'फिल्म की शूटिंग कर घर लौटा तो दुनिया...', पवन सिंह पहली पत्नी की मौत को यादकर फूट-फूटकर रोए
Pawan Singh Emotional Recall Neelam Singh: रियलिटी शो भोजपुरी बवाल (Bhojpuri Bawal) इन दिनों लोगों के बीच छाया हुआ है. सोशल मीडिया पर शो से जुड़ी कई क्लिप वायरल हो रही हैं, जिसमें भोजपुरी सेलेब्स के अनसुने किस्से और खुलासे सामने आ रहे हैं. इतना ही नहीं शो से जुड़े एक के बाद एक प्रोमो भी सामने आ रहे हैं. अभी हाल ही में एक और प्रोमो जारी हुआ. जिसमें पावर स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) अपनी पहली पत्नी नीलम सिंह की मौत के बारे में बताते हुए नजर आए. वह उनके बारे में बताते हुए फूट-फूटकर रोने लगे, इतना नहीं वह जब वह अपनी पत्नी के बारे में बता रहे हैं तो इतने भावुक हो गए कि वह इस बारे में बात करने से मना कर देते हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी की मौत के बारे में क्या कुछ बताया.
'फिल्म की शूटिंग कर घर लौटा तो दुनिया...'
भोजपुरी बवाल के प्रोमो में पवन सिंह अपनी पत्नी की फोटो की आरती उतारते नजर आए. उन्होंने नीलम सिंह की तस्वीर पर फूल-माला भी चढ़ाई. उन्होंने अपनी पत्नी को याद करते हुए कहा कि वह उनकी लाइफ की देवी थीं, जिसे खो दिया. जब तक जीवन रहेगा, वहीं, उनकी जीवन रहेंगी. उन्होंने कहा, 'मैंने अपने जीवन में देवी पाया था. खो दिया. ये हमारे जीवन की देवी जबसे हमें मिलीं. ये हमारे जीवन की देवी थीं, हैं और जब तक हमारे शरीर में जान रहेगा यही हमारी जीवन हैं. मैं एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था. घर-घर आते काफी लेट हो गया. मैं अंदर आया तो देखा कि हॉल का दरवाजा खुला हुआ है. हॉल क्रॉस किया और अपने रूम का दरवाजा खोला, तो देखा कि दुनिया खत्म थी.
पत्नी की मौत को याद कर फूट-फूटफूट कर रोए
जब एक्टर अपनी पत्नी की मौत के बारे में बता रहे होते हैं तो अचानक वह बहुत ज्यादा भावुक हो जाते हैं और फूट-फूटकर रोने लगते हैं. वह अपनी पत्नी को याद कर इतने इमोशनल हो जाते हैं कि उनके मुंह से एक शब्द बाहर नहीं निकलता. जिसके बाद वह कहते हैं कि वह इस बारे में नहीं बोल पाएंगे. पवन सिंह का इमोशनल साइड देखकर उनके फैन्स भी भावुक हो गए हैं. बता दें कि पहली पत्नी की देहांत के बाद पवन सिंह भोजपुरी की जानी-मानी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग रिलेशन में आए, हालांकि दोनों बाद में अलग हो गए. बताया जाता है कि पवन सिंह ने अपनी मां के कहने पर अक्षरा को छोड़कर ज्योति सिंह से शादी की थी. अब सालों बाद पवन सिंह की दूसरी शादी भी टूटने के कगार पर है.
पवन सिंह की पहली पत्नी ने की थी आत्महत्या
पवन सिंह ने नीलम सिंह से 1 दिसंबर 2014 में शादी की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीलम उनके बड़े भाई की साली बताई जाती हैं. हालांकि, उनकी शादी कुछ ही महीनों तक चली थी. करीब तीन महीने बाद मार्च 2015 में नीलम ने आत्महत्या कर ली थीं.
भोजपुरी बवाल में आम्रपाली पर भड़के पवन सिंह
भोजपुरी बवाल के एक अन्य में प्रोमो में पवन सिंह आम्रपाली दुबे पर भड़कते हुए नजर आए. जिसमें नीलम गिरी कहती हुई सुनाई देती है कि पवन जी को नई-नई हीरोइनों के साथ काम करना पसंद है. इस पर आम्रपाली कहती हैं कि वो लड़कियों के शौकीन हैं. भोजपुरी हसीनाओं की गॉसिप सुनकर पवन सिंह भड़क जाते हैं. वो कहते हैं, 'हमको ये सब बिल्कुल पसंद नहीं हैं.' वहीं, दूसरे प्रोमो में आम्रपाली और निरहुआ की दोस्ती में दरार पड़ती दिखी थी, जिसमें निरहुआ कहते सुनाई दिए कि आम्रपाली दुबे बहुत नखरे करती हैं. उनकी बात सुनकर एक्ट्रेस रोने लगती हैं.
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यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026: उत्तर प्रदेश ने जापानी निवेशकों के सामने विकास और निवेश की नई कहानी पेश की
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को नई दिल्ली के ताज पैलेस में यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 का आयोजन कर जापान के उद्योग जगत के सामने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और बदलते औद्योगिक परिदृश्य की विस्तृत तस्वीर पेश की. सम्मेलन में जापान से आए 200 से अधिक सीईओ, प्रबंध निदेशक, कंट्री हेड्स और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देना तथा जापानी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना रहा.
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सहित कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
वक्ताओं ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, बेहतर कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विस्तार, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों को रेखांकित किया.
यूपी देश की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और वैश्विक निवेशकों के लिए प्रदेश में निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं.
सीएम योगी ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है. इन परियोजनाओं ने राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधाओं का आधार तैयार किया है.
500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाने वाली ‘जापानी सिटी’ की घोषणा
मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया. सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर-5ए में लगभग 500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाने वाली ‘जापानी सिटी’ की घोषणा रही.
यह परियोजना जापानी उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक समर्पित औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय इकोसिस्टम के रूप में विकसित की जाएगी.
उन्होंने जापानी निवेशकों को इस परियोजना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी निवेश के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और तेजी से स्वीकृति की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
सम्मेलन के दौरान यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित होने वाली दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह भी आयोजित किया गया. इनमें पहली परियोजना एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की विनिर्माण इकाई है. कंपनी को यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि आवंटित की गई है.
4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद
लगभग 2,029 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाली इस परियोजना से करीब 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. परियोजना में प्रतिवर्ष लगभग 60,000 ट्रैक्टरों का निर्माण किया जाएगा.
इसके साथ ही ट्रैक्टरों और कृषि मशीनरी से जुड़े विभिन्न कलपुर्जों एवं घटकों का उत्पादन भी किया जाएगा. इससे उत्तर प्रदेश में कृषि उपकरण और इंजीनियरिंग विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना स्पार्क मिंडा समूह से जुड़ी है. कंपनी को यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में भूमि आवंटित की गई है. लगभग 1,166 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से करीब 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है.
परियोजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यूनिट इलेक्ट्रॉनिक स्विच, सेंसर, यूएसबी चार्जर और अन्य ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण किया जाएगा. इस निवेश से उत्तर प्रदेश के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है.
इन सेक्टरों को दी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जापानी निवेशकों के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दे रही है. सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और वैश्विक कंपनियों के निवेश के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षित मानव संसाधन और त्वरित स्वीकृति प्रणाली उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
सम्मेलन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, यमुना प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं निवेश प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
सम्मेलन के जरिए उत्तर प्रदेश ने जापानी कंपनियों के सामने अपनी नई औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल माहौल को प्रस्तुत किया. वहीं, बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के ग्राउंड ब्रेकिंग और ‘जापानी सिटी’ की घोषणा से यह संकेत भी मिला कि प्रदेश आने वाले समय में वैश्विक विनिर्माण और औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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