'भारतीय बल्लेबाज अभी से अगर...', वर्ल्ड कप 2027 के लिए सुनील गावस्कर ने BCCI को दिया सुझाव, मान लिया तो ट्रॉफी पक्की!
Sunil Gavaskar Suggestion For BCCI: जिम्बाब्वे दौरा खत्म हो चुका है और अब टीम इंडिया श्रीलंका दौरे की तैयारी कर रही है. इस बीच पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को एक नया सुझाव दिया है. उनका सुझाव आगामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के मद्देनजर है. सुनील गावस्कर चाहते हैं कि बीसीसीआई अब भारत में क्रिकेट ग्राउंड की बाउंड्री को बढ़ा दे, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को अगले साउथ अफ्रीका में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों में मदद मिलेगी.
सुनील गावस्कर ने BCCI को दिया सुझाव
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई को सुझाव दिया है कि नए घरेलू सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय मैदानों की बाउंड्री बढ़ा दी जानी चाहिए. उनका मानना है कि इससे बल्लेबाजों को 2027 वनडे वर्ल्ड कप जैसी परिस्थितियों के लिए बेहतर तैयारी करने का मौका मिलेगा.
उन्होंने स्पोर्ट्स्टार में अपने कॉलम में लिखा कि, "नया भारतीय सीजन शुरू होते ही बाउंड्री का आकार बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि हमारे बल्लेबाज अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले इसकी आदत डाल सकें. लगभग सभी मैदानों पर LED विज्ञापन बोर्ड के पीछे पर्याप्त जगह मौजूद है, इसलिए इस बदलाव को लागू करना मुश्किल नहीं होगा."
???? AVERAGE FIELDERS DON'T DESERVE A PLACE IN TEAM INDIA????
— Sam (@cricsam02) July 28, 2026
????️: Sunil Gavaskar has urged the BCCI & team management to drop players who are only average fielders, saying a captain should not have to hide three or four weak fielders on the ground.
- He believes strong fielding… pic.twitter.com/azgjwA7swp
बल्लेबाजों को शॉट सिलेक्शन में दिखानी होगी समझारी
पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि वनडे क्रिकेट में केवल बड़े शॉट लगाने से सफलता नहीं मिलती. बल्लेबाजों को मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खेलना आना चाहिए. उन्होंने कहा, "बल्लेबाजों को यह समझना होगा कि किन गेंदबाजों के खिलाफ जोखिम नहीं लेना है और किन गेंदबाजों पर खुलकर रन बनाए जा सकते हैं. शॉट का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है. बल्लेबाज को अपने अहंकार पर कंट्रोल रखना चाहिए और हर गेंद को उसकी क्वालिटी के अनुसार खेलना चाहिए."
वनडे वर्ल्ड कप में मजबूत होगी दावेदारी
सुनील गावस्कर ने आगे ये भी कहा कि वनडे वर्ल्ड कप और टी-20 वर्ल्ड कप में बहुत अंतर होता है. ऐसे में खिलाड़ियों को समझारी से खेलना चाहिए. साथ ही उनका मानना है कि यदि बाउंड्री बड़ी होगी और बल्लेबाज समझदारी दिखाएंगे, तो भारत के वर्ल्ड कप जीतने के चांसेस बढ़ जाएंगे.
उन्होंने कहा कि, "टी20 में शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत होती है, लेकिन वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजों के पास समय होता है कि वे पहले पिच और परिस्थितियों को समझें, फिर बड़े शॉट खेलें. अगर भारतीय बल्लेबाज अभी से बड़ी बाउंड्री और समझदारी भरी बल्लेबाजी की तैयारी करेंगे, तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की दावेदारी और मजबूत होगी."
भारत सितंबर में वेस्टइंडीज के साथ खेलेगी वनडे सीरीज
जिम्बाब्वे दौरा खत्म होने के बाद टीम इंडिया को श्रीलंका टूर पर जाना है, जहां दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाने वाली है. भारतीय टीम अगली बार वनडे क्रिकेट वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने उतरेगी. भारत-वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज सितंबर महीने में खेली जाएगी, जिसमें एक बार फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा एक्शन में नजर आएंगे. ये सीरीज अपकमिंग वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिहाज से भी अहम होगी, क्योंकि टीम इंडिया बड़ी टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलकर ही मेगा इवेंट के लिए खुद को तैयार करना चाहेगी.
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अमेरिका ने मिसाइल उत्पादन बढ़ाने के लिए किए समझौते
वॉशिंगटन, 28 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पीएसी-3 एमएसई इंटरसेप्टर और थाड (टीएचएएडी) मिसाइल डिफेंस सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले अहम पुर्जों की प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एल 3 हैरिस और लॉकहीड मार्टिन के साथ सात साल के दो फ्रेमवर्क समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन समझौतों का मकसद ऐसे प्रोपल्शन और कंट्रोल सिस्टम का प्रोडक्शन बढ़ाना है, जिनकी मदद से इंटरसेप्टर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल के खतरों तक पहुंचकर उन्हें नष्ट कर सकें।
एक्विजिशन और सस्टेनमेंट के लिए वॉरफाइटर मामलों के अंडर सेक्रेटरी माइकल पी. डफी ने कहा, आजादी के लिए जरूरी हथियारों का भंडार फिर से तैयार करने के लिए जरूरी है कि अहम हथियारों के प्रोडक्शन को तेजी और सटीकता के साथ बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा, एल 3 हैरिस के साथ आज हुए समझौते सैनिकों के लिए एक बड़ी जीत हैं और ये पूरी सप्लाई चेन को साफ तौर पर मांग के संकेत भेजने के हमारे संकल्प को दिखाते हैं।
पीएसी-3 मिसाइल सेगमेंट एन्हांसमेंट समझौते के तहत, एल3 हैरिस अपने एडवांस्ड टू-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर, एटीट्यूड कंट्रोल मोटर्स और लीथैलिटी एन्हांसर के प्रोडक्शन में तेजी लाएगी। ये पार्ट्स पीएसी-3 एमएसई को एडवांस्ड टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और दुश्मन के विमानों को रोकने के लिए जरूरी स्पीड, रेंज और दिशा बदलने की क्षमता (मैन्युवरेबिलिटी) देते हैं।
दूसरा समझौता टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) इंटरसेप्टर के प्रोपल्शन सिस्टम के लिए है। इस समझौते पर डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर, एल3 हैरिस और लॉकहीड मार्टिन ने हस्ताक्षर किए। इससे दो जरूरी पार्ट्स का प्रोडक्शन बढ़ेगा। सॉलिड रॉकेट बूस्ट मोटर, जो इंटरसेप्टर को लॉन्च करती है और लिक्विड डायवर्ट एंड एटीट्यूड कंट्रोल सिस्टम (एलडीओसीएस), जो इंटरसेप्टर को उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता देता है। इससे यह पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का सामना कर उन्हें नष्ट कर सकता है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपनी घोषणा में समझौतों की कीमत या सालाना उत्पादन के लक्ष्यों का खुलासा नहीं किया। उसने इसे रक्षा निर्माताओं और उनके सप्लायर्स के लिए स्थिर, लंबे समय की मांग सुनिश्चित करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया।
यह हालिया कदम मुख्य कॉन्ट्रैक्टर लॉकहीड मार्टिन, सीकर बनाने वाली कंपनी बोइंग और कई तरह के पार्ट्स सप्लाई करने वाली कंपनी हनीवेल के साथ पीएसी-3 एमएसई फ्रेमवर्क समझौतों की एक श्रृंखला के बाद उठाया गया है।
विभाग ने कहा कि ये समझौते उसकी एक्विजिशन ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी (खरीद प्रक्रिया में बदलाव की रणनीति) का सीधा नतीजा हैं। इस पहल का मकसद सरकारी कामकाज में होने वाली देरी को कम करना और अधिकारियों को रक्षा उद्योग के हर स्तर पर सप्लायर्स के साथ सीधे काम करने की सुविधा देना है।
उसने कहा कि इस रणनीति का मकसद अमेरिकी रक्षा खरीद प्रणाली को युद्ध के समय जैसी तत्परता के स्तर पर लाना है। उसने आगे कहा कि लंबे समय तक मांग की प्रतिबद्धताओं से एक अधिक मजबूत, लचीला और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाला उत्पादन आधार बनाने में मदद मिलेगी।
पीएसी-3 एमएसई, पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम का एक एडवांस्ड इंटरसेप्टर है। इसे सीधे टकराकर आने वाले खतरों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसका इस्तेमाल टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और विमानों के खिलाफ किया जाता है।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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