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Flood Update : Gujarat- Haridwar में खतरे की घंटी, बाढ़ का Red Alert किया गया जारी | Heavy Rain

Flood Update : Gujarat- Haridwar में खतरे की घंटी, बाढ़ का Red Alert किया गया जारी | Heavy Rain In the next few hours, a dangerous scene of rain and flood will be seen in Gujarat and Haridwar, there has been devastation everywhere, due to which the Meteorological Department has issued a red alert in some areas of Gujarat and Utjatrakhand. So far 69 people have lost their lives due to rain and floods in Gujarat. Heavy rain alert has been issued in many states including Gujarat for the next 24 hours.अगले कुछ घंटों में गुजरात और हरिद्वार में दिखेगा बारिश और बाढ़ का खतरनाक मंजर, हर तरफ मची तबाही मची, जिसकी वजह से मौसम विभाग ने गुजरात और उत्जातराखंड के कुछ इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है. गुजरात में बारिश और बाढ़ के चलते अभी तक 69 लोगों की जान भी चली गई है। अगले 24 घंटे के लिए गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है

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Home Vastu : घर में शुरू हो जाएगी कलह...मुख्य द्वार पर गंदा पायदान रखना इतना घातक

Main Door Vastu : वास्तु शास्त्र में घर की दिशा से लेकर रसोई, मंदिर और फर्नीचर तक हर चीज की जगह तय है. इसके बावजूद अक्सर लोग गलती कर बैठते हैं. दिखने में साधारण लगने वाला घर के बाहर रखा पायदान वास्तु के हिसाब से घर की खुशहाली से सीधा वास्ता रखता है. वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही घर में सुख-समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा दोनों का प्रवेश होता है, इसलिए यहां रखी हर चीज का सही होना जरूरी है. लोकल 18 से बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि मुख्य दरवाजे पर रखा पायदान हमेशा साफ-सुथरा और समतल होना चाहिए. फटा, पुराना या गंदा पायदान ठीक नहीं. फटा पायदान घर में आर्थिक तंगी और कलह का कारण बन सकता है. वास्तु में घर की दिशा के अनुसार पायदान का रंग भी तय है. जिनका घर पूर्व मुखी है, वे पीले या सफेद रंग का पायदान रखें. उत्तर मुखी घर वालों को हरे या नीले रंग का पायदान रखना चाहिए. कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि साबुत खड़े नमक को किसी कपड़े में बांधकर पायदान के नीचे रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा वहीं रुक जाती है. इससे देवी लक्ष्मी का आगमन होता है. 

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  Sports

BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल

BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।

बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।

Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights

  • इवेंट: BWF World Championships 2026
  • इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
  • राउंड: Quarterfinal
  • भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
  • विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
  • स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
  • नतीजा: भारत की जीत
  • उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
  • खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल

15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।

पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।

भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।

ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।

नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।

चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।

हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।

रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।

अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।

Fri, 21 Aug 2026 17:07:24 +0530

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