हें इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

सब कुछ आपकी अपनी धारणा पर आधारित है।’’ निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत में कहा कि आयोग बिना पते वाले लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंका से अवगत है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से ही एक प्रक्रिया निर्धारित है। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने इस दावे का विरोध किया।

पीठ ने कहा, ‘‘हमसे इन मुद्दों पर फैसला करने के लिए न कहें। यह उनका काम है कि वे तय करें कि इस प्रक्रिया को संचालित करने का अधिक उपयुक्त तरीका क्या हो। हर बात अदालतों पर नहीं छोड़ सकते।’’ याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में लगभग तीन लाख बेघर लोग हैं और एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग की घर-घर जाकर गणना करने की प्रक्रिया उनके लिए एक ‘‘संरचनात्मक बाधा’’ है।

जनहित याचिका में कहा गया, ‘‘निर्वाचन आयोग के 14 मई 2026 के निर्देश संख्या 23/2025-ईआरएस (खंड-2) के तहत दिल्ली में जारी एसआईआर प्रक्रिया इस धारणा पर आधारित है कि बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) मतदाता सूची में दर्ज पतों पर जाकर मतदाताओं की पहचान और उनकी मौजूदगी की पुष्टि कर सकेंगे।’’ याचिका में यह भी कहा गया है कि पहले से बेघर, हाल में बेघर हुए या तोड़फोड़ की कार्रवाई की वजह से इस प्रक्रिया के कारण विस्थापित लोगों के मतदाता सूची से बाहर रह जाने और इसके परिणामस्वरूप उनके मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। याचिका के अनुसार, इससे न केवल उनके मताधिकार का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि भविष्य में उनकी नागरिकता पर भी सवाल उठने की आशंका है।

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Tamil Nadu CM Joseph Vijay ने DMK को दी चेतावनी, सही समय पर सार्वजनिक करेंगे भ्रष्टाचार के सबूत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को चेतावनी दी कि वह पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार के सबूत देने की मांग न करे, क्योंकि उनके पास पहले से ही तीन सरकारी विभागों की ‘अपराध में संलिप्तता का संकेत देने वाली फाइल’ मौजूद हैं। विजय ने कहा, ‘‘अपराध का संकेत देने वाली फाइलों की समीक्षा पहले ही की जा चुकी है और वे अभी मेरी मेज पर रखी हैं।’’ उन्होंने कहा कि वह सही समय आने पर इनका ब्योरा सार्वजनिक करेंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए विधानसभा में कहा, ‘‘शुरू में, मैं कोई बयान नहीं देना चाहता था।

लेकिन विपक्ष सबूत मांग रहा है। एक हफ्ते पहले, वित्त मंत्री (एन मैरी विल्सन) ने कहा था कि समीक्षा के बाद तीन विभागों की फाइलें मेरी मेज पर हैं। यह कोई यूं ही दिया गया बयान नहीं था।

फाइलें सबूत के साथ मेरी मेज पर हैं। मुझे खुलासा करने के लिए मजबूर न करें। मैं सही समय पर ऐसा करूंगा।’’ विजय ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि लोगों से कब, क्या और कैसे बात करनी है, और मैं बात करता हूं इसलिए लोगों ने हमें विधानसभा भेजा।’’ मुख्यमंत्री ने सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा मेजों को थपथपाए जाने के बीच कहा कि ऐसा नहीं है कि वह प्रतिक्रिया नहीं दे सकते, लेकिन उन्होंने संयम बरता ताकि विधानसभा उपचुनाव में लोगों का भला हो सके।

इससे पहले, विधानसभा में उस समय तीखी नोक-झोंक देखने को मिली, जब विपक्ष ने पिछली द्रमुक सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों पर सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार से सबूत मांगे।

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ईशान सेना में 15 साल का 'डिप्टी कमांडर, 35 साल के मोहम्मद शमी की जिद, 5 खिलाड़ियों के लिए 'करो या मरो'की जंग

Vaibhav sooryavanshi Duleep Trophy: भारतीय घरेलू सीजन का आगाज 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ हो रहा है. इस बार सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं, जिन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है. टूर्नामेंट में वैभव के अलावा रजत पाटीदार, पृथ्वी शॉ, रविचंद्रन स्मरण और रुतुराज गायकवाड़ के प्रदर्शन पर पैनी नजर रहेगी. वहीं, तीन साल से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की लाल गेंद से वापसी भी इस बार मुख्य आकर्षण होगी. Sat, 22 Aug 2026 20:58:26 +0530

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