सरकार ने दी प्लास्टिक करेंसी छापने की मंजूरी, जानें पहले कौन से नोट बाजार में आएंगे
आने वाले दिनों में जल्द ही आपके हाथ में कागज के नहीं बल्कि प्लास्टिक के नोट होंगे. जी हां इन नोटों की खासियत होगी कि ये दिखने में अच्छे होंगे ही साथ ही इनके गलने, खराब होने की संभावना भी न के बराबर हो जाएगी. जी हां केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें कम मूल्य वाले नोटों के लिए पॉलिमर यानी प्लास्टिक करेंसी का परीक्षण किया जाएगा. हालांकि, यह अभी सिर्फ ट्रायल के तौर पर होगा और इससे मौजूदा कागज के नोटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
सरकार ने साफ किया है कि देश में चल रहे पेपर नोट बंद करने की कोई योजना नहीं है. पॉलिमर नोट फिलहाल पुराने नोटों के साथ ही इस्तेमाल किए जाएंगे. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में इन्हें बड़े पैमाने पर जारी करने पर विचार किया जा सकता है.
सबसे पहले 10 और 20 रुपए के नोट पर होगा परीक्षण
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 10 और 20 रुपए मूल्य वर्ग के पॉलिमर नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी किया जाएगा. इन नोटों को देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाकर देखा जाएगा कि भारतीय मौसम, तापमान, नमी और रोजमर्रा के इस्तेमाल में ये कितने टिकाऊ साबित होते हैं. RBI यह भी जांच करेगा कि आम लोगों के लेनदेन में इन नोटों को लेकर कैसी प्रतिक्रिया मिलती है.
छोटे मूल्य के नोट जैसे 10 और 20 रुपए के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं और जल्दी खराब भी हो जाते हैं. ऐसे में पॉलिमर नोटों को अपनाने का उद्देश्य उनकी उम्र बढ़ाना और बार-बार छपाई की लागत को कम करना है.
कागज के नोटों से ज्यादा टिकाऊ होते हैं पॉलिमर नोट
पॉलिमर नोट खास तरह के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं, जो सामान्य कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं. इन्हें पानी, धूल और नमी से कम नुकसान पहुंचता है.
भारत जैसे देश में जहां गर्मी, बारिश और अलग-अलग मौसम की स्थिति रहती है, वहां नोटों की मजबूती एक बड़ी चुनौती है. छोटे नोट अक्सर जेब, बाजार और रोजाना के लेनदेन में जल्दी फट जाते हैं या गंदे हो जाते हैं. पॉलिमर नोट इस समस्या को कम कर सकते हैं.
इसके अलावा, इन नोटों की लाइफ ज्यादा होने से सरकार और RBI को पुराने नोटों को बदलने और दोबारा छापने में होने वाला खर्च भी कम हो सकता है.
नकली नोटों पर रोक लगाने में भी मिलेगी मदद
RBI के अनुसार, पॉलिमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स को आसानी से शामिल किया जा सकता है. इनमें पारदर्शी विंडो, विशेष सिक्योरिटी फीचर और अन्य तकनीकी उपाय लगाए जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना मुश्किल हो जाएगा.
देश में नकली मुद्रा की समस्या को देखते हुए सुरक्षित करेंसी सिस्टम हमेशा प्राथमिकता रहा है. पॉलिमर नोटों में मौजूद हाई सिक्योरिटी फीचर्स नकली नोटों की पहचान को भी आसान बना सकते हैं.
क्या खत्म हो जाएंगे कागज के नोट?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागज के नोटों को हटाने की कोई योजना नहीं है. पॉलिमर नोट केवल एक विकल्प के रूप में आजमाए जा रहे हैं. RBI का मानना है कि आने वाले समय में नकद भुगतान और डिजिटल पेमेंट दोनों साथ-साथ चलते रहेंगे. डिजिटल लेनदेन बढ़ने के बावजूद देश में नकदी का इस्तेमाल अभी भी बड़े स्तर पर होता है, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में.
पहले भी हो चुका है पॉलिमर नोटों का प्रयोग
दुनिया के कई देशों में पॉलिमर नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इन देशों ने इन्हें ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प के रूप में अपनाया है.
भारत में भी पहले कुछ स्थानों पर पॉलिमर नोटों को लेकर परीक्षण किए गए थे. अब नए सिरे से 10 और 20 रुपए के नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा ताकि भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से इसकी उपयोगिता को समझा जा सके. फिलहाल लोगों को नए नोटों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, क्योंकि RBI के परीक्षण के बाद ही इनके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
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Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहरा दबाव, दिल्ली-यूपी सहित 18 राज्यों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट
कल का मौसम, 28 जुलाई: देशभर में मानसून के आक्रामक अंदाज के चलते मौसम का मिजाज एक बार फिर से बेहद खतरनाक रूप लेने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए 28 जुलाई को देश के 18 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश, तीव्र आंधी और बिजली गिरने का गंभीर अलर्ट जारी कर दिया है. इस मौसमी बदलाव के दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार से हवा के झोंके चलने का अंदेशा जताया गया है. खासतौर पर पूर्वी भारत के इलाकों के लिए आने वाले 24 घंटे बहुत ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ साथ पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय इलाकों के ऊपर एक गहरा दबाव का क्षेत्र विकसित हो चुका है. इसके साथ ही मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और दक्षिण पश्चिम राजस्थान के आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. इन सभी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में एक साथ मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण कई हिस्सों में कुदरत का विकराल रूप देखने को मिल सकता है.
इन 18 राज्यों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, कल यानी 28 जुलाई को देश के 18 राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
| शहर | अधिकतम तापमान (28 जुलाई) | न्यूनतम तापमान (28 जुलाई) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 31°C | 28°C |
| मुंबई | 29°C | 28°C |
| चेन्नई | 36°C | 29°C |
| कोलकाता | 29°C | 27°C |
| लखनऊ | 34°C | 28°C |
| पटना | 34°C | 28°C |
| रांची | 27°C | 23°C |
| भोपाल | 28°C | 24°C |
| जयपुर | 32°C | 26°C |
| शिमला | 24°C | 20°C |
| नैनीताल | 24°C | 21°C |
दिल्ली और उत्तर प्रदेश का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो 28 जुलाई को यहां मूसलाधार बारिश के साथ भीषण तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज आंधी चलने के आसार हैं. हालांकि इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को भीषण उमस से बड़ी राहत मिलेगी.
उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बनी हुई है. मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर, रामपुर, बरेली, सोनभद्र, मथुरा, मोरादाबाद, आजमगढ़, कानपुर, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है.
बिहार और झारखंड के लिए चेतावनी जारी
बिहार और झारखंड में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रहेगा. बिहार के पटना, गया, बक्सर, सिवान, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया और भागलपुर में तेज बारिश और हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. पटना में तापमान 34 डिग्री से 28 डिग्री के बीच बना रहेगा. लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
झारखंड के रांची, पलामू, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी तूफान आने की चेतावनी है. रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 27 डिग्री तक आ सकता है और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रहने की संभावना है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्थिति
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मानसून जमकर बरसेगा. राजस्थान के जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, बीकानेर और उदयपुर में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी. जयपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहेगा.
वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, कटनी, नीमच और विदिशा जैसे जिलों में 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री तक दर्ज किया जा सकता है. पंजाब और हरियाणा के जिलों में भी 65 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है.
The #Deep_Depression over northwest #Bay_of_Bengal and adjoining areas of West Bengal-North #Odisha coasts moved very slowly northwards with the speed of 3 kmph during past 6 hours and lay centred at 1130 hrs IST of today, the 27th July 2026, over the same region near latitude… pic.twitter.com/tBJgbjEDIm
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 27, 2026
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी इलाकों का रुख करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है. उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, पिथौरागढ़ और चमोली में भारी बारिश और 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अनुमान है. लगातार बारिश के चलते कई रास्तों पर भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है.
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, चंबा, कुल्लू और सोलन में 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने के आसार हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री तक गिर सकता है. जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला और कठुआ में भी बारिश और तूफान को लेकर नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.
तटीय क्षेत्रों में बचाव के निर्देश
पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और केरल में भी मानसून का व्यापक असर देखने को मिलेगा. पश्चिम बंगाल के हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद और झारग्राम जैसे जिलों में 70 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है. समुद्र में उठ रही ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त ताकीद की गई है. मौसम के इस उग्र रूप को देखते हुए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें.
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