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Bumble New Update: अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी भेज सकेंगे First Message, कंपनी ने बदला सालों पुराना नियम

युवाओं में डेटिंग एप Bumble सबसे लोकप्रिय है। इस एप ने अपने कई फीचर्स में बदलाव किए हैं। हाल ही में कंपनी ने घोषणा कि अब मैच होने के बाद चैट चैट शुरु करने के लिए सिर्फ महिलाओं को इंतजार नहीं करना होगा। अब पुरुष और महिला, दोनों में से कई भी पहला मैसेज सेंड कर सकता है। 
दरअसल, साल 2014 में Bumble ने अपनी शुरुआत के समय इस तरह का एक अलग नियम लेकर आए थे। नियम के अनुसार, पहले हेट्रोसेक्सुअल मैच में चैट की शुरुआत सिर्फ महिला ही कर सकती थी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डेटिंग में ज्यादा कंट्रोल देना और फालतू मैसेज करने से बचाना था। गौरतलब है कि कंपनी ने इस नियम में बदलाव कर दिया है।
कंपनी ने बताया है कि कनाडा में इस नए फीचर की टेस्टिंग के दौरान चैट शुरु होने की दर बढ़ी है। इसके अलावा, कम मैच एक्सपायर हुए और पहले की तुलना में ज्यादा चैट्स दोनों तरफ से हुई हैं।

रिप्लाई के लिए टाइम लिमिट बढ़ा दी है
दरअसल, Bumble न केवल पहला मैसेज भेजने के नियम में ही बदलाव नहीं किया है बल्कि कंपनी ने मैच के बाद जवाब देने की टाइम लिमिट बढ़ा दी है। अब यूजर्स को जवाब देने के लिए 24 घंटे की जगह 72 घंटे का टाइम मिलेगा। इसका उद्देश्य उन मैचों की संख्या कम करना है, जो कि चैट शुरु होने से पहले ही एंड हो जाते हैं।
Bumble की फाउंडर और CEO Whitney Wolfe Herd ने बताया है कि यूजर्स ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी, कम दबाव और रियल कनेक्शन बनाने के ज्यादा मौके चाहते हैं। कंपनी के ये नए चेंज इसी डिमांड को ध्यान में रखकर किए गए हैं।

यूजर्स की घट रही है दिलचस्पी
गौरतलब है कि यह बदलाव तब सामने आया, जब डेटिंग एप्स को यूजर्स की दिलचस्पी घट रही है। ट्रेडिशनल स्वाइप-बेस्ड मॉडल से बढ़ती थकान का सामना करना पड़ रहा है। Bumble और Tinder की पैरेंट कंपनी Match Group सहित कई कंपनियां यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए इसमें नए फीचर्स और AI टूल्स को एड किया जा रहा है। 

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WiFi Signal Boost Tips: बिना नया राउटर खरीदे ऐसे बढ़ाएं घर में Wi-Fi की स्पीड और रेंज

आज के समय में घर का इंटरनेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पढ़ाई, ऑफिस मीटिंग, ऑनलाइन बैंकिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी जरूरी गतिविधियों का आधार बन चुका है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि एक कमरे में इंटरनेट तेज चलता है, जबकि दूसरे कमरे या बालकनी में पहुंचते ही सिग्नल कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में अधिकांश लोग नया और महंगा राउटर खरीदने की योजना बनाने लगते हैं। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर भी वाई-फाई नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

एल्युमिनियम फॉयल कैसे करती है कमाल?

एल्युमिनियम फॉयल केवल खाना पैक करने के लिए ही उपयोगी नहीं है। इसकी धात्विक सतह रेडियो तरंगों को परावर्तित (Reflect) करने की क्षमता रखती है। यही वजह है कि इसे सही आकार देकर राउटर के पीछे लगाया जाए तो वाई-फाई सिग्नल को एक निश्चित दिशा में केंद्रित किया जा सकता है। इससे उन जगहों पर बेहतर नेटवर्क मिलता है, जहां पहले सिग्नल कमजोर थे।

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डार्टमाउथ कॉलेज के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए WiPrint अध्ययन के अनुसार, पैराबोलिक रिफ्लेक्टर की मदद से कुछ स्थानों पर सिग्नल की शक्ति में लगभग 55 प्रतिशत तक सुधार देखा गया। हालांकि, वास्तविक परिणाम घर की बनावट, दीवारों और राउटर की स्थिति पर भी निर्भर करते हैं।

पैराबोलिक रिफ्लेक्टर बनाकर बढ़ाएं नेटवर्क कवरेज

अगर आपके राउटर में बाहरी एंटीना है, तो एल्युमिनियम फॉयल को हल्का घुमावदार यानी पैराबोलिक आकार में मोड़कर एंटीना के पीछे लगाया जा सकता है। यह सेटअप सिग्नल को चारों दिशाओं में फैलाने के बजाय आवश्यक दिशा में भेजने में मदद करता है। इससे खास कमरे या कार्यक्षेत्र में इंटरनेट की गुणवत्ता बेहतर महसूस हो सकती है।

कार्डबोर्ड रोल और फॉयल से बनाएं आसान सिग्नल बूस्टर

घर में मौजूद खाली टिश्यू या पेपर रोल का उपयोग भी किया जा सकता है। कार्डबोर्ड रोल को एल्युमिनियम फॉयल से अच्छी तरह ढककर उसे राउटर के एंटीना के ऊपर लगाया जा सकता है। यह एक साधारण रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है और वायरलेस सिग्नल को अधिक प्रभावी ढंग से आगे की दिशा में भेजने में सहायता करता है। कम खर्च में किया गया यह प्रयोग कई घरों में नेटवर्क कवरेज सुधारने का आसान विकल्प बन सकता है।

सॉफ्ट ड्रिंक कैन से भी मिल सकती है मदद

यदि आपके पास एल्युमिनियम फॉयल उपलब्ध नहीं है, तो खाली सॉफ्ट ड्रिंक कैन भी उपयोगी साबित हो सकती है। कैन को सावधानीपूर्वक काटकर अर्धवृत्त (Semi-Circle) का आकार दें और राउटर के पीछे रखें। यह भी सिग्नल को एक दिशा में रिफ्लेक्ट करने का कार्य करता है। शुरुआती प्रयोगों में इसी तरह के साधारण रिफ्लेक्टर का उपयोग कर शोधकर्ताओं ने नेटवर्क कवरेज में सकारात्मक बदलाव दर्ज किए थे।

नेटवर्क सुरक्षा में भी हो सकता है फायदा

जब वायरलेस सिग्नल अनावश्यक रूप से घर के बाहर तक फैलते हैं, तो आसपास मौजूद लोग आपके नेटवर्क को खोज सकते हैं। रिफ्लेक्टर लगाने से सिग्नल को सीमित दिशा में केंद्रित किया जा सकता है, जिससे अनचाहे सिग्नल लीकेज में कमी आ सकती है। हालांकि, केवल फॉयल पर निर्भर रहना पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। मजबूत Wi-Fi पासवर्ड, WPA2 या WPA3 एन्क्रिप्शन और समय-समय पर राउटर अपडेट करना भी जरूरी है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

सिर्फ फॉयल लगाने से हर समस्या का समाधान नहीं होगा। बेहतर परिणाम के लिए राउटर को घर के बीचों-बीच, खुली जगह और ऊंचाई पर रखें। उसे माइक्रोवेव, मोटी दीवारों, धातु की अलमारियों और बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रखें। साथ ही समय-समय पर राउटर रीस्टार्ट करें और यदि उपलब्ध हो तो 5GHz बैंड का उपयोग करें। इन छोटे-छोटे उपायों के साथ एल्युमिनियम फॉयल की ट्रिक मिलकर आपके घर में बेहतर और अधिक स्थिर वाई-फाई अनुभव देने में मदद कर सकती है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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