ये हैं जिम्बाब्वे में 2010 से 2024 तक डेब्यू कर वर्ल्ड क्रिकेट पर राज करने वाले भारतीय सितारे, कई बड़े नाम शामिल
IND vs ZIM: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जिम्बाब्वे का दौरा हमेशा से युवाओं को परखने और भविष्य की टीम तैयार करने का एक सुनहरा मंच रहा है. जब भी भारतीय सीनियर प्लेयर्स को रेस्ट दिया जाता है, तब जिम्बाब्वे दौरे के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता है. साल 2010 से लेकर 2024 तक, जिम्बाब्वे की पिचों पर कई भारतीय खिलाड़ी अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कर चुके हैं, जो आगे चलकर वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर बने. तो कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया. इस सूची में दिग्गज विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और संजू सैमसन से लेकर युवा सनसनी रियान पराग और अभिषेक शर्मा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. आइए जानते हैं जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले उन सभी खिलाड़ियों के बारे में....
साल 2010 में जिम्बाब्वे दौरे पर विराट कोहली समेत 4 प्लेयर्स का हुआ था टी20I डेब्यू
साल 2010 में सुरेश रैना की कप्तानी में जिम्बाब्वे दौरे पर 4 भारतीय खिलाड़ियों ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जिन्होंने आगे चलकर वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया. ये चार खिलाड़ी नमन ओझा, विराट कोहली, आर अश्विन और अमित मिश्रा हैं. अमित मिश्रा और आर अश्विन ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से कई सालों तक बल्लेबाजों को परेशान किया है. वहीं विराट कोहली इस युग के एक दिग्गज खिलाड़ियों में से एक बने.
साल 2015 में 6 भारतीय को मिला जिम्बाब्वे में T20 इंटरनेशनल डेब्यू का मौका
इसके बाद साल 2015 में जिम्बाब्वे दौरे पर 6 भारतीय खिलाड़ियों को डेब्यू का मौका मिला था. इन खिलाड़ियों में मनीष पांडे, केदार जाधव, स्टुअर्ट बिन्नी, संदीप शर्मा, अक्षर पटेल और संजू सैमसन शामिल हैं, जिन्होंने जिम्बाब्वे दौरे पर अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. अक्षर पटेल आज भी टीम इंडिया का अहम हिस्सा बने हुए हैं और गेंद-बल्ले दोनों से टीम को योगदान देते हैं. वहीं संजू सैमसन इस वक्त टी20 के शानदार बल्लेबाजों में से एक हैं. केदार जाधव कुछ सालों तक टीम इंडिया के लिए खेले और ऑलराउंडर की भूमिका निभाई. मनीष पांडे भी कुछ वक्त तक टीम इंडिया का हिस्सा रहे और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी की. हालांकि स्टुअर्ट बिन्नी का इंटरनेशनल करियर कुछ खास नहीं रहा. वहीं आईपीएल में अपनी स्विंग से तहलका मचाने वाले तेज गेंदबाज संदीप शर्मा को भी साल 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का मौका मिला था.
22 Indians have made their men's T20I debut in Zimbabwe - the most in any country outside of India ???????????????? pic.twitter.com/TpebAu3r2H
— Cricinfo (@cricinfo) July 22, 2026
साल 2016 में केएल राहुल समेत कुल 7 भारतीय खिलाड़ियों ने किया डेब्यू
इसके बाद अगले साल 2016 में टीम इंडिया ने फिर से जिम्बाब्वे का दौरा किया. इस दौरे पर 7 भारतीय खिलाड़ियों को टी20 इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला. केएल राहुल ने इसी साल जिम्बाब्वे दौरे पर अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था और वह आज भी भारतीय क्रिकेट का एक अहम हिस्सा हैं. युजवेंद्र चहल ने इसी दौरे पर अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया और वह भारत के सबसे बेहतरीन स्पिनर्स में से एक हैं. इसके अलावा मनदीप सिंह, ऋषि धवन, धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरन और जयदेव उनादकट ने इस दौरे पर अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था.
साल 2024 में 5 खिलाड़ियों को मिला जिम्बाब्वे दौरे पर डेब्यू का मौका
इसके बाद जब साल 2024 में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे का दौरा किया था, तब 5 भारतीय खिलाड़ियों को टी20 इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला. लंबे समय के बाद टीम इंडिया ने यह जिम्बाब्वे दौरा किया था, जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया था. इस दौरे पर टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई थी, जिनकी कप्तानी में इन 5 युवा खिलाड़ियों को अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिला.
अभिषेक शर्मा का डेब्यू सीजन का रहा शानदार
भारतीय टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को 2024 में जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला था. अभिषेक को आईपीएल में तहलका मचाने के बाद टीम में चुना गया और उन्हें खेलने का मौका दिया गया. हालांकि अपने डेब्यू मैच में अभिषेक जरूर सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन अगले ही मैच में उन्होंने शानदार शतक जड़कर टीम इंडिया को जीत दिलाई और उसके बाद वह ICC की टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज भी बने.
रियान पराग को भी मिला डेब्यू का मौका
रियान पराग को भी जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी सीरीज में टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू करने का मौका मिला था. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना गया था. वह नॉर्थ-ईस्ट भारत से पुरुष क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले एक ऐतिहासिक खिलाड़ी बने.
इस सीरीज में विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल का भी टी20 इंटरनेशनल डेब्यू हुआ. इसके अलावा साई सुदर्शन को भी इस सीरीज में डेब्यू का मौका मिला. साई को भी आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद टीम में शामिल किया गया था. उन्होंने इस सीरीज में टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी की थी. तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में जगह मिली थी. इस दौरे पर उन्हें टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू का मौका मिला, जहां उन्होंने अपनी तेज गति और सटीक यॉर्कर से सबको प्रभावित किया.
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Punjab Business Class: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ‘ਬਿਜ਼ਨਸ ਕਲਾਸ’ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਅਪਾਰ ਸਫ਼ਲਤਾ, 25 ਹਜ਼ਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕਮਾਏ 90 ਕਰੋੜ
Punjab Business Class: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਉੱਚ ਅਤੇ ਤਕਨੀਕੀ ਸਿੱਖਿਆ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਬਿਜ਼ਨਸ ਕਲਾਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਦੇ ਉਤਸ਼ਾਹਜਨਕ ਨਤੀਜੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਏ ਹਨ. ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਤਹਿਤ ਲਗਭਗ 95 ਹਜ਼ਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਭਾਗ ਲਿਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ 25,693 ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ. ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਨੇ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਭਗ 90 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕੀਤਾ. ਉੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਤਕਨੀਕੀ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦਾ ਮਕਸਦ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਡਿਗਰੀ ਤੱਕ ਸੀਮਤ ਰੱਖਣਾ ਨਹੀਂ ਹੈ. ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉੱਦਮਤਾ (ਐਂਟਰਪ੍ਰੇਨਿਓਰਸ਼ਿਪ) ਅਤੇ ਸਵੈ-ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ ਵੀ ਹੈ. ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅਸਲ ਕਾਰੋਬਾਰ ਵਿੱਚ ਬਦਲਿਆ ਹੈ.
ਅਕਾਦਮਿਕ ਸਾਲ 2025-2026 ਵਿੱਚ ਇਹ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਰਾਜ ਦੀਆਂ 20 ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ, 494 ਕਾਲਜਾਂ, 320 ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਅਤੇ 91 ਪੋਲੀਟੈਕਨਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਸਮੇਤ ਕੁੱਲ 925 ਸਿੱਖਿਆ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ. ਇਸ ਨੂੰ ਬੀ.ਕਾਮ, ਬੀ-ਵੋਕੇਸ਼ਨਲ, ਬੀ.ਟੈਕ ਅਤੇ ਬੀ.ਬੀ.ਏ. ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਤਕਨੀਕੀ ਕੋਰਸਾਂ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ ਲਾਜ਼ਮੀ ਵਿਸ਼ਾ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ.
ਸੰਚਾਰ ਹੁਨਰ ਅਤੇ ਵਿਵਹਾਰਕ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ
ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਤਹਿਤ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੀ ਸਮਝ, ਗਾਹਕ ਖੋਜ, ਵਿੱਤੀ ਯੋਜਨਾ, ਡਿਜੀਟਲ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ, ਕੀਮਤ ਨਿਰਧਾਰਨ, ਕਾਰੋਬਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸੰਚਾਰ ਹੁਨਰ ਅਤੇ ਵਿਵਹਾਰਕ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਗਈ. ਲਗਭਗ 57 ਹਜ਼ਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸੇ ਨਾ ਕਿਸੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਗਤੀਵਿਧੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ.
ਕਈ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਈ-ਕਾਮਰਸ, ਡਿਜੀਟਲ ਕੰਟੈਂਟ, ਖੇਤੀਬਾੜੀ, ਬਿਊਟੀ, ਗ੍ਰਾਫਿਕ ਡਿਜ਼ਾਈਨ, ਇਲੈਕਟ੍ਰੌਨਿਕਸ ਅਤੇ ਹੋਰ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਸਟਾਰਟਅੱਪ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਹਨ. ਕੁਝ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਰੁਪਏ ਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ.
ਰਾਜ ਦੀਆਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਨੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਹਾਂ-ਪੱਖੀ ਨਤੀਜਿਆਂ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ 2026-27 ਤੋਂ ਇਸ ਨੂੰ ਸਾਰੇ ਗ੍ਰੈਜੂਏਸ਼ਨ ਕੋਰਸਾਂ, ਜਿਵੇਂ— ਬੀ.ਏ., ਬੀ.ਐੱਸ.ਸੀ. ਅਤੇ ਹੋਰ ਡਿਗਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਐਂਟਰਪ੍ਰੇਨਿਓਰਸ਼ਿਪ ਸਿੱਖ ਸਕਣ ਅਤੇ ਸਵੈ-ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਦੇ ਮੌਕੇ ਹਾਸਲ ਕਰ ਸਕਣ.

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