'परिसीमन वोटों के लिए, प्रतिनिधित्व के लिए नहीं', भाजपा पर कांग्रेस सांसद ने साधा निशाना
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CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की विदेश में पढ़ाई के खर्च पर विवाद, पिता की आय की जांच के लिए RTI कार्यकर्ता ने खोला मोर्चा
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। सूरत के सूचना अधिकार कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दिपके के पिता की वित्तीय स्थिति की जांच करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि महाराष्ट्र सरकार के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी होने के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की विदेशों में उच्च शिक्षा का खर्च कैसे उठाया। इसके अलावा, आरटीआई कार्यकर्ता ने निर्वाचन आयोगऔर टैक्स अधिकारियों को पत्र लिखकर उस 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड की जांच करने की भी मांग की है, जिसकी घोषणा वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सीजेपी प्रदर्शनकारियों के लिए की थी।
क्या राजनीतिक दल के नाम पर मिल रहा है फंड?
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने सीजेपी की आधिकारिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कोई गैर-पंजीकृत संस्था राजनीतिक दल के नाम पर फंड प्राप्त कर सकती है? अमित तिवारी का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक गैर-पंजीकृत संस्था है, लेकिन यह एक राजनीतिक दल के रूप में काम कर रही है। अगर इसके लिए 1 करोड़ रुपये का लीगल डिफेंस फंड देने का वादा किया गया है, तो चुनाव आयोग को यह जांच करनी चाहिए कि क्या सीजेपी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत है या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यह संस्था पंजीकृत नहीं है, तो राजनीतिक दल के नाम पर इसका संचालन करना और फंड या डोनेशन जुटाना जांच के दायरे में आना चाहिए। इसे भी पढ़ें: आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में PM Modi से माफी मिलने पर भावुक हुई लड़की, बोली- मुझे नया जीवन मिला
कपिल सिब्बल के 1 करोड़ के फंड पर जीएसटी का पेंच
यह विवाद तब और बढ़ गया जब तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड का रुख किया। उन्होंने मांग की है कि टैक्स अधिकारी इस बात की गहराई से जांच करें कि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा इस लीगल डिफेंस फंड में दिए जाने वाले योगदान पर जीएसटी लागू होगा या नहीं।
विवाद के बारे में
हाल ही में नीट पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। इन प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने के लिए सीजेपी ने एक फंड बनाया था, जिसमें सोमवार को राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था। इसी घोषणा के बाद पूरा मामला कानूनी और वित्तीय जांच के दायरे में आ गया है।
इस मामले में प्रमुख रूप से तीन मांगें उठाई गई हैं: अभिजीत दिपके के पिता के आय स्रोतों की जांच हो कि उन्होंने बेटे की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया। बिना रजिस्ट्रेशन पार्टी के रूप में काम करने और फंड जुटाने पर चुनाव आयोग दखल दे। कपिल सिब्बल द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये के सहायता फंड पर जीएसटी नियमों के तहत जांच की जाए। इसे भी पढ़ें: पानी मांगने के बहाने भरोसा जीता और फिर... Kulgam में एक आतंकवादी ने कैसे दो मजदूरों की जान ले ली
कौन हैं अभिजीत दिपके?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत करने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दिपके इस समय काफी चर्चा में हैं। दरअसल यह कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक व्यंग्य वाला ऑनलाइन अभियान था जो देखते ही देखते फेमस हो गया। शुरुआत के महज 5 दिनों में ही इंस्टाग्राम पर इसके 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए।
अभिजीत दिपके ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है। फिलहाल वह किसी नौकरी में नहीं हैं और बोस्टन से भारत लौटते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंच गए थे। दिल्ली में हुए बड़े प्रदर्शन के बाद अब उनके अमेरिका जाकर पढ़ाई करने के खर्च पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे लेकर यह आरटीआई दायर की गई है।
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