NEET Paper Leak: AIR-1 आर्यन गुप्ता ने विरोध कर रहे छात्रों का किया समर्थन या विरोध? जानिए क्या बोले
नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद और दोबारा परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच दोबारा आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने पहली बार प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पेपर लीक मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विरोध और असहमति लोकतंत्र का अहम हिस्सा हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे सुधार हों, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
'परीक्षा रद्द होने पर मैं बहुत रोया था'
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में आर्यन गुप्ता ने बताया कि परीक्षा रद्द होने की खबर उनके लिए बेहद भावुक करने वाली थी। उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैं बहुत निराश था। पेपर रद्द होने पर मैं बहुत रोया था।"
आर्यन ने बताया कि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह अकेले नहीं हैं, बल्कि करीब 22 लाख उम्मीदवार इसी स्थिति से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ था। सभी छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। मैंने इसे दूसरा मौका माना और अगले ही दिन से फिर पढ़ाई शुरू कर दी। हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और आज उसका परिणाम सबके सामने है।"
विरोध कर रहे छात्रों पर क्या बोले AIR-1?
जब आर्यन गुप्ता से NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,
"यह गलत है, लेकिन विरोध और असहमति लोकतंत्र का अहम हिस्सा हैं। हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि व्यवस्था बेहतर हो। हर व्यवस्था में कुछ कमियां होती हैं। मुझे उम्मीद है कि सुधार होंगे ताकि पेपर लीक या ऐसी घटनाएं दोबारा कभी न हों।"
आर्यन के इस बयान को पेपर लीक विवाद के बीच एक संतुलित प्रतिक्रिया माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने छात्रों की चिंताओं को भी स्वीकार किया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को
आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार और शिक्षकों ने उनका हौसला बढ़ाया, जिसकी बदौलत वह दोबारा परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
उनके पिता डॉ. सचिन गुप्ता एनेस्थिसियोलॉजिस्ट हैं, जबकि मां डॉ. रेनू गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) हैं। उनके बड़े भाई दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
NEET अभ्यर्थियों को दी यह सलाह
भविष्य में NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को आर्यन ने अनुशासन और निरंतरता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "अपने शिक्षकों पर भरोसा रखें और उनके मार्गदर्शन का पालन करें। हर दिन ईमानदारी से मेहनत करें। निरंतरता और अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।"
Breaking: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के CEO नियुक्त
नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन अब नीति आयोग के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) होंगे। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए बुधवार को आदेश जारी कर दिया।
1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन पदभार ग्रहण करने की तिथि से नीति आयोग के CEO का कार्यभार संभालेंगे। आदेश के मुताबिक, उनका कार्यकाल स्वीकृत सेवा-विस्तार अवधि तक और उसके बाद कुल मिलाकर अधिकतम दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
कौन हैं अनुराग जैन?
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। उनका जन्म 11 अगस्त 1965 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। जून 1990 में उनकी पहली नियुक्ति सागर जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने मंडला, मंदसौर और भोपाल के कलेक्टर सहित राज्य प्रशासन के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
अनुराग जैन ने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल ऑफ सिटिजनशिप एंड पब्लिक अफेयर्स से लोक प्रशासन (Master of Public Administration) की पढ़ाई की है। प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण उन्हें देश के वरिष्ठ और अनुभवी नौकरशाहों में गिना जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार में उन्होंने सचिव, प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव भी रह चुके हैं।
3 अक्टूबर 2024 को अनुराग जैन ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव का पदभार संभाला। अब केंद्र सरकार ने उन्हें नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है, जिसे उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का बड़ा सम्मान माना जा रहा है।
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