Dabholkar case: Bombay High Court ने आरोपी सचिन अंदुरे को दी जमानत
बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की 2013 में हुई हत्या के मामले में अभियुक्त सचिन अंदुरे की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी तथा उसे जमानत दे दी। उच्च न्यायालय ने कहा कि कि उसके खिलाफ सबूत ‘बहुत कमजोर हैं’ और उसे भी बरी किया जा सकता है। न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिन्हा भोंसले की खंडपीठ ने कहा कि चश्मदीद गवाहों ने आठ साल बाद अंदुरे की पहचान की।
खंडपीठ ने अपराध में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी से जुड़ी खामियों की ओर इशारा किया। उच्च न्यायालय के फैसले में कहा गया, ‘‘इस मामले में गिरफ़्तारी के बाद से ही आवेदक कमजोर सबूतों के आधार पर लगभग छह साल से हिरासत में है, इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।’’ उच्च न्यायालय ने अंदुरे को 50,000 रुपये का निजी मुचलका भरने का आदेश दिया। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक 67 वर्षीय दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में सुबह की सैर के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
आरंभ में, इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की थी, लेकिन उनकी बेटी मुक्ता दाभोलकर की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने के बाद, 2014 में जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि अंदुरे हमलावरों में से एक था। दस मई 2024 को, एक सत्र अदालत ने दाभोलकर की हत्या के मामले में अंदुरे और शरद कालस्कर को दोषी ठहराया था तथा उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी।
हालांकि, उन्हें गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में मामले में गवाहों के बयानों को ‘बहुत कमज़ोर’ बताते हुए कहा कि मामले के दो चश्मदीद गवाहों ने गोलीबारी के लगभग आठ साल बाद पहली बार अंदुरे की पहचान की थी, जो पहचान के लिए बहुत लंबा समय है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और बैलिस्टिक विशेषज्ञ की राय को लेकर भी कुछ कमियां हैं।
खंडपीठ ने कहा कि अंदुरे के बरी होने की अच्छी संभावना है, क्योंकि उसके खिलाफ सबूत बहुत कमज़ोर हैं। अंदुरे पर सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पानसरे की हत्या के मामले में भी मुकदमा चल रहा है। वह अब जेल से बाहर आ सकता है क्योंकि उसे दोनों मामलों में ज़मानत मिल गई है।
अंदुरे ने अपनी सज़ा को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी और एक अंतरिम अर्जी में जमानत देने तथा अपनी उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। उच्च न्यायालय ने मंगलवार को इस अर्ज़ी को मंज़ूरी दे दी। दाभोलकर की बेटी मुक्ता ने भी उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसमें अंदुरे तथा कालस्कर के खिलाफ यूएपीए के तहत आरोप न लगाने को चुनौती दी गई थी।
Priyanka Gandhi ने Himachal के मंडी के छात्रों को भेजा संदेश, संवैधानिक मूल्यों की सीख दी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उन्हें स्कूलों में संवैधानिक मूल्यों, समानता एवं भाईचारे की भावना के बारे में पढ़ना चाहिए तथा उनकी अहमियत समझनी चाहिए। प्रियंका ने ये बातें हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में देवरी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन में कक्षाएं शुरू होने के अवसर पर छात्रों के लिए जारी अपने संदेश में कहीं। यह विद्यालय अगस्त 2023 में आई भीषण बाढ़ में बह गया था।
प्रियंका ने विनाशकारी बाढ़ को याद करते हुए कहा कि सभी ने हिम्मत के साथ इस आपदा का सामना किया। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और भविष्य में स्कूल का दौरा करने का वादा किया। प्रियंका ने बाढ़ के बाद 12 सितंबर 2023 को देवरी की यात्रा की थी।
मंगलवार को उन्हें स्कूल का दौरा करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने स्कूल में कक्षाएं शुरू होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए प्रियंका का संदेश पढ़कर सुनाया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित किया।
सुक्खू ने कहा कि प्रियंका व्यक्तिगत रूप से देवरी आना चाहती थीं, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम टालना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह (प्रियंका) सितंबर में छात्रों से मिलेंगी।
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