रोहित शर्मा के भविष्य पर दीप दासगुप्ता की दो टूक, World Cup तैयारी में न हो Confusion
इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई एकदिवसीय सीरीज़ के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य और संभावित संन्यास को लेकर चली चर्चाओं पर अब पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जब टीम सीरीज़ खेल रही हो, उस समय किसी वरिष्ठ खिलाड़ी के संन्यास को लेकर अटकलें लगाना बिल्कुल उचित नहीं है। उनके अनुसार किसी भी खिलाड़ी का भविष्य उसके प्रदर्शन से तय होना चाहिए, न कि अफवाहों से।
बता दें कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब कार्डिफ में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में रोहित शर्मा जल्दी आउट हो गए थे। इसके बाद कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा मुकाबला उनके एकदिवसीय करियर का आखिरी मैच हो सकता है। कुछ खबरों में यह भी कहा गया कि टीम प्रबंधन रोहित शर्मा के अस्थिर प्रदर्शन को देखते हुए आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
इन खबरों के तेजी से फैलने के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड को भी सामने आना पड़ा। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद रोहित शर्मा ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब दिया।
उन्होंने लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। हालांकि भारत 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 27 रन से मुकाबला हार गया और तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से गंवा बैठा।
गौरतलब है कि दीप दासगुप्ता ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें काफी परेशान किया। उनके अनुसार जब तक कोई खिलाड़ी लगातार रन बना रहा है और टीम के लिए योगदान दे रहा है, तब तक उसके भविष्य पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी चयनकर्ता, न कप्तान और न ही मुख्य प्रशिक्षक की ओर से ऐसी कोई बात सुनी थी। ऐसे में इस तरह की चर्चाओं का माहौल बनना समझ से परे है।
श्रृंखला समाप्त होने के बाद रोहित शर्मा ने भी इन अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान केवल मैदान पर अपने प्रदर्शन और टीम की सफलता में योगदान देने पर रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी चर्चाएं और अफवाहें उनके खेल पर कोई असर नहीं डालती हैं। उनके अनुसार मैदान के बाहर क्या कहा जा रहा है, उससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी मैदान पर कैसा प्रदर्शन करता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारत अब सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरीज़ खेलेगा। इसी को देखते हुए दीप दासगुप्ता ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से अपील की कि वर्ष 2027 के एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी के दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को लेकर अनावश्यक असमंजस की स्थिति नहीं बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों का मूल्यांकन समान आधार पर होना चाहिए। कुछ खिलाड़ियों को उनके लंबे और सफल करियर के कारण अधिक अवसर मिलना स्वाभाविक है, लेकिन चयन का अंतिम आधार हमेशा प्रदर्शन ही होना चाहिए। उनके अनुसार भारतीय क्रिकेट में अनावश्यक बहस से अधिक ध्यान खिलाड़ियों के खेल और टीम के प्रदर्शन पर दिया जाना चाहिए, तभी टीम भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत तैयारी कर सकेगी।
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