ग्रीनलाइन ने डाबर इंडिया के साथ की साझेदारी, एलएनजी ट्रकों से बनेगी पर्यावरण-अनुकूल सप्लाई चेन
मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। एस्सार ग्रुप की कंपनी और देश की एकमात्र एलएनजी एवं इलेक्ट्रिक से चलने वाले हैवी कमर्शियल ट्रकों की ग्रीन लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने बुधवार को भारत की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में शामिल डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिसका उद्देश्य एलएनजी से संचालित ट्रकों के जरिए डाबर इंडिया की सड़क परिवहन-आधारित सप्लाई चेन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाना और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है।
इस साझेदारी के तहत ग्रीनलाइन, डाबर इंडिया के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में अपने एलएनजी से चलने वाले ट्रकों की तैनाती करेगी, जिससे कंपनी की ग्रीन और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में चल रही पहल को मजबूती मिलेगी। एलएनजी आधारित परिवहन अपनाने से लंबी दूरी के माल परिवहन के दौरान होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जबकि परिचालन दक्षता और विश्वसनीयता भी बरकरार रहेगी।
यह सहयोग इस बात का संकेत है कि भारत की बड़ी कंपनियां अपनी डिकार्बोनाइजेशन रणनीति के तहत कम उत्सर्जन वाले माल परिवहन समाधानों को तेजी से अपना रही हैं और टिकाऊ सप्लाई चेन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स) चार्ल्स डेवलिन डीकोस्टा ने कहा कि डाबर इंडिया जैसी प्रतिष्ठित उपभोक्ता उत्पाद कंपनी के साथ साझेदारी करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उत्साहजनक है कि देश की अग्रणी कंपनियां कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स को अपनी कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही हैं। उनके अनुसार, इस तरह की हर साझेदारी स्वच्छ माल परिवहन व्यवस्था को गति देती है और भारत के सड़क लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करती है।
डाबर इंडिया के ग्लोबल डायरेक्टर (सप्लाई चेन) सम्राट सहगल ने कहा कि कंपनी की स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) रणनीति में सप्लाई चेन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलाइन के साथ यह साझेदारी लॉजिस्टिक्स संचालन में कम उत्सर्जन वाले परिवहन को शामिल करने का अवसर देती है, जिससे दक्षता और विश्वसनीयता भी बनी रहती है। उनका मानना है कि इस तरह के सहयोग भविष्य के लिए अधिक टिकाऊ और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ग्रीनलाइन भारत में एलएनजी और इलेक्ट्रिक से संचालित हैवी कमर्शियल ट्रकों के जरिए कम उत्सर्जन वाले सड़क माल परिवहन को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में कंपनी के पास 1,000 से अधिक वाहन हैं, जो देश के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर पर स्टील, सीमेंट, खनन, एफएमसीजी और केमिकल जैसे विभिन्न क्षेत्रों को सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी का बेड़ा अब तक 10 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है और इसके माध्यम से ग्राहकों को 27,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है।
--आईएएनएस
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'इंग्लैंड के लोग IPL से नफरत करने का...', इंग्लिश प्लेयर्स के सामने दिनेश कार्तिक ने आलोचना करने वालों की लगाई क्लास
आईपीएल में दुनियाभर से खिलाड़ी खेलने आते हैं. दुनिया के कई दिग्गजों ने आईपीएल के मंच से अपना क्रिकेट करियर बनाया और नाम कमाया. यह लीग दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है. आईपीएल खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत दिखाने का मंच देती है, लेकिन विदेशों में आईपीएल की आलोचना भी होती है. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने आईपीएल से नाम और पैसा खूब कमाया है, लेकिन वे कभी-कभी इसकी आलोचना भी करते नजर आते हैं. अब पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने इंग्लैंड के उन लोगों की क्लास लगाई है जो आईपीएल की आलोचना करते हैं.
आईपीएल की आलोचना करने वाले इंग्लिश लोगों पर भड़के दिनेश कार्तिक
दिनेश कार्तिक ने एक एक पैनल पर चर्चा कर रहे थे, जिसका हिस्सा इंग्लैंड के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी थे, जिसमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान सर एलिस्टेयर कुक के अलावा माइकल वॉन, मोंटी पनेसर, डेविड 'बम्बल' लॉयड भी शामिल थे. इस दौरान दिनेश कार्तिक ने आईपीएल की आलोचना करने वाले इंग्लैंड के लोगें की क्लास लगाई. दिनेश कार्तिक ने इंग्लैंड में एक पैनल चर्चा में कहा कि लोग आईपीएल की आलोचना करने के लिए बहाना ढूंढ लेते हैं, जो कि अनुचित है. खिलाड़ी इस लीग में खेलना एन्जॉय करते हैं.
इंग्लैंड के लोग IPL से नफरत करने का तरीका ढूंढते हैं - दिनेश कार्तिक
दिनेश कार्तिक ने कहा, "कुछ अजीब वजह से इंग्लैंड के लोग आईपीएल से नफरत करने का तरीका ढूंढ लेते हैं और मुझे लगता है कि यह थोड़ा अनुचित है. मुझे पता है कि इस हिस्से में इसे ज्यादा नहीं देखा जाता, लेकिन खिलाड़ी उस टूर्नामेंट में खेलने का भरपूर मजा लेते हैं. यह गर्मियों से ठीक पहले आता है और अगर आप खिलाड़ियों से पूछें तो वे कहेंगे कि वे इसमें अच्छा समय बिताते हैं और बेहतर भी बनते हैं."
???? DINESH KARTHIK FIRES BACK AT IPL CRITICS! ????
— Spotlight Central (@avbvikash1810) July 22, 2026
Dinesh Karthik said ????️: "England's criticism of the IPL is completely unfair. The league offers players a world-class environment where they enjoy competing, sharpen their skills, and grow as cricketers. The experience of playing… pic.twitter.com/bbAh7biyO2
कई कारणों की वजह से IPL की आलोचना करते हैं इंग्लैंड के लोग
बता दें कि इंग्लैंड में आईपीएल को लेकर आलोचना और नफरत का यह सिलसिला आज का नहीं, बल्कि साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत से ही चला आ रहा है. इसके कई कारण है. इंग्लैंड क्रिकेट में 'काउंटी क्रिकेट' और 'टेस्ट क्रिकेट' को ज्यादा अहमियत दी जाती है. इंग्लैंड के आलोचकों को हमेशा यह डर सताता है कि खिलाड़ी देश के लिए टेस्ट खेलने के बजाय आईपीएल के पैसे को चुनेंगे. साल 2021 और 2022 के दौरान जब इंग्लैंड की टेस्ट टीम लगातार प्रदर्शन खराब रहा था तब ब्रिटिश मीडिया ने बेन स्टोक्स, जोस बटलर और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया था. आलोचकों का कहना था कि ये खिलाड़ी IPL में तो पूरी जान लगाकर खेलते हैं, लेकिन जब देश के लिए टेस्ट खेलने की बारी आती है, तो थके हुए या चोटिल नजर आते हैं.
वहीं आईपीएल की वजह से इंग्लिश खिलाड़ी अपना घरेलू फॉर्स्ट क्लास टूर्नामेंट काउंटी चैंपियनशिप में नहीं खेल पाते हैं. पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन और नासिर हुसैन ने कई बार आलोचना की है कि आईपीएल में खेलने के चक्कर में इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों की रेड-बॉल तकनीक खराब हो रही है. इसके अलावा वित्तीय ताकत को लेकर भी वो आईपीएल की आलोचना करते हैं. दरअसल क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) और लॉर्ड्स (इंग्लैंड) का दबदबा रहा था, लेकिन आईपीएल के आने के बाद क्रिकेट की पूरी वित्तीय ताकत और कंट्रोल बीसीसीआई के पास आ गया.
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