अनुपम खेर ने पूरी की 'यह प्रेम मोल लिया' की शूटिंग, सूरज बड़जात्या की तारीफ में पढ़े कसीदे, कहा- धन्यवाद
दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने अपनी आगामी फिल्म 'यह प्रेम मोल लिया' की शूटिंग पूरी कर ली है. इस खास मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर सेट से तस्वीरें साझा करते हुए निर्देशक सूरज बड़जात्या का आभार जताया और उनकी जमकर तारीफ की. अनुपम खेर ने कहा कि सूरज बड़जात्या के साथ काम करना हमेशा एक अद्भुत और भावनात्मक अनुभव होता है, जहां सादगी और पारिवारिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखा जाता है. उन्होंने धन्यवाद देते हुए इस सफर को बेहद यादगार बताया.
साधु बनकर संसद पहुंचे ये सांसद, राहुल गांधी ने भी दिया चंदा, सामने आया वीडियो
संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन का एक अलग तरीका अपनाया. पारंपरिक नारेबाजी और तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने के बजाय विपक्षी नेताओं ने ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर एक छोटा सांकेतिक नाटक प्रस्तुत किया. खास बात यह है कि इस नाटकीय प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी की वेशभूषा में नजर आए, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से चंदा दिया.
कुछ मिनट तक चले इस प्रदर्शन ने संसद परिसर में मौजूद सांसदों और मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा. प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जाने लगा. विपक्ष ने इस नाटक के जरिए अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे को लेकर सवाल उठाते हुए अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया.
#WATCH | Delhi | Monsoon Session of the Parliament | Opposition MPs stage a protest over the issue of alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement pic.twitter.com/W3netnDNPI
— ANI (@ANI) July 31, 2026
भगवा वस्त्र पहन पुजारी की भूमिका में दिखे पप्पू यादव
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा रंग के वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में दिखाई दिए. उनके सामने प्रतीकात्मक रूप से चंदा लेने की व्यवस्था की गई थी. इस दौरान समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा भी प्रदर्शन में शामिल रहीं. दरअसल अब संसद में राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा गर्माने की आशंका जताई जा रही है.
राहुल गांधी ने भी दिया चंदा
वहीं अन्य विपक्षी सांसद पीछे खड़े होकर इस सांकेतिक नाटक को देखते नजर आए. थोड़ी देर बाद राहुल गांधी वहां पहुंचे और उन्होंने पप्पू यादव को प्रतीकात्मक रूप से चंदा दिया. इसके बाद प्रदर्शन में एक नया मोड़ आया, जब पप्पू यादव चंदा लेकर वहां से भागने लगे.
यह दृश्य नाटक का हिस्सा था। पप्पू यादव के आगे बढ़ते ही वहां मौजूद अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया. इस दौरान सांसदों ने ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए. पूरे घटनाक्रम को विपक्ष ने राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश किया.
नारेबाजी की जगह नाटक से उठाया मुद्दा
लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों का यह प्रदर्शन कुछ ही मिनट तक चला, लेकिन इसकी प्रस्तुति सामान्य विरोध प्रदर्शनों से अलग रही. विपक्ष ने इस बार केवल नारे लगाने के बजाय नाटकीय मंचन के माध्यम से अपना पक्ष रखने की कोशिश की.
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर सवाल उठाए. विपक्ष का कहना है कि इस मामले से जुड़े आरोपों पर जवाब दिया जाना चाहिए. वहीं, प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि चंदे से जुड़े मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाया जाता रहेगा.
प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर में मौजूद कई सांसद और पत्रकार भी वहां पहुंच गए. कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसके बाद इसके अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगे.
कई दिनों से जारी है ‘चंदा चोरी’ का विरोध
विपक्ष पिछले कुछ दिनों से अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन कर रहा है. समाजवादी पार्टी के सांसद इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं.
विरोध के तहत सपा सांसद कई बार प्रतीकात्मक दान पात्र लेकर संसद परिसर पहुंचे हैं. वे अन्य सांसदों के सामने दान पात्र रखकर चंदे से जुड़े सवालों को सांकेतिक रूप से उठाते रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है.
शुक्रवार का नाटक भी इसी विरोध अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले सपा सांसद डिंपल यादव भी संसद परिसर में प्रतीकात्मक दान पात्र लेकर पहुंची थीं. उन्होंने अन्य सांसदों से सांकेतिक रूप से चंदा मांगा और इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया था.
मानसून सत्र में बढ़ी सियासी तकरार
संसद का मानसून सत्र पिछले कई दिनों से विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक का गवाह बन रहा है. कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं.
ऐसे माहौल में विपक्ष ने ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे को उठाने के लिए नाटक का सहारा लिया. इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुद्दे को अलग और आकर्षक तरीके से लोगों तक पहुंचाना भी माना जा रहा है.
संसद परिसर में हुए इस सांकेतिक मंचन ने यह दिखाया कि राजनीतिक विरोध के तरीके लगातार बदल रहे हैं. सोशल मीडिया के दौर में छोटे और दृश्यात्मक प्रदर्शन तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं. अब यह देखना होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर किस तरह आगे बढ़ाता है और इस पर सत्ता पक्ष की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
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