कम बोलने वाले ही क्यों होते हैं सबसे ताकतवर? चाणक्य नीति का छुपा हुआ राज
आज के समय में जहां हर कोई खुद को साबित करने के लिए ज्यादा बोलने की कोशिश करता है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कम बोलते हैं, लेकिन उनका असर सबसे ज्यादा होता है। ऐसे लोग बिना ज्यादा बोले ही अपनी बात मनवा लेते हैं और लोगों पर गहरी छाप छोड़ते हैं।
आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कम बोलने की ताकत को सबसे बड़ा गुण बताया है। उनका मानना था कि जो व्यक्ति कम बोलना सीख जाता है, वह अपने जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है और समाज में सम्मान भी पाता है।
कम बोलने से बढ़ती है शब्दों की कीमत
चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति हर समय बोलता रहता है, उसकी बातों का महत्व धीरे-धीरे कम हो जाता है। जब कोई इंसान कम बोलता है, तो उसकी हर बात खास बन जाती है। लोग उसे ध्यान से सुनते हैं और उसकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। यही कारण है कि कम बोलने वाले लोगों की बातों की वैल्यू ज्यादा होती है और वे समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं।
कम बोलने से बढ़ती है सोचने की शक्ति
चाणक्य नीति कहती है कि कम बोलने वाले लोग ज्यादा सोचते हैं। ऐसे लोग किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि पहले उसे समझते हैं और फिर सोच-समझकर जवाब देते हैं। इससे उनके फैसले सही होते हैं और लोग उन्हें समझदार और बुद्धिमान मानते हैं।
आत्मविश्वास बनता है असली ताकत
कम बोलने वाले लोगों में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती, बल्कि उनका आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत होता है। ऐसे लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए बेवजह बातें नहीं करते। उन्हें खुद पर भरोसा होता है, इसलिए वे शांत रहते हैं और जरूरत पड़ने पर ही बोलते हैं। यही बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।
दूसरों को समझने का मिलता है मौका
चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति कम बोलता है, वह ज्यादा सुनता है। जब आप दूसरों को ध्यान से सुनते हैं, तो आप उनकी सोच, उनकी भावनाएं और उनकी कमजोरियां समझ पाते हैं। यही समझ आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती है।
कम बोलने से बनती है अलग पहचान
आज के समय में जहां हर कोई बोलने में आगे रहना चाहता है, वहां कम बोलने वाला व्यक्ति अपने आप ही अलग नजर आता है। ऐसे लोगों में एक तरह की मिस्ट्री होती है, जो दूसरों को आकर्षित करती है। लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं और उनकी बातों को ज्यादा महत्व देते हैं।
LPG सिलेंडर eKYC का आज आखिरी दिन:चूक गए तो ज्यादा दाम देना पड़ सकता है, सब्सिडी भी बंद हो सकती है, जानें पूरी प्रोसेस
अगर आप बिना किसी रुकावट के घरेलू LPG सिलेंडर पाना चाहते हैं, तो आधार बेस्ड e-KYC पूरा करने के लिए आज आपके पास आखिरी मौका है। यानी आज रात 12 बजे तक e-KYC नहीं कराने वाले ग्राहकों को सिलेंडर के लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं। यही नहीं बुकिंग रुक सकती है और उज्ज्वला कनेक्शन वालों की सब्सिडी भी बंद हो सकती है। यह नियम पुराने और नए, दोनों ग्राहकों पर लागू होगा। हालांकि, e-KYC की डेडलाइन अभी तय नहीं है। ये ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से की जा सकती है, लेकिन लंबे समय तक e-KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक भी हो सकता है। अगर आप मोबाइल एप से घर बैठे कुछ मिनट में e-KYC करना चाहते हैं तो चलिए डिटेल में जानते हैं... सवाल 1: LPG ग्राहकों के लिए आज से क्या बदलेगा? जवाब: इंडियन ऑयल सहित सभी प्रमुख तेल कंपनियों ने साफ किया है कि ग्राहकों को सब्सिडी वाले रेट पर सिलेंडर की सप्लाई जारी रखने के लिए आज 16 अगस्त 2026 तक आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य है। आज इसका आखिरी दिन है। सवाल 2: e-KYC नहीं कराने पर क्या गैस कनेक्शन रद्द होगा? जवाब: नहीं, ई-केवाईसी की समय सीमा चूकने पर गैस कनेक्शन रद्द नहीं किया जाएगा। हालांकि, वेरिफिकेशन पूरा होने तक ग्राहकों को अस्थाई रूप से घरेलू दरों पर मिलने वाले सिलेंडर का एक्सेस खोना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि कनेक्शन चालू रहेगा लेकिन आपको उस पर मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी। सवाल 3: वेरिफिकेशन न कराने पर जेब पर कितना असर पड़ेगा? जवाब: रिपोर्ट्स और कंपनियों के मुताबिक, ई-केवाईसी न होने पर ग्राहकों को घरेलू के बजाय कॉमर्शियल दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। दिल्ली में जहां 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर ₹942 का है, वहीं 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर ₹2,738 का है। यानी ग्राहकों को एक बार में ₹1,700 से ज्यादा का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। सवाल 4: देश के प्रमुख शहरों में सिलेंडर की मौजूदा कीमतें क्या हैं? सवाल 5: LPG कनेक्शनों का आधार ई-केवाईसी क्यों जरूरी किया गया? जवाब: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक और वैध ग्राहक ही रियायती LPG कनेक्शन का लाभ उठा लें। सरकार इसके जरिए सप्लाई सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है, ताकि घरेलू LPG की कालाबाजारी और इसके गलत कमर्शियल इस्तेमाल को पूरी तरह रोका जा सके। सवाल 6: यह नियम कब लागू किया गया था और अब इतनी जल्दबाजी क्यों है? जवाब: सामान्य ग्राहकों के लिए यह नियम मार्च 2026 में ही अनिवार्य कर दिया गया था। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है। डेटाबेस को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए तेल कंपनियां 16 अगस्त की अंतिम चेतावनी के साथ लगातार रिमाइंडर्स भेज रही हैं। सवाल 7: क्या मोबाइल से e-KYC कर सकते हैं? e-KYC के लिए जिस कंपनी का गैस इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका ऑफिशियल एप डाउनलोड करें। इंडेन, HP या भारत गैस का एप गूगल प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। एप में दिए गए e-KYC के ऑप्शन को चुनकर प्रक्रिया पूरी करें। फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो घबराएं नहीं फेस ऑथेंटिकेशन फेल होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। एप को दोबारा खोलकर फिर से फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया करें। ध्यान रखें कि चेहरे पर पर्याप्त रोशनी हो और मोबाइल को स्थिर रखें। फेस स्कैन के बाद एप में ‘e-KYC सक्सेस’ का स्टेटस जरूर देखें। सिर्फ फेस स्कैन हो जाने से यह न मानें कि e-KYC पूरी हो गई है। अगर स्टेटस सक्सेस नहीं दिख रहा है, तो गैस एजेंसी से अपने कंज्यूमर रिकॉर्ड में e-KYC का स्टेटस कन्फर्म कराएं। ऑफलाइन e-KYC कराने के 2 ऑप्शन अगर किसी ग्राहक को मोबाइल एप के जरिए प्रक्रिया पूरी करने में समस्या आ रही हो, तो उनके पास अन्य ऑप्शन भी हैं- 1. गैस एजेंसी जाकर: अपने नजदीकी गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करवा सकते हैं। 2. सिलेंडर डिलीवरी मैन द्वारा: जब डिलीवरी कर्मचारी घर पर सिलेंडर देने आए, तो उनके पास उपलब्ध आधिकारिक डिवाइस के जरिए भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… कैब-कंपनियां कन्फर्म बुकिंग के लिए एक्स्ट्रा पैसा नहीं मांग सकेंगी: सरकार बोली- एड ऑन और टिप जैसे ऑप्शन बंद करो, जल्दी बुकिंग के लिए मिलता है मैसेज आप कैब सर्विस से राइड बुक करते हैं तो आपको एडवांस टिप या एड ऑन के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सरकार ने बुधवार को रैपिडो, ओला, उबर और इनड्राइव जैसी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स को अपने मोबाइल एप्स से इस तरह के फीचर तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्रालय ने कहा कि बुकिंग के समय ही ग्राहकों से एडवांस टिप वसूलना गलत है। सरकार के इस कदम से कैब बुक करने वाले करोड़ों यूजर्स को राहत मिलेगी, जिन्हें अक्सर पीक ऑवर्स में राइड बुकिंग के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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