EPFO Vishwas 2026 Scheme: पीएफ विवाद सुलझाने के लिए शुरू हुई 'विश्वास योजना', जानिए किसे मिलेगा फायदा
EPFO Vishwas 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने अपने खाताधारकों और नियोक्ताओं को एक बड़ी राहत दी है. लंबे समय से अटके पीएफ विवादों को सुलझाने के लिए संगठन ने एक बेहद खास और नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल की मदद से कई सालों से लंबित उन मामलों का निपटारा करना है, जो भारी जुर्माने और हर्जाने की वजह से फंसे हुए हैं. अक्सर देखा जाता है कि कागजी कार्रवाई और कानूनी पेचीदगियों के कारण पीएफ से जुड़े मामले सालों तक अदालतों या सरकारी दफ्तरों में लटके रहते हैं. इससे न केवल कंपनियों का नुकसान होता है, बल्कि कर्मचारियों को भी समय पर उनका हक नहीं मिल पाता है. इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे करोड़ों लोगों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है.
जानिए क्या है विश्वास योजना?
बीते कई सालों से जुर्माने और हर्जाने की वजह से ईपीएफओ के कई महत्वपूर्ण मामले फंसे हुए हैं. इन उलझे हुए मामलों को सुलझाने के लिए विश्वास योजना की शुरुआत की गई है. यह मूल रूप से एक वन-टाइम सेटलमेंट योजना है, जो विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने का मौका देती है. श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है. इसका मतलब यह है कि कंपनियां खुद आगे बढ़कर अपने विवादों को सुलझा सकती हैं. पीएफ से संबंधित हर्जाने और जुर्माने के मामले कानूनी पेचीदगियों के कारण बरसों-बरस खिंचते रहते हैं, जिससे न केवल नियोक्ताओं का समय और संसाधन नष्ट होते हैं, बल्कि कर्मचारियों के हितों पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है. इसलिए इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े.
EPFO ने प्रोफाइल फोटो अपडेट करना किया जरूरी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सभी सदस्यों के लिए पोर्टल पर प्रोफाइल फोटो अपडेट करना जरूरी कर दिया है। अगर फोटो अपलोड नहीं होगी, तो ई-नॉमिनेशन पूरा नहीं हो पाएगा। ई-नॉमिनेशन के बिना पीएफ निकासी का दावा भी अटक सकता है। EPFO का कहना है कि प्रोफाइल फोटो सदस्य की डिजिटल पहचान का अहम हिस्सा है। इसलिए आधार, पैन, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी भी सही और अपडेट होनी चाहिए, ताकि पीएफ ट्रांसफर, निकासी और पेंशन जैसी सेवाओं में कोई परेशानी न हो।
इसके साथ ही EPFO ने नया नियम भी लागू किया है। अब कर्मचारी अपने पीएफ खाते की पूरी राशि आंशिक निकासी में नहीं निकाल सकेंगे। खाते में जमा कुल रकम का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा हर हाल में खाते में रखना होगा। यानी केवल बची हुई 75 प्रतिशत राशि में से ही नियमों के अनुसार आंशिक निकासी की जा सकेगी।
विवादों को सुलझाने का नया तरीका
ईपीएफओ का स्पष्ट मानना है कि विवादों को लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय सुलह और आपसी सहमति से हल करना सभी पक्षों के लिए फायदेमंद है. जब कोई मामला कोर्ट में जाता है, तो उसमें पैसों के साथ-साथ समय की भी भारी बर्बादी होती है. नई योजना के तहत ईपीएफओ ने नियोक्ताओं को एक मंच दिया है, जहां वे अपने पुराने बकाए और जुर्माने से जुड़े मामलों को बैठकर साफ कर सकते हैं. इस प्रक्रिया से जहां एक तरफ कंपनियों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों का फंसा हुआ पैसा भी जल्दी रिलीज हो सकेगा. यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शिता पर आधारित है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी खत्म हो जाती है.
सीमित समय के लिए खुला है मौका
मंत्रालय की सूचना के मुताबिक, ईपीएफओ की यह स्कीम उनतीस जून से प्रभावी हो गई है और आने वाले अगले छह महीने तक पूरी तरह लागू रहेगी. अगर आपका भी कोई क्लेम हर्जाने या किसी तकनीकी वजह से पेंडिंग है, तो आप इस तय समय सीमा के अंदर उसे आसानी से निपटा सकते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी यह योजना पूरी तरह से फ्री है, यानी इसके लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. हालांकि, अगर कोई इस छह महीने की अवधि में अपने मामलों का निपटारा नहीं कर पाता है, तो उसके बाद इसके लिए भारी फीस चुकानी पड़ सकती है. इसलिए जानकार मान रहे हैं कि यह कंपनियों और कर्मचारियों के लिए अपनी पुरानी फाइलों को बंद करने का सबसे अच्छा मौका है.
नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को लाभ
इस नई पहल से व्यापार जगत को एक बड़ी राहत मिली है. कई छोटी और बड़ी कंपनियां पुराने पीएफ विवादों के कारण सरकारी कार्रवाई के डर में रहती थीं. अब वे बिना किसी डर के इस योजना का लाभ उठाकर अपने रिकॉर्ड को साफ कर सकती हैं. जब कंपनियों के विवाद खत्म होंगे, तो इसका सीधा सकारात्मक असर वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर पड़ेगा. कर्मचारियों के पीएफ खातों में फंसा हुआ पैसा बिना किसी रुकावट के ट्रांसफर हो सकेगा और वे रिटायरमेंट के समय या जरूरत पड़ने पर अपनी गाढ़ी कमाई का इस्तेमाल कर सकेंगे. सरकार की इस पहल को ईपीएफओ के इतिहास में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
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Momentum Stocks: पीएनबी, Ashima, अभिषेक इंटीग्रेशन में 4% तक की तेजी, C2C एडवांस्ड सिस्टम 14% धड़ाम
Momentum Stocks: बाजार में बड़े ट्रिगर्स की कमी के बावजूद 20 जुलाई को कई शेयरों ने चुपचाप ध्यान खींचा. टेक्निकल ब्रेकआउट, मजबूत प्राइस एक्शन और लगातार बनी खरीदारी की दिलचस्पी इन शेयरों की तेजी की बड़ी वजह रही. जो शेयर्स चुने गए हैं वे अपने प्रमुख शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जो नजदीकी भविष्य में पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत देता है.
1. Punjab National Bank
PNB के शेयर 4.28% की बढ़त के साथ 111.15 रुपये पर पहुंच गए. स्टॉक अपने 30-दिन के SMA 106.59 रुपये और 50-दिन के SMA 105.66 रुपये से ऊपर कारोबार कर रहा है. हालांकि यह अभी भी 150-दिन के SMA 114.25 रुपये और 200-दिन के SMA 115.46 रुपये से नीचे है. इसका मतलब यह है कि शॉर्ट टर्म में मोमेंटम बेहतर हुआ है, लेकिन लॉन्ग टर्म ट्रेंड में वापसी अभी बाकी है.
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2. Ashima
अशीमा के शेयर 4.10% चढ़कर 16 रुपये पर आ गए. स्टॉक 30-दिन के SMA 15.37 रुपये और 50-दिन के SMA 15.79 रुपये से ऊपर है. 150-दिन के SMA के आसपास कारोबार हो रहा है, लेकिन 200-दिन के SMA 17.26 रुपये से अभी नीचे है. यह बताता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है, लेकिन लॉन्ग टर्म सुधार की अभी गुंजाइश बची है.
3. Abhishek Integrations
अभिषेक इंटीग्रेशंस 4.08% की बढ़त के साथ 39.75 रुपये पर पहुंचा. यह 30-दिन के SMA 38.19 रुपये और 50-दिन के SMA 38.08 रुपये से ऊपर है. हालांकि 150-दिन के SMA 40.66 रुपये और 200-दिन के SMA 47.05 रुपये से काफी नीचे बना हुआ है. नजदीकी अवधि में खरीदारी तो बढ़ी है, लेकिन लॉन्ग टर्म के लिहाज से अहम रेजिस्टेंस स्तर अभी काफी दूर हैं.
गिरावट वाले शेयर
कुछ शेयरों पर बिकवाली का दबाव साफ दिखा. इनकी पोजिशनिंग और निगेटिव प्राइस मूवमेंट सतर्क बाजार सेंटीमेंट की तरफ इशारा करते हैं.
1. C2C Advanced Systems
सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स 13.97% की जोरदार गिरावट के साथ 335.15 रुपये पर आ गया. स्टॉक अपने 30-दिन के SMA 389.56 रुपये, 50-दिन के SMA 402.36 रुपये, 150-दिन के SMA 414.24 रुपये और 200-दिन के SMA 472.85 रुपये. सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से काफी नीचे है. यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म दोनों में लगातार कमजोरी का साफ संकेत है.
2. KSR Footwear
केएसआर फुटवेयर 3.91% फिसलकर 30.01 रुपये पर आ गया. यह 30-दिन के SMA 31.23 रुपये, 50-दिन के SMA 32.98 रुपये और 150-दिन के SMA 30.31 रुपये से नीचे है. 200-दिन का SMA उपलब्ध नहीं होने से लॉन्ग टर्म ट्रेंड का पूरा आकलन मुश्किल है. लेकिन शॉर्ट और मीडियम टर्म के सभी प्रमुख एवरेज से नीचे होना बेयरिश मोमेंटम का संकेत देता है.
3. Venus Remedies
वीनस रेमेडीज 3.31% गिरकर 1,707.10 रुपये पर आ गया. स्टॉक 30-दिन के SMA 1,765.47 रुपये से नीचे है जो शॉर्ट टर्म कमजोरी दर्शाता है. हालांकि यह 50-दिन के SMA 1,506.45 रुपये, 150-दिन के SMA 1,048.67 रुपये और 200-दिन के SMA 919.25 रुपये से काफी ऊपर बना हुआ है. यानी हालिया गिरावट के बावजूद मीडियम से लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है.
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52-हफ्ते के नए हाई पर पहुंचे ये शेयर
मिले-जुले बाजार संकेतों के बीच कई शेयरों ने 52-हफ्ते का नया हाई छुआ, जो लगातार बनी खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है. इनमें हिमाद्री स्पेशियलिटी, सोलर इंडस्ट्रीज, गुजरात फ्लोरो, जाइडस वेलनेस, सोना बीएलडब्ल्यू और एक्साइड इंडस्ट्रीज के नाम शामिल हैं. वहीं, लोअर सर्किट की बात करें तो एक्वेलॉन नेक्सस और ग्लोबल सर्फेसेज लोअर सर्किट में बंद हुए, जो भारी बिकवाली और नजदीकी अवधि में बेयरिश सेंटीमेंट का साफ संकेत है.
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के मकसद से है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
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