'महाभारत' के कृष्ण की भविष्यवाणी, '100% ऑस्कर जीतेगी रामायण', रणबीर कपूर को एनिमल पर दी ये खास सलाह
Nitish Bhardwaj Prediction For Ramayan Oscar: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' (Ramayana) का ट्रेलर रिलीज के बाद से लगातार सुर्खियां बटोर रहा है. फिल्म के भव्य विजुअल्स, शानदार वीएफएक्स और दमदार बैकग्राउंड स्कोर की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. ट्रेलर ने रिलीज के कुछ ही घंटों में ही लाखों व्यूज बटोरी लिए हैं. फैंस फिल्म को इंडिया की सबसे बड़ी फिल्म के मान रहे हैं. इसी बीच बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर नितीश भारद्वाज (Nitish Bhardwaj) का पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने ट्रेलर की जमकर तारीफ की और फिल्म को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. इतना ही नहीं उन्होंने रणबीर कपूर को एनिमल फिल्म पर खास सलाह दी है.
'100% ऑस्कर' जीतेगी रामायण
नितीश भारद्वाज ने रामायण का ट्रेलर देखने के बाद इंस्टाग्राम पर अपना रिएक्शन शेयर किया है. उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'उनके अनुसार, 'रामायण' 100 प्रतिशत बेस्ट फॉरेन फिल्म का ऑस्कर जीतेगी.' उन्होंने डायरेक्टर नितेश तिवारी की तारीफ करते हुए कहा, 'नितेश तिवारी सत्यजीत रे और शेखर कपूर के बाद इंडियन सिनेमा का दुनिया को मिलने वाला अगला बड़ा गिफ्ट हैं.' इसके साथ ही उन्होंने फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी, वीएफएक्स और एआई के यूज की जमकर तारीफ की. उन्होंने इंडियन सिनेमा के साथ कोलैबोरेट करने के लिए म्यूजिशियन हंस जिमर का भी शुक्रिया किया.
रणबीर कपूर को एनिमल पर दी खास सलाह
पोस्ट में नितीश ने पहले तो रामायण के लिए रणबीर कपूर की तारीफ की. उसके साथ ही उन्हें एक खास सलाह दी. उन्होंने आगे लिखा, 'वह हमेशा से रणबीर की एक्टिंग के फैन रहे हैं, लेकिन अब उनके कंधों पर भारत की संस्कृति, विरासत और वैल्यूस को आगे बढ़ाने की रिस्पॉन्बिलिटी भी है. इसके आगे उन्होंने रणबीर से अपील करते हुए लिखा, 'रामायण' के बाद 'एनिमल' जैसी फिल्मों मत करना. चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा ऑफर क्यों न मिले.' नितीश ने कहा, 'भारत में बहुत कहानियां हैं जो आपकी एक्टिंग स्किल को पूरी तरह सामने ला सकती हैं. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग साई पल्लवी को माता सीता के रूप में स्वीकार करेंगे.
नितीश की पोस्ट पर लोगों ने दिए रिएक्शन
नितीश भारद्वाज की पोस्ट पर फैंस ने भी जमकर रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'रणबीर कपूर को दी गई आपकी सलाह बिल्कुल सही है.' वहीं दूसरे यूजर ने कहा, 'सर, हमें उम्मीद है कि आपकी बात सच साबित होगी. वहीं, एक अन्य ने उनके रिव्यू की तारीफ करते हुए लिखा, 'भगवान श्री कृष्ण के सबसे बेहतरीन कैरेक्टर की ओर से सबसे शानदार रिव्यू. इसके साथ ही कई लोगों ने ट्रेलर को इंडियन सिनेमा के लिए ऐतिहासिक बताया और फिल्म की सक्सेस के लिए कामना की.
रामायण को थिएटर में देखने के लिए फैंस एक्साइटेड
'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसे लोगों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. कुछ ही घंटों में ट्रेलर ने लाखों व्यूज बटोर लिए और सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर रामायण के ट्रेलर के बारे में बातें हो रही हैं. फैंस खासतौर पर रणबीर कपूर के भगवान राम, यश के रावण और साई पल्लवी के सीता अवतार को पसंद कर रहे हैं. वहीं फिल्म के वीएफएक्स, भव्य सेट, बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी को भी खूब सराहा जा रहा है. ऐसे में अब फैंस की नजर फिल्म की रिलीज पर टिकी है और इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि 'रामायण' बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ इंटरनेशनल लेवल पर भी कितना बड़ा इतिहास रचती है. बता दें कि फिल्म इसी साल दिवाली के मौके पर रिलीज होगी.
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लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, जानें अब क्या होगा
सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से पारित हो गया है. सदन में विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी गई. इस दौरान विपक्ष के कुछ सदस्यों ने बिल के अलग-अलग क्लॉज में संशोधन के नोटिस दिए थे, लेकिन उनके प्रस्तावों को सदन की स्वीकृति नहीं मिल सकी.
विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के साथ ही परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है. हालांकि, बिल के कुछ प्रावधानों को लेकर विपक्ष की ओर से सुझाव और संशोधन प्रस्ताव भी सामने आए.
कई सदस्यों ने दिए थे संशोधन के नोटिस
विधेयक के कुछ क्लॉज में विपक्षी सांसद जॉन ब्रिटास, ए. ए. रहीम, हरीश बीरान और संतोष कुमार पी. ने संशोधन के नोटिस दिए थे. हालांकि, जब इन संशोधनों पर मतदान का समय आया, तब ये सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे.
सदन में अनुपस्थिति के कारण उनके संशोधन प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया नहीं हो सकी. इसके बाद विधेयक के अन्य प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
पी. विल्सन और तिरुचि शिवा ने रखे प्रस्ताव
राज्यसभा में सांसद पी. विल्सन और तिरुचि शिवा ने भी विधेयक में बदलाव से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पेश किए. उन्होंने बिल के कुछ प्रावधानों में संशोधन की मांग रखी और अपने सुझाव सदन के सामने रखे.
हालांकि, मतदान के दौरान उनके संशोधन प्रस्तावों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. इसके चलते दोनों प्रस्ताव गिर गए और विधेयक को मूल स्वरूप में आगे बढ़ाया गया.
संशोधन प्रस्तावों के खारिज होने के बाद सदन में विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया पूरी की गई.
ध्वनिमत से मिली विधेयक को मंजूरी
सदन में चर्चा और संशोधन प्रस्तावों पर निर्णय के बाद एंटी पेपर लीक बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. ध्वनिमत का अर्थ है कि सदन में मौजूद सदस्य अपनी सहमति या असहमति आवाज के माध्यम से व्यक्त करते हैं. यदि पीठासीन अधिकारी को बहुमत किसी एक पक्ष के समर्थन में दिखाई देता है, तो उसी आधार पर फैसला सुनाया जाता है.
इस प्रक्रिया के तहत राज्यसभा ने विधेयक को मंजूरी दे दी. बिल के पारित होने के बाद अब इससे जुड़े आगे के संवैधानिक और विधायी चरण पूरे किए जाएंगे.
परीक्षा व्यवस्था में सख्ती लाने का उद्देश्य
एंटी पेपर लीक बिल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, संगठित नकल, परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है. हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंताएं बढ़ाई हैं.
ऐसे मामलों में परीक्षाएं रद्द होने से उम्मीदवारों को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है. इससे समय और आर्थिक संसाधनों का नुकसान होता है. परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं.
इस विधेयक के जरिए परीक्षा से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है.
अब क्या होगा?
राज्यसभा से विधेयक के पारित होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यदि विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून का रूप ले सकेगा.
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर राजनीतिक बहस जारी रह सकती है, लेकिन राज्यसभा से इसके ध्वनिमत से पारित होने के बाद परीक्षा में पारदर्शिता और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं.
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