'धोनी ने मेरी जगह ले ली...' वर्षों बाद छलका दिनेश कार्तिक का दर्द, बताया एमएस ने टीम इंडिया में कैसे किया उनको रिप्लेस?
Dinesh Karthik on MD Dhoni : भारतीय क्रिकेट में एक समय ऐसा था, जब विकेटकीपर की कमी थी. ये दौर साल 2000 से लेकर 2005 तक का था. उन दिनों इंडियन क्रिकेट टीम के लिए राहुल द्रविड़ विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभालते थे. राहुल टीम इंडिया के पार्ट टाइम विकेटकीपर थे. वो टीम में प्रमुख बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे थे. लेकिन टीम में कोई प्रमुख विकेटकीप नहीं होने के चलते उनके विकेट के पीछे दस्ताने पहनने पड़ रहे थे. इसके बाद टीम में पार्थिव पटेल, दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी की एंटी हुई. ये तीनों शानदार विकेटकीपर थे. लेकिन एमएस धोनी ही लंबे समय तक टीम के साथ बने रहे. बाकी पार्थिव और दिनेश कार्तिक की जगह चली गई.
टीम इंडिया में दिनेश कार्तिक उस दौर में सेटल हो गए थे लेकिन अचानक महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया में आए और उन्होंने कार्तिक की जगह ले ली. अब दिनेश ने एक निजी पॉडकास्ट में बात करते हुए बताया है कि, भारतीय क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी ने उनकी जगह कैसे ली थी. उन्होंने इस दौर के बारे में खुलकर बात की जब धोनी से पहले वो टीम इंडिया में आए थे और फिर बाद में धोनी ने उनको रिप्लेस कर दिया. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
धोनी ने कैसे ली कार्तिक की टीम में जगह
दिनेश कार्तिक ने कहा कि, 'हमारा क्रिकेट करियर जब शुरू हुआ तो, उस समय इंडिया में विकेटकीपर की बहुत कमी थी. राहुल द्रविड़ अपने करियर के आखिर में विकेटकीपिंग कर रहे थे. वो टीम में मुख्य बल्लेबाज थे लेकिन उन्होंने विकेटकीपर के तौर पर खेलना पड़ रहा था. इसलिए सिस्टम एक सही लंबे समय के लिए विकेटकीपर ढूंढ रहा था. ऐसे में कुछ नाम थे उनके पास, जिनमें दीप दासगुप्ता, पार्थिव पटेल और मेरा नाम शामिल था'.
दिनेश कार्तिक ने आगे कहा कि, 'मुझे इंडिया ए के साथ पहला मौका मिला और मैंने जिम्बाब्वे का दौरा किया. उस समय एमएस धोनी भी उस दौरे पर थे. मैं उस टीम में प्रमुख विकेटकीपर था और धोनी मेरा बैकअप थे. वहां से मुझे इंडिया के लिए चुना गया. मेरे जाने के बाद धोनी को इंडिया ए के लिए खेलने का मौका मिला. धोनी इंडिया, पाकिस्तान और केन्या के साथ ट्राई-सीरीज के लिए केन्या गए.
कार्तिक ने इस बारे में आगे बात करते हुए कहा कि, 'उन्होंने सच में कमाल कर दिया और वहां पर शानदार प्रदर्शन किया. धोनी ने कुछ ही महीनों में टीम इंडिया की उसी वनडे टीम में मेरी जगह ले ली. वो एक छोटे से शहर से आकर, बिना डरे ताजगी के साथ खेले और बाकी सब इतिहास बना दिया. वह आगे बढ़े और कैसे बढ़े ये सब जानते हैं. बस वो शानदार है'.
???? Dinesh Karthik: "MS Dhoni replaced me in the same ODI squad within a couple of months."????
— Mahi Patel (@Mahi_Patel_07) July 29, 2026
DK on how MS Replaced him: India had a real dearth of wicketkeepers back then. Rahul Dravid was keeping wickets at the tail end of his career, so the system was searching for a proper… pic.twitter.com/rpgxWhRPI9
कार्तिक के बाद हुआ था टीम में धोनी का डेब्यू
दिनेश कार्तिक ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू भारत के लिए 5 सितंबर 2004 को किया था. वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू 23 दिसंबर 2004 को किया. धोनी टीम में दिनेश कार्तिक के बाद आए और अपनी जगह पक्की कर ली, जिसके बाद दिनेश कार्तिक को जगह नहीं मिली.
कैसा रहा धोनी और कार्तिक का करियर
धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 17,266 रन बनाए और तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) मिलाकर कुल 538 मैच खेले हैं. वहीं दिनेश कार्तिक ने तीनों फॉर्मेट में कुल 180 मैच भारत के लिए खेले हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 3463 रन बनाए हैं.
पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थाई रोक लगाने के लिए सरकार ने मेटा से मांगा विस्तृत जवाब
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार के सामने पेश होकर पीएम नरेंद्र मोदी की उस पोस्ट के लिए विस्तृत जवाब देने को कहा है, जिस पर कुछ समय के लिए फेसबुक ने अस्थाई रोक लगा दी थी। यह बैठक अगले सात से 10 दिनों के बीच हो सकती है।
इस मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस.कृष्णन ने कहा कि सरकार मामले को पूरी तरह से समझने के लिए मेटा से नीतिगत स्तर और तकनीकी स्तर दोनों प्रकार का स्पष्टीकरण लेना चाहती है।
उन्होंने कहा, भारत अपनी चिंताएं सीधे मेटा तक पहुंचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।
कृष्णन ने बताया, मेटा ने इस घटना पर पहले ही खेद जताया है और सरकार को शुरुआती स्पष्टीकरण दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने और अधिक विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें यह भी शामिल है कि कंपनी ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए क्या उपाय कर रही है।
यह नया कदम सरकार द्वारा मेटा के एक सीनियर अधिकारी को बुलाए जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। यह बुलावा प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगने के बाद भेजा गया था।
इस पोस्ट में भारत के युवाओं को संबोधित किया गया था और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सरकार के संकल्प को दोहराया गया था।
हालांकि मेटा ने इस घटना को तकनीकी खराबी बताया और माफी मांगी, लेकिन सरकार का कहना था कि अब तक दिया गया स्पष्टीकरण अपर्याप्त है और इसकी और जांच की जरूरत है।
23 जुलाई को पोस्ट किए गए वीडियो में, पीएम मोदी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है।
कृष्णन के अनुसार, मेटा ने सरकार को सूचित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उसने 28 जुलाई से एक नया प्रोटोकॉल लागू किया है।
इस अपडेटेड प्रोसेस में प्रधानमंत्री और अन्य हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स द्वारा पब्लिश किए जाने वाले कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी शामिल है। कंपनी का मकसद अनजाने में लगाई जाने वाली रोक के खिलाफ सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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