इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारत को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर भारतीय बल्लेबाजों को आईसीसी की ताजा रैंकिंग में बड़ा फायदा मिला हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर बल्लेबाजों की सूची में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली हैं।
बता दें कि न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल अभी भी 802 रेटिंग अंकों के साथ एकदिवसीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में पहले स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ शुभमन गिल ने लगातार उपयोगी पारियां खेलीं, जिसके बाद वह 801 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष स्थान से सिर्फ एक अंक पीछे पहुंच गए हैं। गिल ने एजबेस्टन में 80 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होने से पहले शानदार बल्लेबाजी की थी। इसके बाद उन्होंने कार्डिफ में 31 और लॉर्ड्स में 77 रन की पारी खेली थीं।
विराट कोहली को भी इस श्रृंखला का लाभ मिला हैं। उन्होंने तीन मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाए और अब उनके 767 रेटिंग अंक हो गए हैं। वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में 138 रन की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जिससे उनकी रेटिंग 758 अंक तक पहुंच गई हैं। गौरतलब है कि आईसीसी की शीर्ष चार बल्लेबाजों की सूची में अब तीन भारतीय खिलाड़ियों का शामिल होना भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है।
हालांकि बल्लेबाजों की व्यक्तिगत सफलता के बावजूद टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारत ने श्रृंखला का पहला मुकाबला छह विकेट से जीत लिया था, लेकिन इसके बाद कार्डिफ और लॉर्ड्स में लगातार दो मैच हारकर श्रृंखला गंवा दी। दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह विफल रही, जहां केवल विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ही टिककर खेल सके। वहीं लॉर्ड्स में भारत ने जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड को 387 रन का विशाल स्कोर बनाने का मौका दिया, जिसके कारण टीम पर दबाव बढ़ गया था।
उधर इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को भी नई रैंकिंग में बड़ा फायदा मिला हैं। उन्होंने तीनों मैचों में 76, 99 और 74 रन की नाबाद पारियां खेलीं और अब वह चार स्थान की छलांग लगाकर आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं। बता दें कि वर्ष 2020 के बाद पहली बार जो रूट एकदिवसीय बल्लेबाजों की शीर्ष 10 सूची में लौटे हैं।
गेंदबाजों की रैंकिंग में भारत को झटका लगा हैं। कुलदीप यादव, जो पहले शीर्ष 10 में शामिल थे, इस श्रृंखला में एक भी मैच नहीं खेल पाए और अब 11वें स्थान पर खिसक गए हैं। जसप्रीत बुमराह एक स्थान ऊपर चढ़कर 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अर्शदीप सिंह तीन स्थान नीचे संयुक्त 30वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि अक्षर पटेल ने 10 स्थान की छलांग लगाकर 32वां स्थान हासिल किया है।
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दिल्ली में सीजेपी छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग सोशल मीडिया मंचों के जरिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।
बता दें कि सबसे पहले युवराज सिंह ने अपने सोशल हैंडल पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि देश के हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष को शांति के माहौल में पढ़ने, सुरक्षित रहने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। युवराज ने कहा कि युवाओं का सुरक्षित भविष्य ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत और आपसी समझ के जरिए ऐसा समाधान निकाला जा सकता है, जो देश के भविष्य के लिए बेहतर साबित हो।
इसके कुछ समय बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक पिता के तौर पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में कमियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह की पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं, वे दुखद हैं। कैफ ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं बंद होनी चाहिए और इस पूरे मामले का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष बातचीत के जरिए रास्ता निकालेंगे।
करीब चौबीस वर्ष बाद एक बार फिर जुलाई के महीने में युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ एक साझा मुद्दे पर साथ नजर आए हैं। इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों ने संवाद, सुरक्षा और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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