सूचना प्रौद्योगिकी और एचडीएफसी बैंक में लिवाली से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 889 अंक उछला
मुंबई, 29 जुलाई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी आई और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। बीएसई सेंसेक्स 889 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 265 अंक की तेजी रही। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों के ताजा पूंजी प्रवाह से भी बाजार को समर्थन मिला।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक यानी 1.16 प्रतिशत चढ़कर 77,654.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 999.57 अंक चढ़कर 77,765.49 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी 264.85 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,250.20 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे अधिक 4.70 प्रतिशत चढ़ा, जबकि इन्फोसिस में 4.50 प्रतिशत की तेजी रही। इसके अलावा ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट रही।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 755.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे बाजार धारणा को मजबूती मिली। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आज आने वाले नीतिगत फैसले से पहले भारतीय बाजार घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद, बेहतर कॉरपोरेट नतीजों, सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में लगातार खरीदारी और रुपये में मजबूती के साथ बढ़त में रहे।
यह तेजी एशियाई बाजारों में कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच आई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.79 प्रतिशत बढ़कर 87.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.98 प्रतिशत टूटा, जबकि जापान का निक्की भी गिरावट के साथ बंद हुआ।
दूसरी ओर चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट थी जबकि मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स मंगलवार को 69.86 अंक और निफ्टी 10.60 अंक की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था।
महिंद्रा एंड महिंद्रा 525 करोड़ रुपये में अपनी अनुषंगी कंपनी एसएमएल महिंद्रा को हस्तांतरित करेगी ट्रक एवं बस कारोबार
मुंबई, 29 जुलाई वाहन विनिर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने बुधवार को पुनर्गठन योजना की घोषणा करते हुए कहा कि वह 525 करोड़ रुपये में अपने ट्रक एवं बस कारोबार को अपनी अनुषंगी कंपनी एसएमएल महिंद्रा को हस्तांतरित करेगी। शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, इस हस्तांतरण से सूचीबद्ध कंपनी एसएमएल महिंद्रा को अधिक तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी। इसमें एमएंडएम की करीब 59 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कंपनी ने कहा कि उनका लक्ष्य वित्त वर्ष 2029-31 तक 12,500 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ भारत की चौथी सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनी बनना है। एसएमएल महिंद्रा और एमएंडएम के ट्रक एवं बस कारोबार का संयुक्त राजस्व 6,000 करोड़ रुपये से कम है। महिंद्रा समूह ने पिछले वर्ष तत्कालीन एसएमएल इसुजु में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी।
मध्यम एवं हल्के वाणिज्यिक वाहन खंड में उसकी मजबूत मौजूदगी है। अधिग्रहण के बाद कंपनी का नाम बदलकर एसएमएल महिंद्रा कर दिया गया। वहीं, समूह का ट्रक एवं बस कारोबार भारी वाणिज्यिक वाहन खंड में अधिक मजबूत है।
एसएमएल महिंद्रा के चेयरमैन विनोद सहाय ने कहा कि प्रस्तावित अधिग्रहण से ट्रक एवं बस पर केंद्रित एकीकृत वाणिज्यिक वाहन कारोबार का गठन होगा। दोनों कारोबार के एक साथ आने से एकीकृत उत्पाद विकास योजना पर काम किया जाएगा, उत्पाद मंचों एवं प्रौद्योगिकियों को साझा किया जाएगा तथा ब्रांड की साख का बेहतर उपयोग किया जाएगा। शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, कारोबार हस्तांतरण समझौते (बीटीए) पर सात अगस्त तक हस्ताक्षर किए जाएंगे और इस सौदे को जनवरी, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुख्य वित्त अधिकारी अमरज्योति बरुआ ने कहा कि कंपनी ने ‘स्लंप सेल’ (एकमुश्त बिक्री) का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि उसका मानना था कि एसएमएल के शेयरधारकों को कंपनी का मूल्यांकन मौजूदा स्थिति के आधार पर मिलना चाहिए और उसमें भविष्य की संभावनाओं को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
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