US Iran War Updates: अमेरिका ने लगातार 9वीं रात की भारी बमबारी, दहल उठा ईरान का चाबहार, बुशेहर और तबरीजर शहर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया और बहुत बड़ा मोर्चा खोल दिया। यह लगातार नौवीं ऐसी रात है जब अमेरिकी फाइटर जेट्स और खतरनाक मिसाइलों ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है।
सेंटकॉम ने आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया है कि इन हमलों का एकमात्र मकसद होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
CENTCOM began conducting a new wave of strikes against Iran at 7 p.m. ET today for the ninth consecutive night. The strikes will continue degrading Iranian military capabilities used to attack commercial vessels and civilian mariners transiting the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 19, 2026
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 20, 2026
ईरान पर भीषण अमेरिकी हमला और कनाडा को ट्रम्प की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश के वीर सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए ईरान पर भीषण बमबारी का ऐलान किया है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इन महान देशभक्तों के सम्मान में ईरान पर दोबारा बहुत जोरदार हमला किया है, ताकि तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोका जा सके।
US President Donald Trump says US strikes on Iran are aimed at preventing Tehran from developing a nuclear weapon.
— Al Jazeera Breaking News (@AJENews) July 20, 2026
Trump also addressed Canadian wildfire smoke affecting parts of the US, warning Canada may face pressure over the damage caused. pic.twitter.com/dG2KXoTsfR
राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस जवाबी कार्रवाई में ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह तबाह हो चुका है और समुद्री जलडमरूमध्य पर अब अमेरिका का नियंत्रण है। इसके साथ ही ट्रम्प ने कनाडाई जंगलों की आग से उठने वाले धुएं का भी जिक्र किया, जिससे अमेरिका प्रभावित हुआ है, और चेतावनी दी कि इस नुकसान के लिए कनाडा को भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलना होगा।
तबरीज और चाबहार धमाकों से दहले
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज सहित कई बेहद रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। वहीं ईरानी मीडिया ने दक्षिणी प्रांत होर्मोज्गान और बुशेहेर में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की पुष्टि की है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है।
The US said it had completed an eighth straight night of attacks against Iran after earlier announcing that two US military personnel were killed in Jordan, while US allies in the region reported more Iranian attacks https://t.co/h3t2gBlMVk pic.twitter.com/IhSZ2nOYAc
— Reuters (@Reuters) July 19, 2026
Iran launched fresh attacks on U.S. Gulf allies and Jordan on July 18, marking another escalation in the regional conflict following a seventh consecutive night of U.S. strikes on Iranian military targets. pic.twitter.com/xGi2dD73sn
— New York Post (@nypost) July 19, 2026
मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार में भी कई भीषण विस्फोट हुए, जिसके बाद आनन-फानन में कोनारक क्षेत्र में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। इन चौतरफा हवाई हमलों से पूरे ईरान के रक्षा तंत्र और सैन्य मोर्चे पर भारी खलबली मच गई है।
होर्मुज में व्यापारिक जहाज जलकर खाक
इस भीषण गोलाबारी के बीच ब्रिटिश सेना और नौसेना की ओर से एक बेहद चिंताजनक इनपुट साझा किया गया है। ओमान के तट के करीब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़े व्यापारिक जहाज में भीषण आग लग गई है और वह धू-धू कर जल रहा है। हालांकि आग लगने की मुख्य वजह और जहाज की पहचान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सैन्य विशेषज्ञों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि यह जहाज ईरान या अमेरिका समर्थित बलों के सीधे हमले का शिकार हुआ है।
इस बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए बहरीन की राजधानी मनामा स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए हाई-लेवल सुरक्षा अलर्ट जारी कर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
Tapti Jayanti 2026: आज मनाई जा रही ताप्ती जयंती, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
सनातन परंपरा में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है और उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। आज आषाढ़ शुक्ल सप्तमी के अवसर पर ताप्ती जयंती मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ताप्ती सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन हैं। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और सूर्य दोष से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है।
ताप्ती जयंती का धार्मिक महत्व
ताप्ती नदी का उद्गम मध्य प्रदेश की सतपुड़ा पर्वतमाला से होता है और यह गुजरात के खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है। धार्मिक ग्रंथों में ताप्ती नदी को पापों का नाश करने वाली और कल्याणकारी नदी बताया गया है। मान्यता है कि ताप्ती माता का स्मरण मात्र भी शुभ फल प्रदान करता है।
ताप्ती जयंती 2026 का शुभ मुहूर्त
ताप्ती जयंती के दिन सूर्योदय से दोपहर तक पूजा करना शुभ माना गया है। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 बजे से 1:11 बजे तक चूंकि आज सोमवार भी है, इसलिए भगवान शिव की पूजा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।
ताप्ती जयंती पूजा विधि
- सुबह स्नान करें। यदि ताप्ती नदी में स्नान संभव न हो तो जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
- मां ताप्ती के चित्र या प्रतीक स्वरूप की पूजा करें।
- हल्दी, अक्षत, कुमकुम, पीले फूल और कपूर अर्पित करें।
- फल, हलवा और अन्य सात्विक प्रसाद का भोग लगाएं।
- चुनरी अर्पित कर ताप्ती माता की कथा का पाठ करें।
- आरती के बाद दीपदान करें।
- घर के मुख्य द्वार या तुलसी के पास दीपक जलाएं।
मां ताप्ती की पौराणिक कथा
स्कंद पुराण के अनुसार, सूर्य देव का तेज इतना प्रचंड हो गया था कि धरती और देवलोक दोनों उसके प्रभाव से परेशान हो गए। तब सूर्य देव ने अपने ताप को शांत करने के लिए उसे एक पवित्र जलधारा के रूप में प्रवाहित किया। सूर्य के इसी ‘ताप’ से माता ताप्ती का जन्म हुआ और इसी कारण उनका नाम ‘तापी’ या ‘ताप्ती’ पड़ा।
ताप्ती जयंती पर क्या है मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन ताप्ती माता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और सूर्य ग्रह से जुड़े दोषों के प्रभाव को कम करने की भी मान्यता है। श्रद्धालु इस दिन दान-पुण्य और नदी पूजन कर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

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