कंगाल पाकिस्तान ने दिखाया असली रंग, अमेरिका-ईरान जंग में 'दलाली' के बदले मांग रहा भारी-भरकम हर्जाना? ट्रंप प्रशासन से रखी ये मांग
कंगाल पाकिस्तान अब अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की आड़ में दलाली वसूलने की फिराक में है। आर्थिक संकट और IMF के दबाव से परेशान इस्लामाबाद ने ट्रंप प्रशासन के सामने 10 अरब डॉलर का दांव चला है।
Guru Purnima 2026: कब मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा का पर्व? जानें तिथि, महत्व और इस दिन किए जाने वाले शुभ कार्य
Guru Purnima 2026: सनातन धर्म में गुरु को ज्ञान, मार्गदर्शन और आध्यात्मिक उन्नति का आधार माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान अत्यंत सम्माननीय है। गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। यह दिन केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों और जीवन में सही दिशा दिखाने वाले सभी मार्गदर्शकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर भी माना जाता है।
गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम 6:18 बजे से प्रारंभ होगी और 29 जुलाई की रात 8:05 बजे तक रहेगी। चूंकि पर्व उदया तिथि के आधार पर मनाया जाता है, इसलिए गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी।
गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
गुरु पूर्णिमा को ज्ञान, संस्कार और आत्मिक विकास का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु व्यक्ति को सही और गलत का बोध कराते हैं तथा जीवन की कठिन परिस्थितियों में उचित मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस दिन गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्प लेने की भी परंपरा है।
गुरु पूर्णिमा के दिन क्या करें?
गुरुजनों का सम्मान करें
इस दिन अपने गुरु, माता-पिता, शिक्षकों और वरिष्ठजनों का सम्मान करें। यदि संभव हो तो उनसे आशीर्वाद लें और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। सम्मान और आभार का भाव रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाता है।
ज्ञान को जीवन में उतारने का संकल्प लें
गुरु पूर्णिमा केवल शिक्षा प्राप्त करने का नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में अपनाने का भी संदेश देती है। इस अवसर पर यह संकल्प लें कि अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग सदैव सकारात्मक कार्यों के लिए करेंगे।
नए लक्ष्य निर्धारित करें
यह दिन नई शुरुआत और आत्मविकास के लिए भी शुभ माना जाता है। अपनी पढ़ाई, करियर, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन से जुड़े लक्ष्यों को स्पष्ट करें और उन्हें पूरा करने की ठोस योजना बनाएं। छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़ी सफलता का आधार बन सकते हैं।
शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं का दान करें
गुरु पूर्णिमा पर जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपियां, पेन, स्कूल बैग या अन्य शैक्षणिक सामग्री दान करना पुण्यकारी माना जाता है। इससे शिक्षा को बढ़ावा मिलता है और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
सेवा और विनम्रता का भाव अपनाएं
इस पर्व का संदेश केवल गुरु वंदना तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, विनम्रता और सद्भावना का भी है। दूसरों की सहायता करना, मधुर व्यवहार रखना और सभी के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।
गुरु पूर्णिमा का संदेश
गुरु पूर्णिमा हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान प्राप्त करने से नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में उपयोग करने से मिलती है। गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन, सेवा और विनम्रता जैसे गुण व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं और उसे समाज में सम्मान दिलाते हैं। इसलिए यह पर्व आत्मचिंतन, कृतज्ञता और जीवन को बेहतर बनाने का प्रेरक अवसर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Republic Bharat
Haribhoomi