Mumbai Rain Alert: मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी; हाई टाइड से बढ़ी चिंता
Mumbai Rain Alert: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर तेज बारिश की चपेट में है. बुधवार सुबह से दक्षिण मुंबई और दक्षिण-मध्य मुंबई के कई इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा. कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनने लगी है, जबकि यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जुलाई 2026 के लिए मुंबई में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है.
निचले इलाकों में जलभराव का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है. मुंबई में हर साल मानसून के दौरान कुछ क्षेत्र जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, जिससे सड़क यातायात और दैनिक जीवन पर असर पड़ता है.
यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है, तो कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. ऐसे में कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक और मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
Bhubaneswar Right Now......... ????
— p R R???? (@QRbabun) July 21, 2026
Just Drizzling drizzling ☔???? pic.twitter.com/ZcEuOgJGQf
लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा पर भी भारी बारिश का असर पड़ सकता है. रेलवे ट्रैक पर पानी भरने या खराब मौसम के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो सकती है और कुछ सेवाओं में देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
हालांकि, रेलवे और संबंधित एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो.
Precipitation Forecast as per this Model
— Suchintan Singh (@suchintan_singh) July 21, 2026
✅ Heavy To Very Heavy Rains:
Western Coastal Areas
✅ Moderate to Heavy Rains: North Areas and Hills and Eastern Parts
✅ Light Rains : Most Southern Areas Except Few Others pic.twitter.com/j9sN88IBDI
हाई टाइड को लेकर BMC ने जारी की चेतावनी
भारी बारिश के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने हाई टाइड को लेकर भी विशेष अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों के मुताबिक यदि हाई टाइड के दौरान तेज बारिश जारी रहती है, तो समुद्र का पानी तटीय और निचले इलाकों में प्रवेश कर सकता है, जिससे जलभराव और गंभीर हो सकता है.
आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली गई है.
समुद्र किनारे जाने से बचें
खराब मौसम और ऊंची समुद्री लहरों को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से समुद्र तटों से दूरी बनाए रखने की अपील की है.
विशेष रूप से मरीन ड्राइव, हाजी अली, वर्ली सी फेस, बांद्रा बैंडस्टैंड और अन्य समुद्री तटीय इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है. तेज लहरों और फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मुंबई महानगरपालिका ने नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं. लोगों से कहा गया है कि:
- जलभराव वाले रास्तों से बचें
- यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी जरूर लें.
- अत्यधिक बारिश होने पर केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें.
- प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
- किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम से संपर्क करें.
राहत और बचाव दल अलर्ट मोड पर
संभावित जलभराव और आपात स्थिति को देखते हुए राहत एवं आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं. नगर निगम, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके.
प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जा सकते हैं.
मुंबई में लगातार हो रही बारिश और हाई टाइड की संभावना ने एक बार फिर शहर के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की जरूरत है. यदि अगले 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहता है, तो जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां और बढ़ सकती हैं.
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Sonam Wangchuk Health Update: सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल शिफ्ट
नई दिल्ली। प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को मंगलवार शाम दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) एवं सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि उनके इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड भी नई मेडिकल टीम को उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि उपचार बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
हेल्थ बुलेटिन-9 में क्या कहा गया?
सफदरजंग अस्पताल की ओर से मंगलवार शाम 7 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन-9 के अनुसार, सोनम वांगचुक को शाम 6:40 बजे अस्पताल से छुट्टी दी गई। यह डिस्चार्ज दिल्ली हाईकोर्ट के 21 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में किया गया, जिसके तहत उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आगे के उपचार की अनुमति दी गई।
डिस्चार्ज के समय स्वास्थ्य की स्थिति
डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर्स (Vital Parameters) स्थिर पाए गए। हालांकि, डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें अब भी पैनसाइटोपेनिया (Pancytopenia) की समस्या बनी हुई है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य से कम हो जाती है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार उनका सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया।
इलाज के सभी दस्तावेज मेदांता टीम को सौंपे गए
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बेहतर और निर्बाध इलाज (Continuity of Care) सुनिश्चित करने के लिए सोनम वांगचुक की सभी मेडिकल रिपोर्ट्स, जांच रिपोर्ट, उपचार संबंधी दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड मेदांता अस्पताल से आई डॉक्टरों की टीम को सौंप दिए गए हैं।
#WATCH | Haryana | Ambulance carrying Activist Sonam Wangchuk reaches Medanta Hospital in Gurugram after the Delhi High Court allowed him to be shifted to the private hospital. pic.twitter.com/9WqXSwVDya
— ANI (@ANI) July 21, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुआ ट्रांसफर
इससे पहले सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उनके परिवार और वकीलों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी थी। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दी। अदालत के आदेश के बाद अब उनका आगे का उपचार मेदांता के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा।
समर्थकों की बनी हुई है नजर
लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर उनके समर्थकों और देशभर के लोगों की नजरें बनी हुई हैं। डॉक्टरों की टीम अब उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगी।
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