UP News: बाराबंकी को CM योगी देंगे बड़ी सौगात, 542 करोड़ से अधिक की विकास परियोजना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बाराबंकी जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह जिले को 542 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. मुख्यमंत्री रामनगर और दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.
22 नई परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर के पीछे बने प्रांगण में आयोजित होगा. यहां से वह दोनों विधानसभा क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामनगर विधानसभा क्षेत्र में 104 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि 178 करोड़ रुपये से अधिक की 22 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
12 परियोजनाओं का लोकार्पण
वहीं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में 29 करोड़ रुपये से अधिक की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण और 231 करोड़ रुपये से अधिक की 34 परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा. इस प्रकार दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 82 परियोजनाओं पर काम शुरू होगा या उनका लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 542 करोड़ रुपये से अधिक है.
रावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे
कार्यक्रम में कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, जिला पंचायत प्रशासक राजरानी रावत, विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और उमेश द्विवेदी, विधायक सकेंद्र प्रताप वर्मा (कुर्सी), दिनेश रावत (हैदरगढ़), रामचंद्र यादव (रुदौली) तथा उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.
200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) मुख्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया. 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस अत्याधुनिक भवन का उद्घाटन करने के साथ उन्होंने प्राधिकरण की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया और परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन कर आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जानकारी ली.
जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई
मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर एसडीआरएफ, पीएसी और अग्निशमन सेवा के उन आठ कर्मियों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस क्षेत्र में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने भविष्य में अन्य विभागों के उत्कृष्ट कर्मियों, नाविकों और मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान लोगों की जान बचाने वाले बहादुर नागरिकों को भी सम्मानित करने की बात कही.
विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा
मुख्यमंत्री के बाराबंकी दौरे को जिले के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
DA Hike 2026: जुलाई में नहीं तो कब बढ़ेगा महंगाई भत्ता? जानिए 1 करोड़ कर्मचारियों-पेंशनर्स की कितनी बढ़ेगी सैलरी
DA Hike 2026: जुलाई का महीना आधे से ज्यादा गुजर चुका है, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance-DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. हर साल जुलाई से लागू होने वाले महंगाई भत्ते का इंतजार इस बार भी करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख से ज्यादा पेंशनर्स कर रहे हैं.
बढ़ती महंगाई के बीच सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है. अगर जुलाई में घोषणा नहीं होती है, तो सवाल उठ रहा है कि आखिर कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते की खुशखबरी कब मिलेगी.
क्यों नहीं हुआ अभी तक फैसला?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर लिया जाता है. इसके लिए जनवरी से जून तक के छह महीनों का डेटा अहम माना जाता है. फिलहाल जून महीने के आधिकारिक आंकड़े पूरी तरह जारी नहीं हुए हैं. यही वजह है कि सरकार ने अभी तक नए महंगाई भत्ते पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. जैसे ही जून के आंकड़े सामने आएंगे, उसके बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा सकता है और मंजूरी मिलने के बाद नए DA का ऐलान किया जाएगा.
इस बार कितनी बढ़ सकती है DA की दर?
अब तक सामने आए AICPI के आंकड़ों के आधार पर माना जा रहा है कि इस बार महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. मार्च में इंडेक्स 149.1, अप्रैल में 149.9 और मई में 150.8 दर्ज किया गया था. वहीं अनुमान है कि जून का इंडेक्स करीब 151.7 तक पहुंच सकता है. अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी मिल सकती है. अगर सरकार 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है, तो मौजूदा 60 प्रतिशत DA बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा. वहीं अगर 4 प्रतिशत बढ़ोतरी होती है, तो DA 64 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगा.
अगर जुलाई में घोषणा नहीं हुई तो कब मिलेगा नया DA?
सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है. पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से लागू होता है. लेकिन इसका ऐलान अक्सर कुछ महीने बाद किया जाता है. पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो जुलाई वाले DA का ऐलान सितंबर, अक्टूबर या नवंबर में किया गया है. ऐसे में अगर इस महीने घोषणा नहीं होती है, तो संभावना है कि सरकार त्योहारी सीजन यानी अक्टूबर या नवंबर में इसका ऐलान कर सकती है. इस साल दिवाली नवंबर में है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि सरकार त्योहार से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दे सकती है.
देरी होने पर भी नहीं होगा नुकसान
अगर सरकार अक्टूबर या नवंबर में DA बढ़ाती है, तब भी कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि महंगाई भत्ते की नई दर 1 जुलाई 2026 से ही लागू मानी जाएगी. यानी घोषणा भले ही बाद में हो, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई से लेकर घोषणा की तारीख तक का पूरा एरियर (बकाया) भी मिलेगा. इस वजह से कर्मचारियों को सिर्फ कुछ समय इंतजार करना होगा, लेकिन आर्थिक नुकसान नहीं होगा.
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को मिलेगा. इसमें रेलवे, रक्षा, डाक विभाग, केंद्रीय मंत्रालयों और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं. रिटायर हो चुके केंद्रीय कर्मचारियों को भी महंगाई राहत (DR) के रूप में इसका फायदा मिलेगा. हर कर्मचारी को उसकी बेसिक सैलरी के हिसाब से अलग-अलग राशि का लाभ मिलेगा.
सैलरी और पेंशन पर कितना पड़ेगा असर?
महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है. जैसे-जैसे DA बढ़ता है, वैसे-वैसे कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी भी बढ़ जाती है. इसके अलावा भविष्य निधि (PF), पेंशन, ग्रेच्युटी और कुछ अन्य भत्तों पर भी इसका असर पड़ता है.
इस समय केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत DA मिल रहा है. इससे पहले सरकार ने अप्रैल में DA को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया था, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया गया था.
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार महंगाई भत्ते की गणना AICPI-IW के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर की जाती है.
सरकार हर साल दो बार DA में संशोधन करती है. पहला संशोधन जनवरी के लिए और दूसरा जुलाई के लिए होता है. हालांकि इनकी घोषणा आमतौर पर मार्च और अक्टूबर के आसपास की जाती है. इसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी जून के अंतिम आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है.
क्या है पूरी तस्वीर?
फिलहाल महंगाई भत्ते को लेकर अंतिम फैसला जून के AICPI आंकड़ों और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर है. हालांकि मौजूदा संकेत बताते हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस बार 3 से 4 प्रतिशत तक DA बढ़ने की उम्मीद है. अगर जुलाई में घोषणा नहीं भी होती है, तो भी संभावना है कि सरकार अक्टूबर या नवंबर में इसका ऐलान करेगी. अच्छी बात यह है कि नई दर जुलाई से ही लागू होगी और कर्मचारियों को पूरा एरियर भी मिलेगा. ऐसे में एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















