Responsive Scrollable Menu

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "category_list" on null

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

  Recommended

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 290

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 290
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

अंग्रेजों ने गुलाम देशों के लिए शुरू किया कॉमनवेल्थ गेम्स:पादरी ने आइडिया दिया था, भारत को पहला गोल्ड जीतने में 24 साल लगे

14 अक्टूबर 2010… दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 'भारत...भारत...' के नारों से गूंज रहा था। बैडमिंटन कोर्ट पर सायना नेहवाल थीं। सामने सिर्फ एक फाइनल नहीं था, बल्कि पदक तालिका में भारत का भविष्य भी था। अगर सायना हार जातीं, तो मेजबान भारत तीसरे स्थान पर खिसक जाता, लेकिन उन्होंने जीत दर्ज की। भारत का 38वां स्वर्ण पदक आया। कुल पदक 101 हुए और पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया। आज भी यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत की यह कहानी 2010 में शुरू नहीं हुई थी, इसकी शुरुआत 76 साल पहले हुई थी, जब 1934 में सिर्फ छह भारतीय खिलाड़ी पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे थे। उस वक्त भारत पर अंग्रेजों का शासन था, लेकिन पहलवान राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स की कहानी इससे भी 43 साल पहले की है। आइए, 135 साल पुराने इस सफर के बारे में जानते हैं…. न सरकार, न राजा... एक पादरी का आइडिया कॉमनवेल्थ की कहानी शुरू होती है 1891 में। ब्रिटिश साम्राज्य अपने चरम पर था। दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी और विशाल भूभाग पर ब्रिटेन का शासन था। तब एक ब्रिटिश पादरी जॉन एस्टली कूपर ने एक ऐसा सपना देखा, जिसने बाद में दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि साम्राज्य की ताकत सिर्फ सेना से नहीं, बल्कि लोगों के रिश्तों से भी बढ़ती है। अगर ब्रिटिश साम्राज्य के अलग-अलग देशों के खिलाड़ी एक मैदान पर उतरेंगे तो आपसी भरोसा और भाईचारा मजबूत होगा। उन्होंने इसका नाम दिया- ‘पैन-ब्रिटेनिक फेस्टिवल’, लेकिन विचार देना आसान था, उसे सच करना मुश्किल। करीब 20 साल तक यह सपना कागजों में ही पड़ा रहा। राजा के राज्याभिषेक ने दिखाया भविष्य 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम का राज्याभिषेक हुआ। इसी मौके पर लंदन में फेस्टिवल ऑफ एम्पायर आयोजित किया गया। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के खिलाड़ी पहली बार एक ही आयोजन में उतरे। यह आधिकारिक कॉमनवेल्थ गेम्स नहीं थे, लेकिन इतिहासकार इसे कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मानते हैं। यहीं लोगों को एहसास हुआ कि ऐसा आयोजन सफल हो सकता है। ओलिंपिक में हुई एक बैठक... जिसने इतिहास बदल दिया 1928 के एम्स्टर्डम ओलिंपिक के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के खेल प्रशासक मिले। यहीं फैसला हुआ कि ओलिंपिक से अलग, हर चार साल में ब्रिटिश साम्राज्य के देशों के लिए अपना एक खेल आयोजन होगा। यही वह फैसला था जिसने कॉमनवेल्थ गेम्स को जन्म दिया। पहले गेम्स लगभग रद्द होने की कगार पर थे 16 अगस्त 1930... कनाडा के छोटे से शहर हैमिल्टन में पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स शुरू होने वाले थे। लेकिन एक बड़ी समस्या सामने थी। उस समय हवाई यात्रा आम नहीं थी। ज्यादातर खिलाड़ी समुद्री जहाजों से कनाडा पहुंचते थे। कई देशों ने साफ कह दिया कि उनके पास यात्रा का खर्च नहीं है। आयोजकों ने कई टीमों की आर्थिक मदद की। तब जाकर पहला आयोजन हो सका। अगर उस समय कनाडा पीछे हट जाता, तो शायद कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास वहीं खत्म हो जाता। आज हजारों खिलाड़ी आते हैं... तब सिर्फ 400 थे पहले संस्करण में केवल 11 देशों के करीब 400 खिलाड़ी। इसमें सिर्फ 6 खेल- एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, स्विमिंग, डाइविंग, कुश्ती और लॉन बॉल्स शामिल थे। आज इन खेलों में हजारों खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और दर्जनों खेल खेले जाते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के रोवर बॉबी पियर्स ने जीता। वे बाद में ओलिंपिक चैंपियन भी बने। 1934 में भारत गुलाम था, लेकिन इतिहास लिखा भारत पहली बार इन खेलों में उतरा। आजाद भारत नहीं... ब्रिटिश भारत। पूरे दल में सिर्फ छह खिलाड़ी थे। उनमें से पहलवान राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला। यानी भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक उस समय आया, जब देश का अपना तिरंगा भी आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज नहीं था। फिर आया ऐसा युद्ध, जिसने खेल ही रोक दिए 1942 और 1946... इन दोनों सालों में कॉमनवेल्थ गेम्स होने थे, लेकिन दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध में जल रही थी। लाखों लोग मारे जा रहे थे। ऐसे में खेलों की कोई जगह नहीं थी। इतिहास में केवल यही दो संस्करण हैं, जो विश्व युद्ध की वजह से रद्द हुए। 1950 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड से खेलों की वापसी हुई। जब साम्राज्य टूट गया, तो खेलों का नाम भी बदल गया 1930 में इन खेलों का नाम था- ब्रिटिश एम्पायर गेम्स, लेकिन अगले तीन दशकों में दुनिया बदल गई। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, घाना, नाइजीरिया, मलेशिया जैसे कई देश आजाद हो गए। ब्रिटिश साम्राज्य सिकुड़ने लगा और नाम बदलने लगे। भारत 24 साल बाद जीता पहला गोल्ड 1958... कार्डिफ। एक दुबला-पतला धावक ट्रैक पर उतरा। नाम था मिल्खा सिंह। उन्होंने 440 यार्ड दौड़ जीतकर इतिहास रच दिया। वे कॉमनवेल्थ गेम्स की एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने। इस जीत के बाद उन्हें 'फ्लाइंग सिख' कहा जाने लगा। उसी संस्करण में पहलवान लीला राम ने भी स्वर्ण पदक जीता। भारत 76 साल बाद बना मेजबान भारत 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हुआ और 2010 में उसने मेजबानी की, यानी 76 साल बाद। नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला दक्षिण एशिया का पहला शहर बना। 71 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों के करीब 6,000 खिलाड़ी 17 खेलों की 272 स्पर्धाओं में उतरे। मेजबान होने का दबाव कम नहीं था, लेकिन भारत ने 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य समेत 101 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचा। आज भी यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 126 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होंगे। इस बार सिर्फ 10 खेल शामिल हैं। भारत 126 खिलाड़ियों का दल भेज रहा है, जो एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग, जूडो, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, जिम्नास्टिक, लॉन बॉल्स, 3x3 बास्केटबॉल और पैरा कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेगा। मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहैन भारत की ध्वजवाहक होंगी। वहीं, 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स एक बार फिर भारत लौटेंगे। मेजबानी अहमदाबाद करेगा। 2030 में ही कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए इसे खास माना जा रहा है। —-----------------

Continue reading on the app

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 आज से:125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में उतरेंगे; 1,168 मेडल्स के लिए 3,000+ एथलीट्स में होगा मुकाबला

स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी। 2 अगस्त तक चलने वाले इस इवेंट में 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 खेलों में 215 गोल्ड सहित कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे। भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। स्टोरी में जानिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी… कॉमनवेल्थ गेम्स कब और कैसे शुरू हुआ? कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुई थी। तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। पहले एडिशन में ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़े 11 देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्विमिंग और रेसलिंग जैसे खेल शामिल थे। 1930 से 1950 तक इस टूर्नामेंट को ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा गया। 1954 में इसका नाम बदलकर ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स किया गया। 1970 में यह ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स बना और 1978 से इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसका आयोजन हर चार साल में होता है। इसका मकसद कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों को बड़े इंटरनेशनल मंच पर कम्पटीशन का अवसर देना है। भारत ने पहली बार 1934 में हिस्सा लिया था। हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे बड़े खेल गायब इस बार कुल 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स शामिल हैं। क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेल ग्लासगो 2026 का हिस्सा नहीं हैं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल शूटिंग में ही जीते हैं। भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है? भारत ने 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू किया था।भारत ने 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर बाकी सभी एडिशन में हिस्सा लिया है। लंदन 1934 गेम्स में भारत की ओर से छह एथलीटों ने हिस्सा लिया था। भारतीय दल ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। इसी एडिशन में भारत ने अपना पहला मेडल जीता था। पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। 1934 में डेब्यू के बाद से भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं। इनमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 172 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नया क्या होगा? कॉमनवेल्थ माइल की वापसी: एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ माइल की वापसी होगी। यह इवेंट आखिरी बार 1966 में हुआ था। यानी करीब 60 साल बाद इसकी वापसी हो रही है। 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 1500 मीटर की जगह 1 मील यानी 1.609 किलोमीटर की रेस कराई जाएगी। इस बार मेंस के साथ विमेंस की माइल रेस भी होगी। सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम: 2026 में छह खेलों में पैरा-स्पोर्ट्स को पूरी तरह शामिल किया गया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम है। कितने वेन्यू पर होंगे इवेंट्स? कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर किया जाएगा। ग्लासगो दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2014 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था। ओपनिंग सेरेमनी में चानू-लवलीना फ्लैग बियरर होंगी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 23 जुलाई 2026 को होगी। समारोह ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरीना में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से 2:30 बजे तक होगी। भारत की ओर से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन फ्लैग बियरर होंगी। इसमें मशहूर ब्रिटिश सिंगर टॉम वॉकर परफॉर्म करेंगे। मेडल में दिखेगा शहर की पहचान और इतिहास ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल्स में मेजबान शहर की पहचान, इतिहास और समावेशिता की झलक दिखेगी। पुरस्कार विजेता आर्टिस्ट और डिजाइनर मिलित्सा मिलेनकोवा ने मेडल डिजाइन किए गए हैं। ये मेडल ग्लासगो के लैंडमार्क्स, कोट ऑफ आर्म्स, औद्योगिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार मेडल्स में ब्रेल और टैक्टाइल एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। कहां देख सकते हैं इवेंट्स? भारत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनल पर किया जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। आप इन खेलों का लुत्फ डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुफ्त में उठा सकते हैं। इसके अलावा दैनिक भास्कर एप पर भी लाइव अपडेट्स पढ़े जा सकेंगे। --------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पूरी खबर…

Continue reading on the app

  Sports

CWG 2026: कब, कहां और कैसे देखें कॉमनवेल्थ गेम्स? एक क्लिक में जानें पूरी डिटेल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू हो रहा है. भारत में इसका लाइव टेलीकास्ट सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी नेशनल पर होगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV पर देखें.

The post CWG 2026: कब, कहां और कैसे देखें कॉमनवेल्थ गेम्स? एक क्लिक में जानें पूरी डिटेल appeared first on Prabhat Khabar.

Thu, 23 Jul 2026 00:49:00

  Videos
See all

Iran Missile Attack News | 6 बजते ही ईरान का बड़ा हमला! Middle East Crisis | Iran vs Israel Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-23T00:30:27+00:00

Republic Bharat LIVE: CJP Protest | Monsoon Session | PM Modi | US Iran | Hindi News | Arnab Goswami #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-23T01:06:24+00:00

IMD Rain Alert: अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी! इन राज्यों में अलर्ट जारी! Red Alert | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-23T01:00:08+00:00

Akanksha Puri: पैप्स के कैमरे में कैद हुईं आकांक्षा पुरी #akankshapuri #shorts #viral #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-23T00:30:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers