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ind vs eng: 'कुलदीप यादव को ज्यादा मौके दो...' दिग्गज की टीम इंडिया को सलाह

पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर टीम इंडिया के मैनेजमेंट को अहम सलाह दी। अश्विन का मानना है कि बाएं हाथ के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को लगातार मौके मिलने चाहिए, क्योंकि वह भारत के सबसे बड़े मैच विनर स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 विश्व कप की परिस्थितियों में दो फिंगर स्पिनिंग ऑलराउंडर के साथ उतरना सही रणनीति नहीं होगी।

अपने यूट्यूब शो 'एश की बात' पर अश्विन ने कहा कि जब हर्षित राणा पूरी तरह फिट होकर टीम में लौटेंगे, तो वह तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते । इससे प्लेइंग-11 में कुलदीप यादव के लिए जगह बन जाएगी।

भारत दो फिंगर स्पिनर के साथ नहीं खेल सकता: अश्विन
अश्विन ने कहा, 'मैं फिर कह रहा हूं कि 2027 विश्व कप में दो फिंगर स्पिनिंग ऑलराउंडर एक साथ नहीं खेल सकते। कुलदीप यादव को ज्यादा समर्थन मिलना चाहिए। वह मैच जिताने वाले गेंदबाज हैं और किसी भी चरण में विकेट निकाल सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका में उनका रिकॉर्ड भी शानदार है।'

'कुलदीप को लगातार मौके देना जरूरी'
उन्होंने टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुलदीप को अब तक उतना भरोसा नहीं मिला, जिसके वह हकदार हैं। अगर उन्हें 2027 विश्व कप के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है तो लगातार मैच खिलाकर आत्मविश्वास बढ़ाना होगा।

अश्विन ने ऑलराउंडर कॉम्बिनेशन पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हार्दिक पंड्या उनकी पहली पसंद हैं, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी दूसरे विकल्प होने चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर शिवम दुबे 2027 विश्व कप के लिए पहली पसंद बनते तो यह भारतीय टीम के लिए चिंता की बात होगी।

हालांकि, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में शिवम दुबे की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने 6 ओवर अच्छे डाले। लेकिन हार्दिक और नीतीश की गैरमौजूदगी में ही उन्हें मौका मिलना चाहिए।

गिल भविष्य में और बेहतर होंगे
शुभमन गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी से भी अश्विन काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि गिल में भविष्य का दमदार कप्तान बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि गिल जिस तरह बल्लेबाजी और कप्तानी कर रहे हैं, उससे लगता है कि भारत को अगली पीढ़ी का एक मजबूत और अधिकारपूर्ण कप्तान मिल सकता है। उन्होंने आईपीएल, टेस्ट क्रिकेट और वनडे में अपनी परिपक्वता दिखाई है।

अश्विन ने यह भी कहा कि विदेशी परिस्थितियों को लेकर गिल पर सवाल उठाना ठीक नहीं है, क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके और वहां अच्छा प्रदर्शन भी कर चुके।

इसके अलावा उन्होंने युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार की भी जमकर तारीफ की। अश्विन ने कहा कि गुरनूर लंबे कद के तेज गेंदबाज हैं, उनके पास अच्छी गति है और भविष्य में वह भारत के लिए सभी प्रारूपों में मैच जिताने वाले गेंदबाज बन सकते हैं। उन्होंने बीसीसीआई से अपील की कि गुरनूर की फिटनेस का खास ध्यान रखा जाए ताकि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकें।

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Independence Day Speech In Hindi : 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर 2 मिनट का शानदार भाषण

Independence Day Speech 2026 In Hindi : स्वतंत्रता दिवस के दिन क्या भाषण दिया जाए, इसे तैयार करने में भी लोगों को काफी समय लगता है। यहां हम आपको ऐसा ही स्वतंत्रता दिवस का भाषण बता रहे हैं, जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

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  Sports

Dhananjaya de Silva का खुलासा, Sri Lanka को टेस्ट क्रिकेट में खली 140 Kmph वाले तेज गेंदबाजों की कमी

श्रीलंका की टीम भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उतरने की तैयारी कर रही है और इसी बीच कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने टीम की तेज गेंदबाजी को लेकर एक अहम कमी की ओर ध्यान दिलाया है। उनका मानना है कि श्रीलंका को ऐसे तेज गेंदबाजों की जरूरत है जो लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद डाल सकें। मौजूदा समय में टीम के पास इस स्तर की गति वाला केवल एक गेंदबाज है।

धनंजय डी सिल्वा ने कहा कि वह चाहते हैं कि श्रीलंका के पास कम से कम दो या तीन ऐसे तेज गेंदबाज हों, जिनके पास 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हो। उन्होंने माना कि मौजूदा संसाधनों को देखते हुए असिता फर्नांडो और लाहिरू कुमारा ही टीम के लिए सबसे उपयुक्त जोड़ी हैं।

असिता फर्नांडो पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। वह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ अपनी सटीक गेंदबाजी और निरंतरता के लिए पहचाने जाते हैं। वहीं, लाहिरू कुमारा के पास ज्यादा गति है, लेकिन उनका करियर चोटों से प्रभावित रहा है। 36 टेस्ट मैचों में कुमारा ने 106 विकेट लिए हैं और उनका गेंदबाजी औसत 36.38 रहा है।

पहले टेस्ट में भी कुमारा का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा था। गाले में उन्होंने 104 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इसके बावजूद धनंजय का कहना है कि उपलब्ध विकल्पों में कुमारा ही असिता के साथ सबसे बेहतर तालमेल बनाते हैं।

गौरतलब है कि श्रीलंका के पास दुश्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका और मतीशा पथिराना जैसे तेज गेंदबाज भी हैं। हालांकि, चमीरा ने अपना पिछला टेस्ट 2021 में खेला था। चोटों के इतिहास और सीमित ओवरों की क्रिकेट में उनकी अहमियत को देखते हुए श्रीलंका ने उन्हें मुख्य रूप से छोटे प्रारूपों के लिए संभालकर रखा है। मदुशंका गाले में टेस्ट टीम का हिस्सा थे, लेकिन घरेलू प्रतियोगिता में खेलने के लिए उन्हें टीम से बाहर किया गया था।

धनंजय ने यह भी कहा कि श्रीलंका के तेज गेंदबाजों में आत्मविश्वास की कमी दिखाई देती है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले 15 वर्षों में श्रीलंका की धरती पर केवल नुवान प्रदीप ने पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। उन्होंने 2017 में भारत के खिलाफ छह विकेट लिए थे। इसके मुकाबले विदेशी तेज गेंदबाजों ने श्रीलंका में 14 बार पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लिए हैं।

बता दें कि धनंजय की कप्तानी में श्रीलंका ने घरेलू मुकाबलों में भी दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की नीति अपनाई है। उनका मानना है कि अगर श्रीलंकाई तेज गेंदबाज घरेलू परिस्थितियों में विकेट लेना सीख जाते हैं तो विदेशों में भी उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। उनका कहना है कि टीम को तेज गेंदबाजी के विकल्प बढ़ाने पर जल्द काम करना होगा और आने वाले समय में ऐसे गेंदबाज तैयार करने होंगे।
Sun, 23 Aug 2026 21:41:00 +0530

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