Tulika Maan CWG 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से ठीक पहले भारतीय जूडो दल को बड़ा झटका लगा है। बर्मिंघम CWG की सिल्वर मेडलिस्ट भारतीय जूडो खिलाड़ी तुलिका मान को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद उन्हें ग्लासगो गेम्स की भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तुलिका पर 12 महीने के भीतर तीन 'Whereabouts Failures' का आरोप है। आइए जानते हैं कि तुलिका मान कौन हैं और एंटी-डोपिंग नियमों में 'वेयरअबाउट्स' उल्लंघन का क्या मतलब है।
तुलिका मान को क्यों किया गया सस्पेंड? तुलिका मान Registered Testing Pool (RTP) का हिस्सा थीं। RTP में शामिल खिलाड़ियों को Anti-Doping Administration and Management System (ADAMS) पोर्टल के जरिए अपनी लोकेशन (Whereabouts Information) अपडेट रखनी होती है।
इसमें खिलाड़ी को अपने रहने का स्थान, ट्रेनिंग सेंटर, नियमित गतिविधियां और हर दिन 60 मिनट की एक निश्चित टेस्टिंग विंडो बतानी होती है। इस 60 मिनट के दौरान डोपिंग कंट्रोल अधिकारी बिना पूर्व सूचना दिए सैंपल लेने पहुंच सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, तुलिका मान के खिलाफ 12 महीने की अवधि में तीन 'Whereabouts Failures' दर्ज हुए हैं। इनमें Filing Failure और/or Missed Test शामिल हो सकते हैं। इसके बाद NADA ने उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड किया है।
जूडो कोच का बयान PTI की रिपोर्ट के अनुसार, एक भारतीय जूडो कोच ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की कि तुलिका मान से 12 महीने में तीन बार वेयरअबाउट्स चूक हुई है, जिसके बाद NADA के नोटिस के आधार पर उन्हें ग्लासगो गेम्स की टीम से वापस लिया जा रहा है।
तुलिका मान पर कितने समय का बैन लग सकता है? WADA के एंटी-डोपिंग नियमों (Article 2.4) के तहत 12 महीने की अवधि में तीन 'Whereabouts Failures' को Anti-Doping Rule Violation (ADRV) माना जाता है। WADA के नियमों के मुताबिक, Article 2.4 के उल्लंघन पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हालांकि, खिलाड़ी की गलती की परिस्थितियों के आधार पर इसे घटाकर न्यूनतम एक साल तक किया जा सकता है।
कौन हैं तुलिका मान? (Tulika Maan Profile) दिल्ली की रहने वाली 27 वर्षीया तुलिका मान भारत की शीर्ष महिला जूडो खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह महिलाओं की +78kg हेवीवेट कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
CWG 2022 (बर्मिंघम): +78kg वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
पेरिस ओलंपिक 2024: भारत का प्रतिनिधित्व किया।
विश्व चैंपियनशिप: 2022 और 2024 वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुवाई की।
ग्लासगो गेम्स में भी तुलिका भारत की सबसे मजबूत पदक दावेदारों में से एक थीं।
भारतीय जूडो टीम को दूसरा बड़ा झटका तुलिका मान ग्लासगो गेम्स से बाहर होने वाली दूसरी भारतीय जूडो एथलीट हैं:
अरुण कुमार (-73kg): कॉम्पिटिशन से बाहर (Out-of-Competition) हुए डोप टेस्ट में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड पॉजिटिव पाए जाने पर सस्पेंड किए गए।
तुलिका मान (+78kg): 12 महीने में तीन Whereabouts Failures के कारण अस्थायी रूप से सस्पेंड।
भारत ने ग्लासगो गेम्स के लिए 14 सदस्यीय जूडो टीम (7 पुरुष, 7 महिला) चुनी थी। टीम 27 जुलाई को ग्लासगो के लिए रवाना होगी और प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी। इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से भारत की मेडल तालिका पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
क्या होता है 'Whereabouts Failure'? WADA की व्यवस्था के तहत खेलों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों के 'आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन' सरप्राइज टेस्ट किए जाते हैं।
Filing Failure: समय पर या सही तरीके से अपनी लोकेशन जानकारी दर्ज न करना।
Missed Test: तय की गई 60 मिनट की विंडो में खिलाड़ी का बताए गए स्थान पर उपस्थित न होना।
12 महीने के भीतर 'Filing Failure' और 'Missed Test' को मिलाकर यदि कुल संख्या 3 हो जाती है, तो इसे डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।