मध्य नाइजीरिया में रात भर हुए हमले में लगभग 30 लोगों की मौत, स्थानीय मीडिया का दावा
नाइजीरिया के मध्य राज्य प्लेटो में बंदूकधारियों के एक समूह ने रात में एक समुदाय पर हमला किया, जिसमें लगभग 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को इसका दावा किया. वैनगार्ड अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब भारी हथियारों से लैस बंदूकधारियों ने मंगू लोकल गवर्नमेंट एरिया के बिनपर समुदाय में घर-घर जाकर लोगों पर हमला किया. यह हमला सोमवार रात और मंगलवार सुबह के बीच हुआ. अखबार ने हमले में बचे लोगों के हवाले से यह जानकारी दी.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीद डेनियल मूसा ने बताया, "बंदूकधारियों ने सो रहे लोगों के दरवाजे खोले और उनकी हत्या कर दी."
एक अन्य निवासी जॉयस पामा ने फोन पर सिन्हुआ को बताया कि मंगलवार सुबह दफनाने से पहले लगभग 30 शव बरामद किए गए थे. स्थानीय मीडिया ने बताया कि हमले के बाद कुछ निवासी लापता हैं, जबकि समुदाय के नेता लोगों की गिनती कर रहे हैं.
अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. प्लेटो राज्य नाइजीरिया के 'मिडिल बेल्ट' में स्थित है, जो देश के ज्यादातर मुस्लिम आबादी वाले उत्तर और ज्यादातर ईसाई आबादी वाले दक्षिण को जोड़ता है.
हाल के वर्षों में इस राज्य में बार-बार हिंसा हुई है, जिसमें अक्सर अलग-अलग समुदायों के बीच जमीन और संसाधनों को लेकर विवाद शामिल रहे हैं.
पिछले सप्ताह, नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य केब्बी में सुरक्षा बलों और संदिग्ध डकैतों के बीच हुई गोलीबारी में कुल 29 लोग मारे गए, जिनमें 10 पुलिसकर्मी और दो आम नागरिक शामिल थे.
केब्बी राज्य पुलिस ने एक बयान में कहा कि सोमवार शाम पड़ोसी जमफारा राज्य से आ रहे मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों को राफिन मकुकु इलाके में सुरक्षा बलों ने रोका, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में 17 डकैत मारे गए.
बयान में कहा गया है कि कुछ बंदूकधारी गोली लगने के बावजूद घटनास्थल से भाग निकले, जिससे डकैतों के बीच मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. बंदूकधारियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही चार मोटरसाइकिलें भी बेकार हो गईं.
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी के दौरान दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए. उन्होंने मारे गए पुलिसकर्मियों को 'बहादुर जवान' बताया, जिन्होंने 'राज्य के लोगों की रक्षा करते हुए अपनी जान दे दी.'
नाइजीरिया को कई तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें आतंकवाद, अपहरण, डकैती, सशस्त्र उग्रवाद, छोटे और हल्के हथियारों का प्रसार और किसानों व पशुपालकों के बीच संघर्ष शामिल हैं.
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
गुजरात: पालीताना तीर्थ स्थल पर शेरों पर नजर रखने के लिए चार वॉच टावर और ड्रोन की योजना
गांधीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को कहा कि वन विभाग एशियाई शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर ड्रोन, ट्रैकिंग टीमें और नए वॉच टावर तैनात करेगा।
गांधीनगर में मोढवाडिया की अध्यक्षता में श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी के जैन नेताओं के साथ हुई बैठक में भावनगर जिले के इस प्रमुख जैन तीर्थ स्थल पर बार-बार शेरों के देखे जाने के बाद इन उपायों पर चर्चा की गई। इस बैठक में राज्य मंत्री प्रवीण माली भी मौजूद थे।
मोढवाडिया ने कहा कि ड्रोन, चार प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और चार प्री-फैब्रिकेटेड सेंटर-कम-केबिन का इस्तेमाल करके 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। पहाड़ी पर पैदल जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए शेरों की गतिविधियों की लगातार ट्रैकिंग और स्कैनिंग भी की जाएगी।
मोढवाडिया ने कहा, वन विभाग ने पिछले एक साल में इस इलाके में शेरों की गतिविधियों को बारीकी से देखा और उनका विश्लेषण किया है।
उन्होंने कहा कि शेर आम तौर पर उकसाए जाने पर ही इंसानों पर हमला करते हैं, लेकिन परेशान या तंग किए जाने पर ऐसा कर सकते हैं। जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने तीर्थयात्रियों को सलाह दी कि वे सूरज उगने के बाद चढ़ाई शुरू करें और सूरज डूबने से पहले अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर लें।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस इलाके को साइलेंट जोन घोषित करने पर विचार करेगी।
उन्होंने कहा, शेरों की ट्रैकिंग और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को अस्थायी रूप से काम पर रखा जाएगा, साथ ही पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए चढ़ाई को आसान बनाने के लिए तीर्थयात्रा मार्ग की मरम्मत की जाएगी।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आने वाले समय में प्रस्तावित व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लागू करने का निर्देश दिया।
बैठक में जन जागरूकता और समन्वय, वन और वन्यजीव संरक्षण, बुनियादी ढांचा और आवास प्रबंधन, शेर की ट्रैकिंग और स्कैनिंग, सीढ़ियों वाले प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और सेंटर-कम-केबिन, मानव संसाधन और क्षमता निर्माण, ड्रोन तकनीक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, साइलेंट जोन की संभावना और 6 गौ यात्रा जैसी विशेष गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
वन विभाग ने सुरक्षा के प्रस्तावित उपाय पेश किए। अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पिछले एक साल में शत्रुंजय पहाड़ी के आसपास शेरों की मौजूदगी और गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी है।
यह कदम तीर्थयात्रा मार्ग के आसपास शेरों के देखे जाने की घटनाओं पर बढ़ते ध्यान के बाद उठाया गया है। हाल के महीनों में शत्रुंजय पहाड़ी और उसके आस-पास एशियाई शेर देखे गए हैं, जिनमें जून में पहाड़ी पर शेर का दिखना भी शामिल है।
मोढवाडिया ने शत्रुंजय पहाड़ी पर पिछली फागन फेरी के दौरान वन विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया और कहा कि जैन समुदाय के लोगों ने इसकी तारीफ की थी।
श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी के प्रतिनिधियों ने कहा कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के मामलों में वन विभाग के साथ काम करने का उनका अनुभव हमेशा अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने तीर्थयात्रियों से लगातार अपील की है कि वे अनुशासन और शांति के साथ अपनी यात्रा करें और वन्यजीवों को परेशान न करें।
उन्होंने कहा, जरूरत पड़ने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मदद के लिए हमेशा मौजूद रहे हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







