Kamika Ekadashi 2026 Date: द्विपुष्कर योग में मनाई जाएगी सावन की पहली एकादशी, जानें तारीख, विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय
Kamika Ekadashi 2026 Date: सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल कामिका एकादशी पर द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। आइए जानें इसकी सही तारीख
भाई का वादा- राखी लेकर आऊंगा...घर पहुंची लाश:चंडीगढ़ में रोते हुए बहन बोली- वीडियो कॉल पर पसंद करवाई, अब किसे राखी बांधूंगी
भाई ने वीडियो कॉल पर कहा था कि कांवड़ के साथ तुम्हारे लिए राखी भी लेकर आऊंगा। मुझे क्या पता था कि राखी की जगह उसकी लाश आएगी। उसने वादा किया था... अब मैं किसे राखी बांधूंगी। यह कहते हुए सेक्टर-30 के रहने वाले नीतीश की बहन बेसुध हो जाती है। नीतीश अपने तीन दोस्तों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेने गया था, जहां गंगनहर में नहाते वक्त एक दोस्त डूबने लगा, तो नीतीश भी उसे बचाने के लिए दोस्तों के साथ कूद गया, जिससे चारों की मौत गई थी। नीतिश की मां ने कहा कि बेटा पहली बार कांवड़ लेने गया था। उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि उन्होंने उसे जाने की अनुमति दी। नीतिश ने भोलेनाथ की कसम देकर भरोसा दिलाया था कि वह न तो गंगनहर में नहाने उतरेगा और न ही कोई जोखिम उठाएगा। 1 अगस्त को हरिद्वार से नीतीश का शव घर पहुंचा, जहां सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया। बहन ने कही 2 बड़ी बातें… वीडियो कॉल कर राखी लाने का वादा: दीपिका ने बताया कि हरिद्वार पहुंचने के बाद उसके भाई नीतीश ने वीडियो कॉल की थी। उसने बाजार में सजी राखियों की दुकानें दिखाईं और कहा कि वह उसकी पसंद की राखी खरीदकर कांवड़ के साथ घर लौटेगा। भाई ने भरोसा दिलाया था कि इस बार भी वह रक्षाबंधन पर अपनी बहन के साथ त्योहार मनाएगा। राखी नहीं, भाई की लाश घर पहुंची: दीपिका ने रोते हुए कहा कि उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस भाई के लौटने और राखी लाने का इंतजार कर रही है, उसकी लाश घर पहुंचेगी। उसने कहा- भाई ने मुझसे वादा किया था कि वह राखी लेकर आएगा, लेकिन अब वह इस दुनिया में ही नहीं है। अब मैं किसे राखी बांधूंगी। उसके इस दर्द ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। 4 पॉइंट में जानिए हादसा कैसे हुआ... ************ ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में एक साथ उठीं 3 दोस्तों की अर्थियां: मां ने नहीं दी जाने की अनुमति, तो भोलेनाथ की कसम देकर हरिद्वार गया था बेटा चंडीगढ़ में शनिवार को तीन दोस्तों की अर्थियां एक साथ उठीं। शाम करीब 5 बजे सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। तीनों के शव सुबह सेक्टर-30 स्थित उनके घर पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)
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