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IPS Transfer; फिर चली तबादला एक्सप्रेस, 18 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर, कई जिलों के SP बदले, देखें पूरी लिस्ट

बिहार सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। 18 अगस्त, मंगलवार देर रात गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, सारण, सिवान, रोहतास, भोजपुर और नालंदा सहित कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इधर से उधर किया गया हैं।

इसके अलावा पुलिस मुख्यालय और दूसरी अहम जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों को मद्य निषेध, निगरानी, विशेष निगरानी इकाई, ATS, मानवाधिकार, नागरिक सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

प्रमुख जिलों के नए पुलिस कप्तान (SP / SSP)

  1. रौशन कुमार (2019 बैच) एसपी रोहतास को सारण एसएसपी
  2. भरत सोनी (2019 बैच) एसपी नालंदा को सीवान एसपी
  3. हृदय कांत (2015 बैच) एसपी ATS को नालंदा एसपी
  4. मिस्टर राज (2019 बैच) एसपी भोजपुर को रोहतास एसपी
  5. अवधेश दीक्षित एसपी (कार्मिक-1) को भोजपुर का नया एसपी बनाया गया है।

​डीआईजी (DIG) स्तर के तबादले एवं नई तैनाती

  1. ​अनिल कुमार (2010 बैच): डीआईजी वायरलेस से डीआईजी मद्यनिषेध एवं ANTF
  2. ​मृत्युंजय कुमार चौधरी (2010 बैच): डीआईजी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से डीआईजी नागरिक सुरक्षा ।
  3. ​राजीव रंजन-2 (2012 बैच): डीआईजी मानवाधिकार से डीआईजी विशेष निगरानी इकाई (SVU)।
  4. ​अजय कुमार पाण्डेय (2012 बैच): डीआईजी मद्यनिषेध से डीआईजी वायरलेस एवं तकनीकी सेवाएं।
  5. ​आमीर जावेद (2012 बैच): डीआईजी महिला कोषांग/सीआईडी से डीआईजी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो।
  6. ​सुशील कुमार (2012 बैच): डीआईजी विधिक मामले को डीआईजी मानवाधिकार का अतिरिक्त प्रभार।
  7. ​मिथिलेश कुमार: समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-9 (BSAP-9), जमालपुर।
  8. ​रामानंद कुमार कौशल: एसपी, विशेष निगरानी इकाई (SVU)।
  9. ​गरिमा: एसपी, कमजोर वर्ग एवं महिला कोषांग (CID)।

इन्हें भी नई जिम्मेदारी सौंपी

  1. 2018 बैच के आईपीएस  पूरन कुमार झा को सीवान के एसपी पद से हटाया।  प्रतीक्षा में बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना भेजा
  2. 2017 बैच आईपीएस विनीत कुमार को आतंकवाद निरोधक दस्ता, बिहार का एसपी । पहले सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे।
  3. 2017 बैच के आईपीएस मनीष कुमार को एसपी, विशेष निगरानी इकाई ।पहले विशेष शाखा में एसपी(BO) थे।
  4. 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार को एसपी, एनएनटीएफ, मद्य निषेध एवं राज्य स्तरीय नियंत्रण ब्यूरो की जिम्मेदारी दी गई है।

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ईशा कोप्पिकर बोलीं- मैं अंधभक्त हूं:सपोर्ट में उतरीं कंगना रनोट, कहा- मेरे लिए अच्छे से समझाया, मैंने मुश्किलों के लिए कभी मां-बाप को दोष नहीं दिया

ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर खुद को अंधभक्त कहा है। ईशा का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने उनके बयान पर सहमति जताते हुए सपोर्ट किया है। 2019 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने वालीं ईशा कोप्पिकर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा, ‘नमस्ते मैं ईशा कोपिकर अंधभक्त, अगर अपने देश से प्यार करना, भारत से प्यार करना और उसकी प्रगति चाहना भक्ति है, तो हां मैं अंधभक्त हूं। लेकिन मेरी भक्ति किसी पॉलिटिकल पार्टी के लिए नहीं, मेरे देश के लिए है।’ उन्होंने कहा कि वह सरकार से सवाल कर सकती हैं और उसकी नीतियों से असहमत हो सकती हैं। इसके बावजूद वह पूरे दिल से अपने देश से प्यार कर सकती हैं। ईशा ने आगे कहा, ‘यह देश मेरा घर है, जहां मैंने अपनी रोजी रोटी कमाई है और कमा रही हूं, और जहां मुझे लगातार मौके मिलते रहे हैं। इसलिए, मुझे अपने देश पर गर्व करने में कोई शर्म नहीं है। आप चाहे कहीं भी रहें, उस जगह से प्यार करना, उसका सम्मान करना और उसमें योगदान देना सीखें। आपने जो घर चुना है, उस पर गर्व करें।’ आखिर में ईशा ने कहा, 2 किस्म की औलाद होती है। एक जो ये गिनते हैं कि मां-बाप ने क्या नहीं दिया और दिया। और दूसरे वो जो कुछ भी मिलने पर उससे अपनी और मां-बाप की जिंदगी बेहतर बनाते हैं। फर्क सिर्फ सोच का है। क्यों न हम भी सोच बदले। पूरे समय ये सोचने की बजाए कि देश ने हमें क्या दिया, हम ये सोचें कि हमने देश के लिए क्या किया।' कंगना रनोट ने किया सपोर्ट ईशा कोपिकर का ये वीडियो री-शेयर कर कंगना ने तारीफ में लिखा है, वाह! मेरे लिए बहुत अच्छे से समझाया गया है। हाई स्कूल में मैंने उस टीचर के खिलाफ आवाज उठाई, जो बच्चों के सिर पर स्टिक से मारता था। 26/11 के आतंकवादी हमले के खिलाफ आवाज उठाई।निर्भया के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाई। अपने माता-पिता को कभी भी अपनी राह में आने वाली किसी भी सीमा के लिए दोषी नहीं ठहराया, बल्कि अपने लिए वही जीवन स्तर हासिल किया, जो उन्होंने मेरे लिए बनाया था। आगे कंगना ने लिखा, 'मैं लगभग हर उस व्यक्ति की पहचान में खुद को पाती हूं, जिससे मैं मिलती हूं। मुझे अपने देश से प्यार है, मुझे अपने लोगों से प्यार है और मैं अपनी जिंदगी उसी तरह सादगी से जीती हूं।' स्टूडेंट को गटरछाप कहने पर विवादों में हैं कंगना, बाबा रामदेव ने की आलोचना जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं... मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बाबा रामदेव बोले- उनकी क्वालिफिकेशन क्या है अब योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।" जब सवाल पूछा गया कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। कंगना ने दी थी गटरछाप वाले बयान पर सफाई बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही जुटे थे, जबकि देश में युवाओं की आबादी 30 से 35 करोड़ हैं। ऐसे में पूरे Gen Z को उस प्रदर्शन से जोड़ना सही नहीं है। जंतर-मंतर में हर उम्र के लोग घूम रहे थे। आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। ऐसे में किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है। …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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