श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारत को मिला नया कोच! टी दिलीप को करेगा रिप्लेस
IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया की टेंशन कम होती हुई नजर आ रही है. रिपोर्ट्स सामने आ रही है कि सुभादीप घोष को भारतीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है. वो अब टी दिलीप की जगह लेंगे. बता दें कि टी दिलीप का कार्यकाल खत्म हो गया है और बीसीसीआई ने उनका कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया है. सुभादीप घोष श्रीलंका दौरे से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
टीम इंडिया के फील्डिंग कोच बने सुभदीप घोष
मंगलवार, 28 जुलाई को भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ को लेकर 3 बड़ी खबरें सामने आईं. पहली खबर यह थी कि नीदरलैंड के रयान टेन डोशेट ने भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच के पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद एक और रिपोर्ट सामने आई कि टीम इंडिया के फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाया जा रहा है, यानी वह श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के साथ नहीं जाएंगे. अब टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट सामने आ रही है, जिसमें बताया गया है कि असम के पूर्व क्रिकेटर सुभदीप घोष को भारतीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है. वह टीम में टी दिलीप को रिप्लेस करेंगे. हालांकि, अभी बीसीसीआई की ओर से इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है.
???? TEAM INDIA GETS A NEW FIELDING COACH ????
— Sahil (@SahilSinghadiya) July 28, 2026
Subhadeep Ghosh has been appointed as the new Fielding Coach of the Indian cricket team ????????
He replaces T Dilip in the support staff setup.
(Source: Gaurav Gupta / TOI) ???????? pic.twitter.com/B8OFqZm5lP
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Uttarakhand News: देवभूमि में शुरू हुई हरित परिवहन क्रांति, सीएम धामी ने बांटे सब्सिडी चेक
Uttarakhand News: उत्तराखंड को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया. यह कार्यक्रम उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 के अंतर्गत आयोजित किया गया था.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने छह प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान और प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक सौंपे. इसके साथ ही पांच अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी और स्वीकृति प्रक्रिया भी परिवहन विभाग द्वारा पूरी कर ली गई है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया.
पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह आर्थिक सहायता केवल एक सरकारी मदद नहीं है, बल्कि यह देवभूमि को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के राज्य सरकार के संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा. इससे सड़कों पर चलने वाले पुराने डीजल वाहनों के प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी और पर्यावरण को एक नई मजबूती मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है. ऐसे दौर में विकास और प्रकृति के बीच सही तालमेल बनाना हम सभी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. विकास तभी सही मायनों में सार्थक है जब वह प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य तैयार करे.
प्रधानमंत्री मोदी के हरित भारत के सपने को मजबूती
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज पूरी दुनिया में हरित ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम कर रहा है. देश ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का बड़ा लक्ष्य रखा है. इसके अलावा लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान, पीएम ई-बस सेवा और सौर ऊर्जा का विस्तार जैसी योजनाएं पर्यावरण के प्रति भारत की मजबूत सोच को दिखाती हैं. उत्तराखंड भी इसी सोच पर आगे बढ़ रहा है.
देवभूमि की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा का संकल्प
उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य हिमालय की गोद में बसा है. यहां से गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां निकलती हैं. यहां के जंगल, पहाड़, नदियां और जीव-जंतु पूरे देश के लिए अनमोल संपत्ति हैं. इस पवित्र धरती के पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है. हमारी सरकार की सोच एकदम साफ है कि विकास और पर्यावरण दोनों एक दूसरे के साथी हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा करते हुए ही विकास की गति को बढ़ाया जाएगा.
उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति के लाभ
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 का मुख्य उद्देश्य शहरों की परिवहन व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाना है. इसके तहत पुराने डीजल वाहनों से होने वाले धुएं और प्रदूषण को रोका जाएगा. साथ ही लोगों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह नीति आने वाले समय में प्रदेश में एक स्वच्छ और सुरक्षित सफर की मजबूत बुनियाद साबित होगी.
इलेक्ट्रिक बसों और रूफटॉप सोलर पर बड़ा काम
राज्य में की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. पूरे प्रदेश में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो. इसके साथ ही शहरों में रोप-वे और आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे पर्वतीय इलाकों में गाड़ियों की भीड़ और प्रदूषण दोनों कम होंगे. उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने का 40 हजार का शुरुआती लक्ष्य समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है. अब तक लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
हरित क्रांति के असली हीरो हैं लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने सब्सिडी पाने वाले वाहन स्वामियों को बधाई दी और कहा कि वे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड में आने वाली हरित परिवहन क्रांति के असली हीरो हैं. उनके इस कदम से दूसरे वाहन चालक भी सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने कहा कि बिना जनता के सहयोग के कोई भी बड़ा बदलाव संभव नहीं है, इसलिए हर नागरिक को इस अभियान से जुड़ना होगा. इस खास मौके पर परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, परिवहन सचिव रविनाथ रमन और विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे.
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