कौन है रामायण के ट्रेलर में दिखा सफेद पंखों वाला हाथी? जिनका रावण के साथ हुआ युद्ध, इंद्रदेव से जुड़ा है कनेक्शन
Who Is Airavata White Elephant In Ramayana: रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण (Ramayana) का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. ट्रेलर को लोग बहुत पसंद कर रह हैं. इसी के साथ लोग फिल्म के सभी कैरेक्टर के बारे में बातें करने लगे हैं. एक तरफ जहां यश रावण के किरदार में खूफ तारीफें लूट रहे हैं तो रणबीर राम के किरदार के साथ न्याय करते दिखे. फिल्म के ट्रेलर में हर किरदार ने अपने काम से छाप छोड़ी है. एक तरफ जहां ट्रेलर्स में राक्षसों के बदले जाने को लेकर बातें हो रही हैं तो वहीं, सफेद पंखों वाले हाथी को लेकर भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है. दरअसल,अब तक जितने भी रामायण पर सीरियल और फिल्में बनी हैं उनमें सफेद पंखों वाला सफेद हाथी नहीं दिखाई दिया. रामायण के ट्रेलर में जो सफेद पंखों वाला सफेद हाथी दिखाई देता है, उससे रावण युद्ध होता है. आइए जानते हैं कि इस ऐरावत हाथी का रामायण और इंद्रदेव से क्या कनेक्शन है.
इंद्रदेव से जुड़ा है कनेक्शन
आपको बता दें हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐरावत को इंद्रदेव की सवारी माना जाता है, जो एक दिव्य हाथी होता है. ट्रेलर में इस हाथी का रावण से खतरनाक युद्ध होता है. कथाओं के अनुसार, ऐरावत को एक विशाल, चमकदार सफेद हाथी के रूप में बताया गया है और उसका संबंध बादलों, बारिश और इंद्र के स्वर्गीय लोक से माना जाता है. इसके अलावा विभिन्न परंपराओं में ऐरावत को अभ्रमातंग और नागयांति जैसे नामों से भी जाना जाता है. हिंदू पैराणिक कथाओं के अनुसार, ऐरावत का बारिश और आकाश से संबंध हैं जो इंद्र से उसकी नजदीकी को दिखाता है. जिन्हें वैदिक परंपरा में तूफान और वर्षा के देवता माना जाता है.
रामायण से ऐरावत का क्या संबंध है?
जैसा कि आपको बताया कि ऐरावत का हिंदू पौराणिक कथाओं से व्यापक संबंध है, उन्हें मुख्य रूप से इंद्र की सवारी माना गया है. ऐरावत का रामायण से कोई सीधा संबंध नहीं है. लेकिन रामायण: पार्ट 1 के ट्रेलर में इसका दिखना कहानी को राम, सीता और रावण से आगे बढ़ाकर एक बड़े सिनेमैटिक रूप में पेश करने से है. ट्रेलर में रावण को ऐरावत से युद्ध करते हुए दिखाय गया है, जो स्क्रीन पर देखने में काफी शानदार लगता है. ट्रेलर में लंकेश को ऐसा शक्तिशाली योद्धा दिखाया गया है, जो स्वर्गीय शक्तियों को भी चुनौती दे सकता है. इसके अलावा यह भी दिखाय गया है कि वह खुद को तीनों लोकों पर शासन करने वाला शासक बताता है. ऐसे में किसी दिव्य पात्र से उसकी भिड़ंत उसका देवताओं को चुनौती देने का प्रतीक बन जाती है.
ट्रेलर में रावण को कैसा दिखाय गया
ट्रेलर में रावण के किरदार में यश को काफी पसंद किया जा रहा है. रावण के किरदार की शुरुआत उस दावे से होती है, जिसमें वह खुद को तीनों लोकों का राजा होने का दावा करता है. जब रावण तबाही और विनाश फैलाता है, तब भगवान विष्णु संसार का बैलेंस बनाए रखने और पृथ्वी की रक्षा करने के लिए भगवान राम का अवतार लेते हैं. जिसके बाद रणबीर कपूर की राम के रूप में झलक दिखाई जाती है. जो अपने लोगों की रक्षा के लिए राक्षसों से लड़ते हैं, इसके बाद उनका माता सीता से विवाह होता हैं और इसी तरह रामायण के मुताबिक कहानी आगे बढ़ती है और उन्हें 14 साल का वनवास मिलता है. इस दौरान रावण माता सीता का हरण कर लेता है. जिसके बाद राम, लक्ष्मण, हनुमान और रावण के बीच भीषण युद्धा होता है, राम रावण का वध करके सीता को उसके चुंगल से छुड़ाते हैं.
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आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत न मिलने पर अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस से सांसद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था।
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की कार्यवाही के खिलाफ एक स्पेशल लीव याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपनी आंखों की बीमारी के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगी थी।
अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 3 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है।
इससे पहले, बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 2016 में सड़क दुर्घटना में आंख में चोट लगने के बाद से वे लगभग एक दशक से अमेरिका में आंखों का इलाज करवा रहे हैं। हालांकि, 20 जुलाई को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने सांसद को तुरंत विदेश जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया और इसके बजाय उन्हें पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विशेषज्ञों से सलाह लेने का निर्देश दिया।
हाई कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा के अनुरोध पर आगे का फैसला एसएसकेएम के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की जांच के बाद ही लिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने विदेश यात्रा के लिए बनर्जी की याचिका का विरोध किया था। एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने तर्क दिया कि तृणमूल नेता से जुड़े कई मामले लंबित हैं और उन्हें विदेश जाने की इजाजत देने से जांच में मुश्किलें आ सकती हैं।
यह कार्यवाही उस मामले से भी जुड़ी है जिसमें बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान नफरत और हिंसा भड़काने वाले भाषण देने का आरोप है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने वाली कथित टिप्पणियां भी शामिल हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले बनर्जी को गिरफ्तारी सहित पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी, जो कुछ शर्तों के अधीन थी। इन शर्तों में से एक यह थी कि विदेश यात्रा करने से पहले उन्हें कोर्ट से इजाजत लेनी होगी।
इलाज के लिए विदेश यात्रा की तत्काल इजाजत देने से इनकार करते हुए, हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को उनकी अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी और उन्हें जांच में सहयोग जारी रखने का निर्देश दिया।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे बनर्जी ने सबसे पहले 23 जून को कलकत्ता हाई कोर्ट में अर्जी देकर आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की सात दिन की इजाजत मांगी थी। अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में एक राजनीतिक कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय सड़क हादसे में उनकी आंखों में गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद उन्होंने भारत और विदेश के अस्पतालों में इलाज कराया था।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीएससी
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