Crude Oil वायदा में गिरावट, आपूर्ति की चिंताएं घटने से दाम 7,811 रुपये पर आए
कमजोर हाजिर मांग के बाद कारोबारियों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से वायदा कारोबार में शुक्रवार को कच्चा तेल की कीमत 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,811 रुपये प्रति बैरल रह गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का अगस्त माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 226 रुपये या 2.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,811 रुपये प्रति बैरल रह गया। इसी प्रकार, कच्चे तेल के सितंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 190 रुपये या 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,616 रुपये प्रति बैरल रह गया।
कारोबारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से तेल की निर्यात खेप में सुधार के संकेतों से कच्चे तेल में भू-राजनीतिक जाोखिम प्रीमियम कम हुआ है, जिससे घरेलू वायदा में बिकवाली हुई है। वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 1.80 डॉलर या 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.79 डॉलर प्रति बैरल रह गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम 1.80 डॉलर या 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
Meta की वैश्विक टीम से पूछताछ करेगी केंद्र सरकार, PM Modi के पोस्ट विवाद पर एक्शन
सोशल मीडिया कंपनी मेटा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फेसबुक पोस्ट को प्रतिबंधित किए जाने के बाद केंद्र सरकार उसकी वैश्विक टीम से एल्गोरिदम पूर्वाग्रह और सार्वजनिक व्यवस्था में उनकी भूमिका से जुड़े मुद्दों पर पूछताछ करेगी। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मेटा की वैश्विक टीम के अगले हफ्ते के मध्य में किसी समय आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मेटा की वैश्विक टीम से स्पष्ट रूप से एल्गोरिदम पूर्वाग्रह से जुड़े मुद्दों, उनका एल्गोरिदम कैसे काम करता है और सार्वजनिक व्यवस्था में कंपनी की भूमिका पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जाएगा। यह टीम एक संसदीय समिति के समक्ष भी पेश होगी। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में मेटा के एक शीर्ष कार्यकारी को उस समय तलब किया था, जब भारत के युवाओं को संबोधित करने और पेपर लीक के खिलाफ सख्त उपायों का वादा करने वाली प्रधानमंत्री मोदी की हाल की पोस्ट को फेसबुक पर थोड़े समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।
हालांकि अमेरिका मुख्यालय वाली इस सोशल मीडिया कंपनी ने इस घटना के लिए एक तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया और माफी मांगी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त पाया। इस मुद्दे के बाद, मेटा ने आईटी मंत्रालय को बताया कि प्रधानमंत्री और कुछ प्रमुख खातों के पोस्ट मंच पर अतिरिक्त निगरानी के अधीन होंगे, जिसमें वरिष्ठ कंपनी अधिकारियों को शामिल करते हुए कई स्तरों की जांच होगी। मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य प्रमुख खातों द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए लागू किए गए उन्नत और कड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने भी प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने वाले कथित तौर पर फर्जी और एआई से बने पोस्ट को लेकर मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पर कुछ खातों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। सूत्रों ने कहा कि जब नियमों और कानूनों का उल्लंघन होता है, तो देनदारियां तय होंगी। सरकारी सूत्रों ने कहा कि समाज पर सोशल मीडिया का प्रभाव जगजाहिर है।
उन्होंने उन अध्ययनों का भी हवाला दिया जो दर्शाते हैं कि सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों और वयस्कों के संज्ञानात्मक स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है। एक सूत्र ने कहा, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, जो भी आवश्यक कदम होंगे वे उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन मुद्दों को लेकर गंभीर है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi



















