सांस की सेहत का रखें ख्याल, धूल-धुएं से बचाव के साथ अपनाएं ये आसान उपाय
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने में परेशानी नहीं पैदा करता, बल्कि सांस से जुड़ी दिक्कतों को भी बढ़ा सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या किसी दूसरी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषित हवा में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता और रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें सांस की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हवा में मौजूद धूल, धुआं और बारीक कण सांस के साथ शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं। इससे कुछ लोगों में खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना, सांस लेने में परेशानी या घरघराहट जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा, ईएनएसओ से जुड़ी सूखे की परिस्थितियां कुछ क्षेत्रों में जंगलों में आग और धूल भरी आंधियों का खतरा बढ़ा सकती हैं। इससे हवा में धुआं और पार्टिकुलेट प्रदूषण बढ़ने पर सांस की समस्याएं और परेशान कर सकती हैं। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए।
सांस और गले को आराम देने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। बहुत ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी या हर्बल इन्फ्यूजन लिया जा सकता है। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और गले में होने वाली सूखापन या खराश में कुछ राहत मिल सकती है।
हल्की सर्दी-जुकाम या खांसी में कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय भी आजमाए जाते हैं। जैसे सूखी अदरक यानी सोंठ को गुड़ के साथ लेना, हल्दी वाला दूध या तुलसी के रस में शहद मिलाकर लेना। हालांकि, ये उपाय लक्षणों में राहत के लिए हो सकते हैं, किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हैं।
नाक बंद होने या गले में खराश जैसी परेशानी में भाप लेना कुछ लोगों को आराम दे सकता है। इसी तरह गुनगुने नमक या हल्दी वाले पानी से गरारे करने से गले की परेशानी में राहत मिल सकती है। भाप लेते समय बहुत गर्म पानी से जलने से बचें, खासकर बच्चों के मामले में।
सांस और शरीर को सक्रिय रखने के लिए योग भी मददगार हो सकता है। भुजंगासन और गोमुखासन जैसे आसनों को अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास में शामिल किया जा सकता है। इनके साथ नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम भी किए जा सकते हैं।
लेकिन अगर सांस लेने में ज्यादा परेशानी, लगातार खांसी, सीने में दर्द, तेज घरघराहट या सांस फूलने जैसी समस्या हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज को एक ग्लोबल टेक कंपनी से मिला 75 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास सेवाएं प्रदान करने वाली एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (एलटीटीएस) ने बुधवार को घोषणा की कि उसे एक अग्रणी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से 75 मिलियन डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपए) से अधिक मूल्य का पांच वर्षीय अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) प्राप्त हुआ है। यह सौदा कंपनी की वैश्विक इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी में बताया कि इस परियोजना के तहत वह अपने इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस (ईआई) समाधान का उपयोग करते हुए ग्राहक की उत्पाद विकास और इंजीनियरिंग प्रक्रिया को और अधिक दक्ष बनाएगी। यह अनुबंध उत्पाद के संपूर्ण जीवनचक्र में तकनीकी समर्थन और डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित होगा।
एलटीटीएस के अनुसार, इस समझौते में उत्पाद इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर विकास, परीक्षण एवं सत्यापन, रखरखाव इंजीनियरिंग, प्लेटफॉर्म संचालन और अन्य डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं शामिल हैं। कंपनी अपने उन्नत इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस समाधानों की मदद से ग्राहक के लिए एक समर्पित इंजीनियरिंग केंद्र भी स्थापित करेगी, जो उसकी तकनीकी और डिजिटल आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
हालांकि कंपनी ने अनुबंध प्राप्त करने वाली वैश्विक संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, एलटीटीएस ने कहा कि गोपनीयता और संविदात्मक दायित्वों के कारण ग्राहक का नाम उजागर नहीं किया जा सकता। कंपनी ने केवल इतना बताया कि यह अनुबंध एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी द्वारा प्रदान किया गया है और अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
यह बड़ा ऑर्डर ऐसे समय मिला है जब एलटीटीएस वैश्विक बाजारों में अपनी इंजीनियरिंग, डिजिटल परिवर्तन और एआई-आधारित सेवाओं का विस्तार कर रही है। कंपनी लगातार उन्नत तकनीकों पर निवेश बढ़ा रही है और विनिर्माण, प्रौद्योगिकी तथा औद्योगिक क्षेत्रों के ग्राहकों को नई पीढ़ी के समाधान उपलब्ध करा रही है।
वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर भी कंपनी ने हाल ही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एलटीटीएस का समेकित शुद्ध लाभ 17.4 प्रतिशत बढ़कर 352 करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में कंपनी की आय 11.5 प्रतिशत बढ़कर 2,940 करोड़ रुपए रही।
हालांकि स्थिर मुद्रा (कॉन्स्टेंट करेंसी) के आधार पर कंपनी की आय वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 12.8 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। इसके बावजूद कंपनी का मानना है कि नए अनुबंध और एआई आधारित समाधान भविष्य में विकास को नई गति देंगे।
पिछले सप्ताह एलटीटीएस ने एजेंटिकआईक्यू नामक एक उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया था। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों को बड़े पैमाने पर स्वायत्त एआई एजेंट तैनात करने में मदद करने के लिए विकसित किया गया है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में एआई-संचालित इंजीनियरिंग समाधान उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी शक्ति साबित होंगे।
बुधवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई पर एलटीटीएस का शेयर 3,517.65 रुपए के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
गौरतलब है कि एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) समूह की सहायक कंपनी है और दुनिया भर के ग्राहकों को इंजीनियरिंग अनुसंधान, विकास तथा डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करती है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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