Amitabh Bachchan ने अस्पताल, ICU और सर्जरी पर कही इमोशनल बात, फैंस की बढ़ीं चिंता
Amitabh Bachchan Write Emotional Note: महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने हाल ही में हेल्थ को लेकर एक इमोशनल ब्लॉग पोस्ट लिखा है. हालांकि, एक्टर अपने ब्लॉग के जरिए लाइफ, काम और अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते रहते हैं. लेकिन इस बार उनके ब्लॉग ने फैंस की चिंता बढ़ा दी है. अपने ताजा ब्लॉग में बिग बी ने हॉस्पिटल, सर्जरी, ICU और घर लौटने के बाद के मुश्किल दौर का जिक्र किया. उन्होंने यह भी लिखा कि लाइफ में एक समय ऐसा आता है, जब 'हार आपको ताकती है.' उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उनकी हेल्थ को लेकर दुआएं करने लगे.
अस्पताल, ICU और सर्जरी का किया जिक्र
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में हॉस्पिटल में बिताए टाइम और उसके बाद आने वाली चैलेंज के बारे में लिखा. उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में सर्जरी, ICU में रहना और काबिल डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की देखरेख में ट्रीटमेंट कराना एक अलग एक्सपीरियंस होता है. लेकिन असली टेस्ट तब शुरू होता है, जब पेशेंट अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटता है. उन्होंने लिखा कि घर वापस आने के बाद टाइम शारीरिक, मेंटली और प्रैक्टिकली रूप से सबसे कठिन होता है. इस दौर में इंसान को खुद को फिर से नॉर्मल लाइफ में ढालना पड़ता है और यही सबसे बड़ा चैलेंज बना जाता है.
Devshayani Ekadashi 2026 Date: 24 या 25 जुलाई, कब है देवशयनी एकादशी? जानें सही डेट, पूजा का मुहूर्त और महत्व
Kab Hai Devshayani Ekadashi 2026 (कब है देवशयनी एकादशी 2026): हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी को बेहद खास माना जाता है. इस एकादशी का महत्व बहुत अधिक होता है. हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी भी कहते हैं. क्योंकि इस दिन से अगले चार महीने के लिए भगवान विष्णु योद निद्रा में चले जाते हैं. इसे एकादशियों में एकादशी, सबसे खास एकादशी कहते हैं. जब विष्णु जी क्षीरसागर में शयन मुद्रा में जाते हैं तो पृथ्वी लोक का सारा कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं. देवउठनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास भी लग जाता है. साथ ही शादी-विवाह, गृह प्रवेश और अन्य संस्कारों पर भी रोक लग जाएगी. इस दौरान पूजा-पाठ, दान, व्रत और विष्णु भक्ति का विशेष फल मिलता है. ऐसे में इस वर्ष देवशयनी एकादशी की तिथि को लेकर काफी दिनों से असमंजस की स्थिति बन रही है. आइए ज्योतिष से जानते हैं देवशयनी एकादशी की सही तारीख, मुहूर्त और महत्व.
देवशयनी एकादशी 2026 तिथि (Devshayani Ekadashi 2026 Date)
ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जुलाई को प्रात:काल 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगी, जो अगले दिन 25 जुलाई की सुबह 11:35 तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि 25 जुलाई को होने से इस दिन ही देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
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देवशयनी एकादशी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
देवशयनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त 4:16 से 4 बजकर 57 मिनट तक रहने वाला है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:55 मिनट तक रहेगा. संध्या पूजा का समय शाम 7:17 मिनट से रात 8:19 तक रहेगा. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय प्रात:काल 4 बजकर 17 मिनट से शुरू होगा और सुबह 6:10 तक रहेगा. यदि साधक इस मुहूर्त में पूजा करते हैं तो श्रीहरि की उन पर विशेष कृपा बनाएं रखती हैं.
देवशयनी एकादशी 2026 का पारण कब किया जाएगा?
देवशयनी एकादशी के लिए पारण करने के लिए 26 जुलाई की तारीख सही रहेगी. बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वादशी तिथि पर ही पारण करना चाहिए. ऐसे में देवशयनी एकादशी का पारण 26 जुलाई 2026 को करना सही रहेगा. पारण करने के लिए इस दिन सुबह 5:40 मिनट से सुबह 8 बजकर 20 मिनट तक पारण करने का मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है.
देवशयनी एकादशी 2026 का धार्मिक महत्व
देवशयनी एकादशी हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के बारे में पद्म पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है. इस एकादशी का महत्व बहुत गहरा होता है. इस एकादशी के बाद भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और उसके बाद चतुर्मास शुरू हो जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजन करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है. इस एकादशी पर जप, तप, दान और जरूरतमंदों की सहायता करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है.
देवशयनी एकादशी पूजन विधि
देवशयनी एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान आदि करें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पूजा के लिए मंदिर की सफाई करें और चौकी स्थापित करें. अब उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और मूर्ति स्थापित करें. उनका पंचामृत से स्नान करवाएं. पीले फूल, पीले फल, दूध से बनी चीजें और तुलसीदल चढ़ाएं. इसके बाद धूप-दीप जलाएं. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें.
देवशयनी एकादशी पर किन चीजों का दान करें?
देवशयनी एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो पारण करने में इन चीजों का दान जरूर करें. इसके बाद ही व्रत खोलें.
अन्न और फल- जैसे गेंहू, चावल, मौसमी फल और सात्विक भोजन
जल से जुड़ी चीजें- आप राहगीरों के लिए ठंडा पानी पिला सकते हैं, मंदिर में प्याऊ लगवा सकते हैं या फिर पक्षियों के लिए जल का प्रबंध कर सकते हैं.
वस्त्र इत्यादि- पीले वस्त्र, गमछा इत्यादी जैसे वस्त्र ब्राह्मण और जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं.
पूजन सामग्री- शंख, पीला चंदन, पीले फूल और धार्मिक पुस्तकों का दान करें.
गौसेवा- देवशयनी एकादशी के दिन गौशाला में गायों की सेवा करें, उन्हें हरा चारा और घास खिलाएं.
धन का दान- एकादशी पर धन का दान करना भी शुभ होता है. इससे माता लक्ष्मी की कृपा मिलती है. आप सामर्थ्युनसार धन दान कर सकते हैं.
देवशयनी एकादशी के इन नियमों का पालन करें
- देवशयनी एकादशी पर उपवास रखने के लिए आपको दशमी तिथि से ही सात्विक्ता का पालन करना चाहिए.
- व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करें और पूजन की तैयारी करें.
- इस दिन पूजा के दौरान ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
- अपनी क्षमता के मुताबित इस दिन जरूरतमंदों को दान करें.
- एकादशी पर तुलसी पूजन अवश्य करें, संध्या में पौधे के सामने दीया जलाएं.
एकादशी तिथि पर क्या न करें?
- साल की किसी भी चावल का सेवन नहीं करते हैं.
- एकादशी पर तामसिक भोजन के सेवन से परहेज करें.
- इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें.
- एकादशी पर दातुन नहीं करते हैं.
- इस दिन शारीरिर संबंध भी नहीं बनाते.
- जुआ आदि जैसे खेल नहीं खेले जाते हैं.
- रात में सोने की जगह विष्णु जी का ध्यान करना होता है.
- एकादशी व्रत पर मन को भी सात्विक रखें. किसी के बुरा व्यवहार न करें और न ही किसी पर गुस्सा दिखाएं.
देवशयनी एकादशी पारण के नियम
देवशयनी एकादशी के बाद द्वादशी तिथि के लिए खास नियम होते हैं. इस दिन व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही करना चाहिए. भोजन ग्रहण करने से पहले ब्राह्मण को दान-दक्षिणा जरूर दें और फिर सात्विक अन्न ही खाएं.
देवशयनी एकादशी पर क्या भोग लगाएं?
- पंचामृत
- खीर
- मखाना
- तुलसी दल
- बेसन लड्डू या पीली मिठाई
- केले
- मौसमी फल
- सूखे मेवे
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)




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